छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में मुक्तिधाम में पालतू कुत्ते का अंतिम संस्कार किए जाने के मामले में नगर निगम ने टास्क कर्मचारी रेखा सिंह को पद से हटा दिया है। घटना तोरवा थाना क्षेत्र की है। आरोप है कि निगम कर्मचारी ने 2 हजार रुपए लेकर मुक्तिधाम में दाह संस्कार की अनुमति दी थी। इसका हिंदू संगठनों ने विरोध किया था। महापौर पूजा विधानी ने बताया कि पार्षद मोतीलाल गंगवानी ने उन्हें मामले की जानकारी दी थी, जिसके बाद तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए गए। वहीं, निगम कमिश्नर ने केयरटेकर पर पैसे लेने के आरोपों की जांच कराने की बात कही है। उन्होंने बताया कि निगम की ओर से पशुओं के अंतिम संस्कार की कोई अलग व्यवस्था नहीं है। मृत पशुओं को स्वच्छता विभाग के कर्मचारी डंपिंग यार्ड ले जाकर दफनाते हैं। देखिए पहले ये तस्वीरें… हिंदू रीति-रिवाज से किया कुत्ते का दाह संस्कार दरअसल, 8 अगस्त को कुदुदंड क्षेत्र में रहने वाले एक परिवार के पालतू डॉग की मौत हो गई थी। परिवार का कहना है कि डॉग उनके लिए परिवार के सदस्य की तरह था। इसी भावनात्मक जुड़ाव के चलते वे उसे अंतिम विदाई देने के लिए तोरवा मुक्तिधाम ले गए। परिवार के मुताबिक, अनुमति लेकर हिंदू रीति-रिवाज से उसका दाह संस्कार किया गया। स्थानीय लोगों और हिंदू संगठनों ने जताई आपत्ति इधर मामले की जानकारी मिलते ही आसपास के लोग, हिंदू संगठन और वार्ड नंबर 41 के पार्षद मोती गंगवानी मुक्तिधाम पहुंचे। उन्होंने दाह-संस्कार का विरोध किया। उनका कहना था कि मुक्तिधाम इंसानों के अंतिम संस्कार के लिए निर्धारित और पवित्र स्थल है। यहां किसी पशु का दाह-संस्कार करना धार्मिक परंपराओं और जनभावनाओं के खिलाफ है। 2 हजार रुपए लेकर मिली अनुमति हिंदू संगठनों के मुताबिक मुक्तिधाम के केयरटेकर ने 2 हजार रुपए लेकर डॉग के दाह-संस्कार की अनुमति दी। इसके लिए नगर निगम से किसी तरह की अनुमति नहीं ली गई थी। उनका कहना है कि मुक्तिधाम में किसी पशु का दाह संस्कार करना धार्मिक परंपराओं और जनभावनाओं के खिलाफ है। इसी बात को लेकर दोनों पक्षों के बीच विवाद की स्थिति बनी। पार्षद की शिकायत पर पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों पक्षों को समझाइश देकर मामला शांत कराया। पार्षद ने थाने में दी लिखित शिकायत पार्षद मोती गंगवानी ने मामले को लेकर पुलिस में लिखित शिकायत दी। उन्होंने आरोप लगाया कि इंसानों के लिए निर्धारित मुक्तिधाम में जानवर का दाह-संस्कार किया गया, जो धार्मिक परंपरा और आस्था का अपमान है। उन्होंने मामले में कार्रवाई की मांग की। मालकिन बोलीं- किसी की भावना आहत करना मकसद नहीं वहीं, कुत्ते की मालकिन का कहना है कि वह उनके परिवार का सदस्य था। उसकी मौत से पूरा परिवार बेहद दुखी था। इसी वजह से उन्होंने सम्मान के साथ उसका अंतिम संस्कार किया। उनका उद्देश्य किसी की धार्मिक भावना को ठेस पहुंचाना नहीं था। केयरटेकर पर 2 हजार लेकर अनुमति देने का आरोप स्थानीय लोगों ने मुक्तिधाम के केयरटेकर पर 2 हजार रुपए लेकर कुत्ते के दाह-संस्कार की अनुमति देने का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि इसके लिए नगर निगम से किसी तरह की अनुमति नहीं ली गई थी। लोगों ने मामले में कार्रवाई की मांग की। ASP बोले- पुलिस हस्तक्षेप का मामला नहीं मामले में तोरवा थाना प्रभारी रजनीश सिंह से जानकारी लेने का प्रयास किया गया, लेकिन उन्होंने फोन रिसीव नहीं किया। वहीं, एडिशनल एसपी सिटी पंकज पटेल ने बताया कि एक परिवार के पालतू कुत्ते की मौत हो गई थी। परिवार के लोग उससे काफी लगाव रखते थे, इसलिए उसे अंतिम संस्कार के लिए मुक्तिधाम ले गए और विधि-विधान से दाह-संस्कार किया। उन्होंने बताया कि इसकी जानकारी मिलने पर आसपास के लोगों और स्थानीय संगठनों ने मौके पर पहुंचकर आपत्ति जताई और विरोध किया। फिलहाल मामला पुलिस के हस्तक्षेप का नहीं है, इसलिए कोई कार्रवाई नहीं की गई है। पैसे लेने के आरोपों की होगी जांच, निगम ने बताया पशुओं के अंतिम संस्कार की व्यवस्था नहीं नगर निगम कमिश्नर प्रकाश कुमार सर्वे ने मामले में पैसे लेने के आरोपों की जांच कराने की बात कही है। उन्होंने साफ कहा कि नगर निगम की ओर से पशुओं के अंतिम संस्कार के लिए कोई अलग व्यवस्था नहीं है। कमिश्नर ने बताया कि अगर किसी पालतू पशु, जैसे कुत्ते या गाय की मौत की सूचना मिलती है तो स्वच्छता विभाग के कर्मचारी उसे डंपिंग यार्ड ले जाते हैं। वहां मृत पशु को दफनाने की प्रक्रिया की जाती है। ………………………. इससे जुड़ी ये खबर भी पढ़ें… मुक्तिधाम में पालतू कुत्ते के अंतिम संस्कार पर बवाल:परिवार बोला- घर का सदस्य जैसा था, लोग बोले- परंपराओं के खिलाफ; केयरटेकर ने 2000 लिए छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में मुक्तिधाम में पालतू कुत्ते का दाह संस्कार करने को लेकर विवाद हो गया। स्थानीय लोगों ने आपत्ति जताते हुए विरोध किया। पार्षद की शिकायत पर पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों पक्षों को समझाइश देकर मामला शांत कराया। घटना तोरवा थाना क्षेत्र की है। पढ़ें पूरी खबर…
