मध्य प्रदेश के अशोकनगर जिले में सोमवार को चार सगे भाइयों की कुएं में डूबने से मौत हो गई। चारों बच्चे 10 साल से कम उम्र के थे। सुबह घर से निकलने के बाद वे खेलते-खेलते गांव से करीब आधा किलोमीटर दूर खेतों की तरफ पहुंच गए थे। हादसा के विक्रमपुर गांव में हुआ है। पुलिस के मुताबिक, मृतकों की पहचान 9 साल के देव, त्रिदेव (7), महादेव (6) और प्रियंश (4) के रूप में की गई है। चारों विक्रमपुर निवासी बलवीर कुशवाहा के बेटे थे। सुबह से बच्चों को तलाश रही थी दादी बच्चों के पिता बलवीर कुशवाहा मजदूरी करते हैं। उनकी मां कुछ समय से अपने मायके में रह रही हैं। चारों बच्चे दादी के साथ रहते थे। सोमवार सुबह चारों बच्चे घर से निकले थे। काफी देर तक वापस नहीं लौटे तो दादी ने गांव में उनकी तलाश शुरू कर दी। दादी को पता नहीं था कि बच्चे गांव से बाहर खेतों की तरफ चले गए हैं। इसी दौरान ग्रामीण को खेत के पास स्थित कुएं में बच्चे का शव दिखाई दिया और हादसे का पता चला। पुराने घर में गए थे बच्चे, तभी कुएं के पास पहुंचे ग्रामीणों के मुताबिक, जिस जगह कुएं से बच्चों के शव मिले, वहां मृतकों का एक पुराना घर भी है। बच्चे अक्सर दादी के साथ यहां जाते थे। आशंका है कि सोमवार को भी चारों भाई खेलते हुए इसी तरफ पहुंचे होंगे। इसी दौरान वे कुएं के पास गए और हादसे का शिकार हो गए। कुएं में गिरने के बाद काफी देर तक किसी को घटना की जानकारी नहीं हो सकी। दोपहर करीब 2 बजे ग्रामीण की नजर कुएं में पड़े शव पर गई। इसके बाद परिवार और पुलिस को सूचना दी गई। पुलिस ने कुएं से शव निकलवाए सूचना मिलते ही चंदेरी पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने चारों बच्चों के शव कुएं से बाहर निकलवाए और चंदेरी सिविल अस्पताल पहुंचाया। शाम को चारों शवों का पोस्टमॉर्टम कराया गया। इसके बाद पुलिस ने शव परिजन को सौंप दिए। तहसीलदार दिलीप दरोगा ने बताया- खेत गांव से करीब 1.5 किलोमीटर दूर है। कुआं भी इसी निजी खेत में बना है। मृत बच्चों के परिजन को मुआवजा दिया जाएगा। मामले की जांच की जा रही है।
