मंदसौर जिला जेल में शुक्रवार रात कृष्ण जन्माष्टमी पर भक्ति और आस्था का अनोखा नजारा दिखा। जन्माष्टमी के लिए जेल को बिजली की रोशनी से दुल्हन की तरह सजाया गया था। जेल परिसर में भगवान श्रीकृष्ण से जुड़ी सुंदर झांकियां बनाई गईं, जिन्हें देखने और कान्हा के दर्शन के लिए जिलेभर से बड़ी संख्या में लोग पहुंचे। जेल में कंस वध, रासलीला और भगवान शिव की झांकियां लोगों के लिए खास आकर्षण का केंद्र रहीं। झूले में बैठे भगवान श्रीकृष्ण को झूला झुलाने के लिए भी भक्तों की लंबी लाइन लगी थी। हल्की बारिश के बावजूद लोगों की आस्था कम नहीं हुई और देर रात तक वे जेल आते रहे। मंदसौर जिला जेल में जन्माष्टमी पर झांकियां बनाने और उत्सव मनाने की यह परंपरा कई दशकों से चली आ रही है। जेल प्रशासन के मुताबिक, इसकी तैयारी हर साल करीब एक महीने पहले से शुरू हो जाती है। जन्माष्टमी की रात जिलेभर से लोग यहां झांकियां देखने और भगवान श्रीकृष्ण के दर्शन के लिए आते हैं। जेल अधीक्षक यशवंत मांझी ने बताया कि जिला जेल में कृष्ण जन्माष्टमी मनाने की परंपरा बहुत पुरानी है। इस बार भी सुंदर झांकियां तैयार की गई हैं। रात 12 बजे तक करीब 10 हजार लोगों के पहुंचने की संभावना है। आमतौर पर जेल में बंद कैदी भी जन्माष्टमी पर भगवान श्रीकृष्ण के दर्शन करते हैं। लेकिन इस बार सुरक्षा कारणों से उन्हें झांकियां देखने की इजाजत नहीं दी गई। भक्तों की भीड़ को देखते हुए जेल के बाहर पुलिसकर्मी तैनात किए गए थे और उन्होंने व्यवस्था संभाली। श्रद्धालुओं का कहना था कि धार्मिक मान्यताओं के अनुसार भगवान श्रीकृष्ण का जन्म जेल में हुआ था। इसी वजह से वे हर साल मंदसौर जेल में जन्माष्टमी पर होने वाली खास सजावट और झांकियां देखने यहां आते हैं।
