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ट्विशा केस-सास और पति 5 दिन की CBI रिमांड पर:आमने-सामने बैठाकर पूछताछ होगी; एक्ट्रेस के आखिरी घंटों का वर्चुअल रीक्रिएशन करेंगे

एक्ट्रेस और मॉडल ट्विशा शर्मा मौत मामले में सीबीआई ने शुक्रवार को सास रिटायर्ड जज गिरिबाला सिंह और पति समर्थ सिंह को स्पेशल कोर्ट में पेश किया। जांच एजेंसी ने दोनों की 5-5 दिन की पुलिस रिमांड मांगी, जिसे कोर्ट ने मंजूर कर लिया। आरोपी पक्ष के वकील ने भी रिमांड का विरोध नहीं किया। सीबीआई ने कोर्ट में पेश पीआर आदेश में कहा कि समर्थ सिंह और गिरिबाला सिंह जांच में सहयोग नहीं कर रहे हैं। एजेंसी के मुताबिक, दोनों के अलग-अलग बयानों में विरोधाभास सामने आया है। ऐसे में दोनों को आमने-सामने बैठाकर पूछताछ करना जरूरी है। सीबीआई ने यह भी कहा कि मामले से जुड़े अहम सबूत जुटाने के लिए दोनों आरोपियों की पुलिस रिमांड आवश्यक है। समर्थ सिंह पहले से 7 दिन की सीबीआई रिमांड पर था। शुक्रवार को रिमांड खत्म होने के बाद उसे दोबारा कोर्ट में पेश किया गया। दोपहर 12:34 बजे से 2:08 बजे तक दोनों आरोपी कोर्ट रूम में मौजूद रहे। इसके बाद सीबीआई टीम उन्हें अपने साथ लेकर रवाना हो गई। सूत्रों के मुताबिक, रिमांड के दौरान सीबीआई गिरिबाला सिंह और समर्थ सिंह को आमने-सामने बैठाकर पूछताछ करेगी। जांच एजेंसी समर्थ से यह भी पूछेगी कि फरारी के दौरान वह कहां रहा और किन लोगों के संपर्क में था। सीबीआई सूत्रों के अनुसार, जांच में अब ‘टनल व्यू इन्वेस्टिगेशन’ तकनीक का इस्तेमाल किया जाएगा। इसके तहत एजेंसी ट्विशा के आखिरी घंटों का वर्चुअल रीक्रिएशन तैयार कर रही है। इसका मकसद घटना से पहले और बाद की हर गतिविधि को मिनट-दर-मिनट समझना है, ताकि मौत से जुड़ी परिस्थितियों की पूरी तस्वीर सामने आ सके। देखिए, तीन तस्वीरें… पूर्व जज की गिरफ्तारी में अपनाई विशेष प्रक्रिया गिरिबाला सिंह की गिरफ्तारी के बाद सीबीआई ने नियमानुसार इसकी सूचना प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश को दी। मामला पूर्व न्यायिक अधिकारी से जुड़ा होने के कारण गिरफ्तारी की प्रक्रिया सामान्य मामलों से अलग और संवेदनशील मानी गई। सुप्रीम कोर्ट की गाइडलाइन के तहत सभी औपचारिकताएं पूरी करते हुए कार्रवाई आगे बढ़ाई गई। सूत्रों के अनुसार इस दौरान हाई कोर्ट से संपर्क का प्रयास भी किया गया, लेकिन तत्काल संपर्क नहीं हो पाया। ट्रायल किस कोर्ट में चलेगा, अभी स्थिति साफ नहीं भोपाल में सीबीआई मामलों की सुनवाई के लिए अलग से अधिसूचित नियमित अदालत नहीं है। यहां संचालित विशेष सीबीआई कोर्ट मुख्यतः आर्थिक अपराधों से जुड़े मामलों की सुनवाई करती है। ऐसे में ट्विशा शर्मा केस की नियमित सुनवाई किस अदालत में होगी, इस पर अब भी कानूनी स्तर पर विचार चल रहा है। फिलहाल इस संबंध में कोई आधिकारिक आदेश या अधिसूचना जारी नहीं की गई है। इधर, ऋषिकेश में ट्विशा की अस्थियां विसर्जित ट्विशा शर्मा के परिजन शुक्रवार को ऋषिकेश के त्रिवेणी घाट पहुंचे। यहां गंगा नदी में उनकी अस्थियों का विसर्जन किया गया। इस दौरान परिवार ने विधि-विधान से पूजा-अर्चना और अन्य धार्मिक रस्में निभाईं। पिता बोले- ट्विशा का ऋषिकेश और मां गंगा से गहरा लगाव था ट्विशा शर्मा के पिता नवनीधि शर्मा ने कहा, ट्विशा का ऋषिकेश और मां गंगा से गहरा लगाव था। वह घंटों तक गंगा किनारे बैठी रहती थी। इस जगह का उसके जीवन में विशेष महत्व था, इसलिए उसकी भावनाओं का सम्मान करते हुए हमने यहीं अस्थि विसर्जन करने का निर्णय लिया।” न्याय मिलने तक संघर्ष जारी रहेगा डिजिटल एविडेंस का इन्वेस्टिगेशन कर रही CBI 28 मई की सुबह साढ़े 10 बजे सीबीआई की टीम गिरिबाला सिंह के घर पहुंची थी। जहां एक कमरे में 7 घंटे से ज्यादा समय तक पूछताछ करने के बाद उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया था। जांच एजेंसी ने 25 मई की रात इस मामले में औपचारिक एफआईआर दर्ज की थी। बीते तीन दिन में सीबीआई ने पूरे घटनाक्रम की कड़ियां जोड़ने का प्रयास किया। स्पॉट वेरिफिकेशन के दौरान जांच एजेंसी को ऐसे संकेत मिले, जिनसे सबूतों से छेड़छाड़ की आशंका मजबूत हुई है। सीबीआई अब कॉल डिटेल रिकॉर्ड, टावर लोकेशन और डिजिटल एविडेंस का इन्वेस्टिगेशन कर रही है। जांच एजेंसी यह पता लगाने में जुटी है कि घटना की रात किन-किन लोगों से संपर्क किया गया था और मौत के बाद घटनास्थल पर क्या बदलाव किए गए? ट्विशा का डिजिटल अवतार तैयार किया जा रहा सूत्रों के मुताबिक, सीबीआई ने घर के भीतर ट्विशा के मूवमेंट का डिजिटल ट्रैक तैयार किया है। इसके लिए सीसीटीवी फुटेज, मोबाइल फोन डेटा, वाई-फाई लॉग, कॉल डिटेल रिकॉर्ड और कमरों की फॉरेंसिक मैपिंग को एक साथ जोड़ा जा रहा है। एजेंसी तीन मंजिला मकान के भीतर ट्विशा की आखिरी लोकेशन, आवाजाही और संपर्कों का क्रम तैयार कर रही है। सीबीआई जांच में ट्विशा का डिजिटल अवतार तैयार किया जा रहा है। इसके जरिए यह समझने की कोशिश होगी कि घटना से पहले वह घर के किस हिस्से में थी, कौन-कौन लोग किन कमरों में आए या बाहर गए और किस समय क्या गतिविधि हुई? जांच एजेंसी कैमरों के टाइमस्टैंप, मोबाइल एक्टिविटी और इंटरनेट उपयोग के समय का मिलान कर एक सिम्युलेटेड वर्चुअल वॉकथ्रू तैयार कर रही है। इससे घटना से पहले और बाद के समय में मौजूद गैप, संदिग्ध मूवमेंट और बयानों में विरोधाभास की जांच की जा सकेगी। 20 लाख के शेयर अपने नाम कराने का दबाव बनाते थे मां-बेटे जांच में सामने आया है कि ट्विशा ने कई कंपनियों के करीब 20 लाख रुपए के शेयर खरीद रखे थे। इन्हीं शेयरों को अपने नाम कराने के लिए पति समर्थ और सास गिरीबाला सिंह उस पर दबाव बनाते थे। ट्विशा के एडवोकेट अंकुर पांडे के मुताबिक, शादी के समय इन शेयरों की कीमत करीब 20 लाख रुपए थी। शादी के बाद ट्विशा वियतनाम गई थी। वहां से लौटने के बाद समर्थ और गिरीबाला को उसके नाम पर शेयर होने की जानकारी मिली। जांच में यह भी सामने आया है कि ट्विशा ने अपनी मां से फोन पर कहा था कि समर्थ और गिरीबाला दहेज की मांग को लेकर उससे हाथापाई करते हैं। दोनों बच्चे को लेकर भी उसे मानसिक रूप से प्रताड़ित करते थे। मामले के पल-पल अपडेट्स के लिए लाइव ब्लॉग से जरूर गुजर जाइए….

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