मध्यप्रदेश में रविवार को हवाई कनेक्टिविटी के विस्तार की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने राजा भोज एयरपोर्ट से भोपाल-रीवा, भोपाल-पटना, रीवा-कोलकाता और जबलपुर-कोलकाता की सीधी हवाई सेवाओं का शुभारंभ किया। इस दौरान केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री के. राममोहन नायडू, उप मुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल और अन्य जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी मौजूद रहे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि भोपाल-रीवा हवाई कनेक्टिविटी शुरू होने का लंबे समय से इंतजार था। उन्होंने बताया कि जब वे पर्यटन निगम के अध्यक्ष थे, तब भी भोपाल-रीवा हवाई सेवा शुरू करने के प्रयास हुए थे। अब नियमित उड़ान शुरू होने से विंध्य क्षेत्र को राजधानी से सीधा हवाई संपर्क मिल गया है। रीवा-भोपाल किराया 2700 से, 3500 रुपए तक कैपिंग कार्यक्रम में उप मुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल ने बताया कि रीवा से भोपाल का किराया करीब 2700 रुपए से शुरू होगा और इसे 3500 रुपए तक कैप किया गया है। वहीं रीवा-कोलकाता का किराया करीब 3700 रुपए से शुरू होकर अधिकतम करीब 5000 रुपए तक सीमित रखने की बात कही गई। उन्होंने कहा कि सस्ती हवाई सेवा से आम आदमी के लिए भी विमान यात्रा आसान होगी। नायडू बोले- 12 साल में सिविल एविएशन में अभूतपूर्व विस्तार केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री के. राममोहन नायडू ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में पिछले 12 वर्षों में देश के सिविल एविएशन सेक्टर में अभूतपूर्व विस्तार हुआ है। उन्होंने कहा कि पहले हवाई यात्रा कुछ लोगों तक सीमित मानी जाती थी, लेकिन उड़ान योजना ‘उड़े देश का आम नागरिक’ के जरिए इसे आम लोगों तक पहुंचाने का प्रयास किया गया।
नायडू ने कहा कि उड़ान योजना के तहत देश में करीब 90 एयरपोर्ट विकसित किए गए हैं। एयरक्राफ्ट का बेड़ा और यात्रियों की संख्या भी लगभग दोगुनी हुई है। छोटे शहरों में एयरपोर्ट बनने के बाद वहां पर्यटन, व्यापार, रोजगार और निवेश की संभावनाएं तेजी से बढ़ी हैं।
उन्होंने मध्यप्रदेश सरकार की एविएशन पॉलिसी की भी सराहना की। नायडू ने कहा कि केंद्र सरकार विमानन क्षेत्र में एक कदम आगे बढ़ रही है तो मध्यप्रदेश सरकार मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में दो कदम आगे बढ़ रही है। यही डबल इंजन सरकार की ताकत है। 2036 तक चलेगा मॉडिफाइड उड़ान कार्यक्रम विमानन सचिव समीर कुमार सिन्हा ने कहा कि छोटे शहरों और दूरदराज के क्षेत्रों को हवाई सेवा से जोड़ना सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री मोदी ने 4 जुलाई को मॉडिफाइड उड़ान योजना की शुरुआत की है, जो अगले 10 वर्षों तक चलेगी।
उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश में एयरस्ट्रिप और एयरपोर्ट की उपलब्धता को देखते हुए नए शहरों की पहचान की जा रही है। केंद्र सरकार, एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया और राज्य सरकार मिलकर ऐसे क्षेत्रों को हवाई नेटवर्क से जोड़ने का काम करेंगे। उन्होंने उम्मीद जताई कि आने वाले समय में अधिक एयरलाइंस मध्यप्रदेश में सेवाएं शुरू करेंगी। विंध्य के लिए बड़ा दिन: राजेंद्र शुक्ल उप मुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल ने कहा कि भोपाल-रीवा उड़ान विंध्य क्षेत्र के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि विंध्य में सीमेंट, बिजली, खनिज संपदा और पर्यटन की बड़ी संभावनाएं हैं, लेकिन लंबे समय तक क्षेत्र में सड़क, रेल और हवाई कनेक्टिविटी की कमी रही।
उन्होंने कहा कि रीवा एयरपोर्ट का 2023 में भूमिपूजन और 2024 में लोकार्पण हुआ। एयरपोर्ट बनने के बाद एयरलाइंस को आकर्षित करने में राज्य की एविएशन पॉलिसी महत्वपूर्ण साबित हुई। उन्होंने कहा कि हवाई कनेक्टिविटी अब लग्जरी नहीं, बल्कि निवेश, पर्यटन, व्यापार और रोजगार के लिए जरूरत बन गई है। MP में पांच नए एयरपोर्ट को मंजूरी मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि प्रदेश में एयर कनेक्टिविटी के विस्तार को लगातार गति मिल रही है। उन्होंने बताया कि दतिया, सतना और रीवा में एयरपोर्ट शुरू हो चुके हैं, जबकि उज्जैन और शिवपुरी को मंजूरी मिल चुकी है। मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम में प्रदेश के लिए पांच नए एयरपोर्ट की मंजूरी मिलने की जानकारी भी दी।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में मध्यप्रदेश को लगातार नई सौगातें मिल रही हैं और आने वाले समय में प्रदेश के कई शहर हवाई नेटवर्क से जुड़ेंगे। दो महीने बाद भोपाल से शारजाह उड़ान का दावा मुख्यमंत्री ने अंतरराष्ट्रीय कनेक्टिविटी का भी जिक्र किया। उन्होंने बताया कि इंदौर से अबूधाबी की उड़ान शुरू हो चुकी है। उन्होंने कहा कि भोपाल से भी अंतरराष्ट्रीय उड़ान की दिशा में काम आगे बढ़ रहा है और करीब दो महीने बाद भोपाल से शारजाह की उड़ान शुरू होने की उम्मीद है। इससे भोपाल से अंतरराष्ट्रीय यात्रा के लिए दिल्ली-मुंबई जैसे बड़े शहरों पर निर्भरता कम होगी। आयुष्मान कार्ड पर एयर एंबुलेंस सुविधा का भी जिक्र मुख्यमंत्री ने प्रदेश में एयर एंबुलेंस सुविधा का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि गंभीर मरीजों को आयुष्मान कार्ड के आधार पर एयर एंबुलेंस की सुविधा उपलब्ध कराने की व्यवस्था की गई है। जहां हवाई पट्टी उपलब्ध है, वहां विमान और जहां हवाई पट्टी नहीं है, वहां हेलीकॉप्टर के माध्यम से मरीजों को एयरलिफ्ट किया जा सकता है। इसके अलावा उज्जैन, इंदौर और ओंकारेश्वर में हेलीकॉप्टर सेवाओं का भी संचालन किया जा रहा है।
