हरदा जिला मुख्यालय पर मंगलवार सुबह 11 बजे से किसानों ने अपनी 16 सूत्रीय मांगों को लेकर ‘घेरा डालो डेरा डालो किसान क्रांति आंदोलन’ शुरू कर दिया है। गेहूं और मूंग की खरीदी में आ रही समस्याओं को लेकर हरदा, देवास, नर्मदापुरम और खंडवा जिलों के किसान हजारों ट्रैक्टरों के साथ कृषि मंडी में इकट्ठा हो गए हैं। स्थिति को देखते हुए 5 बटालियनों के 1100 पुलिस जवान तैनात किए गए हैं और कलेक्ट्रेट-मंडी क्षेत्र को छावनी में तब्दील कर दिया गया है। देखिए तस्वीरें… ट्रॉलियों में तंबू लगाए, राशन साथ लेकर आए किसान
आंदोलन को लेकर किसान नेता सुनील गोल्या ने बताया कि, “किसान क्रांति आंदोलन मंगलवार सुबह 11 बजे से शुरू हुआ है। किसान अपनी ट्रॉलियों में घर से आटा, दाल और अन्य खाद्य सामग्री लेकर आए हैं। वे मंडी समेत अन्य स्थानों पर दाल-बाटी बनाकर खाएंगे।” वहीं, किसान नेता नानकराम बेनीवाल और राजेंद्र पटेल ने चेतावनी देते हुए कहा, “किसानों ने अपनी ट्रॉलियों को तंबू में बदल लिया है और वे बिस्तर भी साथ लाए हैं। यदि प्रशासन हमारी मांगों के आगे नहीं झुका, तो यह आंदोलन अनिश्चितकालीन भी हो सकता है।” किसानों ने सरकार को अपनी मांगों पर झुकने के लिए मजबूर करने का संकल्प लिया है। छावनी में तब्दील हुआ इलाका, ट्रैफिक रूट डायवर्ट
किसानों के भारी जमावड़े को देखते हुए प्रशासन पूरी तरह अलर्ट है। सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए हरदा, बैतूल, नर्मदापुरम, रायसेन, जबलपुर, छिंदवाड़ा, सागर और सिवनी सहित पांच बटालियनों के 1100 जवानों को शहर के विभिन्न स्थानों पर तैनात किया गया है। कृषि उपज मंडी और कलेक्ट्रेट क्षेत्र छावनी में बदल चुका है। आम नागरिकों को यातायात में असुविधा न हो, इसके लिए ट्रैफिक पुलिस ने शहर का नया रूट चार्ट भी जारी कर दिया है। जिले में मूंग का उत्पादन और लक्ष्य
हरदा जिले में मूंग की खेती किसानों का प्रमुख आर्थिक सहारा है। कृषि विभाग के आंकड़ों के अनुसार, इस वर्ष जिले में मूंग की खेती के लिए 1,46,000 हेक्टेयर का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। पिछले वर्ष 2025 में 1,46,102 हेक्टेयर क्षेत्र में मूंग की बोवनी की गई थी, जिससे कुल 2,33,763 मीट्रिक टन मूंग का उत्पादन हुआ था।
