हैदराबाद में आर्मी फेसिलिटी से हथियार चोरी के मामले में शनिवार को 3 सेना कर्मियों समेत 7 लोगों को गिरफ्तार किया गया। यह जानकारी मल्काजगिरी पुलिस कमिश्नर बी सुमति ने दी। इस मामले में मुख्य आरोपी तेलंगाना के नागरकुर्नूल जिले का पूर्व हवलदार उप्पुथल्ला मल्लेश है। उसे 11 सितंबर को गिरफ्तार किया गया था। मल्लेश पर 30 और 31 अगस्त की दरमियानी रात बोलारम में कोटे और बटालियन मैगजीन से AK-203 असॉल्ट राइफलें और गोलियां चोरी करने का आरोप है। चोरी का सामान नागरकुर्नूल के अचामेप्ट में उसके पिता के घर छिपाया गया था। पुलिस ने बताया कि चोरी का पूरा सामान बरामद कर लिया गया है। जांच में किसी आतंकी या उग्रवादी संगठन से कनेक्शन नहीं मिला।
शनिवार को हुई 7 गिरफ्तारियां पुलिस ने जांच के दौरान शनिवार को 7 और लोगों को गिरफ्तार किया गया। इनमें 3 सेवारत सेना के जवान, पश्चिम बंगाल के 2 लोग, मुख्य आरोपी मल्लेश का एक चचेरा भाई और उसका एक दोस्त शामिल हैं। मल्लेश ने यह वारदात अन्य आरोपियों की मदद से की थी। पुलिस के मुताबिक, उसका मकसद बड़ी रकम जुटाने के लिए चोरी और लूट की वारदातें करना था। बी सुमति ने कहा, “जांच के अनुसार, मल्लेश ने अन्य आरोपियों की मदद से हथियार चुराए। उसका मकसद बड़ी संपत्ति से जुड़े अपराध करना था। किसी आतंकी या उग्रवादी संगठन से संबंध नहीं मिला।” अनुशासनहीनता के कारण समय से पहले रिटायर किया गया मल्लेश 20 बटालियन, मद्रास रेजिमेंट में हवलदार था। अनुशासनहीनता और खराब सेहत के कारण उसे इसी साल जून में समय से पहले रिटायर कर दिया गया था। कोर्ट ने उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया था। इसके बाद 22 सितंबर को पुलिस ने उसे हिरासत में लिया। जांच में पता चला कि मल्लेश पहले घरों में चोरी की वारदातों में शामिल रहा है। उसने आर्थिक परेशानी से जूझ रहे अपने चचेरे भाई और दोस्त के साथ मिलकर बड़ी लूट की योजना बनाई थी। तीनों बैंक, ज्वेलरी शॉप और अमीर लोगों को लूटकर ज्यादा पैसा कमाना चाहते थे। सेना कर्मियों की मदद से तोड़े ताले कमिश्नर ने बताया कि मल्लेश ने अपनी रेजिमेंट के 3 सेना कर्मियों से संपर्क किया। उनकी मदद से उसने कोटे और मैगजीन के ताले तोड़े और हथियार-गोलियां चुरा लीं। पुलिस पूछताछ में मल्लेश ने एक और बात कबूल की। उसने बताया कि 2022 में उसकी बटालियन कोलकाता के बैरकपुर में तैनात थी। उस दौरान उसने पश्चिम बंगाल के रहने वाले 2 लोगों से एक देसी हथियार और एक जिंदा कारतूस खरीदा था। पुलिस के अनुसार, दोनों लोगों ने बताया कि मल्लेश ने उनसे संपर्क कर पूछा था कि क्या वे सेना से चुराए गए हथियार और गोलियां खरीदेंगे। दोनों इसके लिए तैयार हो गए थे। भारतीय सेना की ओर से गिरफ्तारी पर तत्काल कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली।
