ग्वालियर-भिंड-इटावा राष्ट्रीय राजमार्ग (NH-719) के उन्नयन और निर्माण को लेकर वर्षों से चला आ रहा इंतजार अब खत्म होता दिखाई दे रहा है। करीब एक दशक से अधर में लटकी इस महत्वपूर्ण सड़क परियोजना के टेंडर जारी कर दिए गए हैं। लंबे समय से बदहाल सड़क, गड्ढों और बढ़ती दुर्घटनाओं के कारण चर्चा में रहे इस राजमार्ग को केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया के लगातार फॉलोअप के बाद नई गति मिली है। ग्वालियर-चंबल अंचल की लाइफलाइन माने जाने वाले इस मार्ग की खराब स्थिति को लेकर पिछले वर्ष भिंड में व्यापक जनआक्रोश देखने को मिला था। 17 जून 2025 को साधु-संतों, सामाजिक संगठनों और नागरिक प्रतिनिधियों के एक दल ने केंद्रीय मंत्री सिंधिया से मुलाकात कर सड़क निर्माण में हो रही देरी पर नाराजगी जताई थी। प्रतिनिधिमंडल ने बताया था कि जर्जर सड़क के कारण प्रतिदिन हजारों वाहन चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है, वहीं दुर्घटनाओं का खतरा भी लगातार बढ़ रहा है। मुलाकात के बाद सिंधिया ने केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी से चर्चा कर मामले को प्राथमिकता से उठाया। इसके बाद 31 मार्च 2026 को उन्होंने दिल्ली में गडकरी से दोबारा मुलाकात कर परियोजना की प्रगति की समीक्षा की और शीघ्र स्वीकृति तथा निर्माण कार्य शुरू कराने का आग्रह किया। MPRDC से हटाकर NHAI को सौंपी गई परियोजना लगातार प्रयासों का परिणाम यह रहा कि परियोजना को मध्यप्रदेश सड़क विकास निगम (MPRDC) से हटाकर भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) को सौंप दिया गया। इसके बाद तकनीकी और प्रशासनिक प्रक्रियाओं में तेजी आई और अब टेंडर जारी होने के साथ निर्माण कार्य का रास्ता साफ हो गया है। व्यापार, पर्यटन और निवेश को मिलेगा बढ़ावा यह राष्ट्रीय राजमार्ग ग्वालियर और भिंड के साथ उत्तर प्रदेश के इटावा को भी बेहतर सड़क संपर्क प्रदान करेगा। परियोजना पूरी होने के बाद क्षेत्र में व्यापार, उद्योग, पर्यटन और निवेश गतिविधियों को नई गति मिलने की उम्मीद है। साथ ही लाखों लोगों की यात्रा अधिक सुरक्षित, तेज और सुगम हो सकेगी। अब क्षेत्र के लोगों की निगाहें टेंडर प्रक्रिया पूरी होने के बाद जल्द शुरू होने वाले निर्माण कार्य पर टिकी हैं।
