डिंडोरी में शहपुरा विधायक ओमप्रकाश धुर्वे और जिला पंचायत अध्यक्ष रुदेश परस्ते ने धान के एक ओपन कैंप का निरीक्षण किया। यहां करीब 50 ट्रक धान बारिश में खराब होती मिली। निरीक्षण का वीडियो भी सामने आया है। विधायक ने धान के खुले में रखे होने और समय पर मिलिंग के लिए नहीं भेजे जाने को लेकर अधिकारियों से चर्चा करने की बात कही। बारिश में मिली खराब धान विधायक धुर्वे ने बताया कि शुक्रवार को वे समर्थकों के साथ अमरपुर जनपद पंचायत के सिधौली गांव में जन विश्वास अभियान में शामिल होने जा रहे थे। रास्ते में धान का ओपन कैंप देखकर वे रुके और स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने बताया कि कैंप में करीब 50 ट्रक धान बारिश में खराब होती दिखाई दी, जबकि इससे अधिक मात्रा में धान पॉलीथीन के अंदर पैक थी। विधायक ने कहा कि किसानों से खरीदी गई धान को इस तरह असुरक्षित रखने से शासन के लाखों रुपए बर्बाद हो रहे हैं। उन्होंने धान को मिलिंग के लिए नहीं भेजे जाने पर भी सवाल उठाए। विधायक बोले- गरीबों को दे दी जाती तो बेहतर होता विधायक ने अधिकारियों से मामले में चर्चा करने की बात कही। उन्होंने कहा कि यदि यह धान किसी गरीब को दे दी जाती तो बेहतर होता। उन्होंने बताया कि कैंप में तीन चौकीदार तैनात हैं। कुछ धान को 2024 की, जबकि कुछ को इसी साल की बताया जा रहा है। अधिकारी बोले- पांच से छह साल पुरानी है धान डिप्टी कलेक्टर एवं प्रभारी अधिकारी वैद्यनाथ वासनिक ने बताया कि कैंप में रखी धान करीब पांच से छह साल पुरानी है। उनके अनुसार, इसकी खरीदी उस समय गोगरिन कंपनी ने की थी। धान का उस समय उठाव क्यों नहीं हुआ, इसकी जानकारी फिलहाल नहीं है। वासनिक ने बताया कि धान के निपटारे के लिए शासन को डीसीसी (डिस्पोजल ऑफ कॉन्डेम्ड कमोडिटी) का प्रस्ताव भेजा गया है। शासन से निर्देश मिलने के बाद धान की नीलामी कराई जाएगी या उसे गड्ढे में दबाया जाएगा।
