अडानी ग्रुप के गुना में निवेश करने के बाद औद्योगिक माहौल में बदलाव आया है। देशी के शीर्ष उद्योगपतियों में शामिल गौतम अडानी ने गुना में निवेश किया तो छोटे निवेशक भी यहां का रुख करने लगे।मालवा का द्वार कहा जाने वाला गुना जिला अब मध्य प्रदेश के बड़े औद्योगिक हब के रूप में स्थापित होने जा रहा है। हाल ही में आयोजित इन्वेस्टर मीट में निवेशकों ने गुना की धरती पर जबरदस्त भरोसा दिखाया है। जिले के पिपरौदा खुर्द औद्योगिक पार्क में उद्योग लगाने के लिए निवेशकों द्वारा कुल 131 प्रस्ताव मिले हैं, जिनके जरिए 601.4 करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव (Intention to Invest) सौंपे गए हैं। इस महा-निवेश से न केवल जिले की अर्थव्यवस्था बुलेट ट्रेन की रफ्तार पकड़ेगी, बल्कि स्थानीय हजारों युवाओं के लिए रोजगार के नए द्वार खुलेंगे। विशेषज्ञों का मानना है कि अडानी जैसे बड़े समूह के कदम पड़ने से गुना की क्रेडिबिलिटी (साख) बढ़ी है, यही वजह है कि अब छोटे और मध्यम श्रेणी के एमएसएमई उद्योगपति भी यहां निवेश के लिए कतार में खड़े हैं। मावन: 1 हजार करोड़ का निवेश ग्राम मावन में अडानी ग्रुप द्वारा 1059 करोड़ रुपये के भारी-भरकम निवेश से सीमेंट ग्राइंडिंग यूनिट स्थापित की जा रही है। यह विशाल परियोजना मावन में 32.783 हेक्टेयर भूमि पर आकार ले रही है। इस यूनिट को हर साल 10 लाख टन उत्पादन क्षमता के साथ विकसित किया जा रहा है। रोजगार की बहार: इस अकेले प्रोजेक्ट से प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रूप से लगभग 500 लोगों को रोजगार मिलने की उम्मीद है। कृषि में हम मॉडल विकसित कर रहे हैं कि किसान 50 हजार रुपए नहीं, बल्कि 15 लाख रुपए प्रति एकड़ तक कमाए। सब्जी से पांच लाख, थाई अमरूद से 10 लाख और गुलाब पॉली हाउस से 15 लाख प्रति एकड़ आमदनी गुना में होने लगी है। अडानी समूह 1 हजार करोड़ के निवेश के बाद 600 करोड़ के और निवेश प्रस्ताव आए हैं।
-किशोर कन्याल, कलेक्टर, गुना
