पापा, मुझे तीन हजार रुपए दे दो। दुकान का सामान लाने के लिए पर्चा बना दो, ताकि बहन के घर से जब वापस आते समय दमोह से साइकिल सुधारने का सामान लेकर आ जाऊंगा। यह आखिरी शब्द भरत विश्वकर्मा (16) के थे। बेटे के बारे में बात करते हुए पिता रामगोपाल विश्वकर्मा फफक पड़ते हैं। मां ने भी तीन दिन से खाना नहीं खाया। भरत 5 मार्च को भाई–दूज के दिन तिलक करवाने बहन की ससुराल समन्ना गांव आया था। यहां गुड्डा पटेल (58) ने उस पर लोहे की रॉड से हमला किया। इसके बाद हथौड़े से सिर पर 10 से 15 वार कर हत्या कर दी। उसका मांस खाया और खून भी पीया था। आरोपी को शुक्रवार को कोर्ट में पेश कर जेल भेज दिया गया है। दैनिक भास्कर की टीम जिला मुख्यालय से करीब 35 किमी दूर भरत के गांव अर्थखेड़ा पहुंची। यहां उसके पिता रामगोपाल विश्वकर्मा, मां लक्ष्मी विश्वकर्मा, बहन दीक्षा और जीजा लोकमन विश्वकर्मा से बात की। परिवारवालों की मांग है कि आरोपी को फांसी की सजा दी जाए। जिस तरह बेटे को तड़पा–तड़पा कर मारा है, उसकी मौत भी इसी तरह हो। भाई हरियाणा में, बेटा माता–पिता की देखभाल करता दमोह–जबलपुर हाइवे पर 15 किमी दूर हथनी गांव है। यहां से राजा पटना गांव के लिए सड़क जाती है। यहां से 14 किमी आगे चलने पर राजा पटना का पुल पड़ता है। इसके बायीं ओर अर्थखेड़ा गांव के लिए प्रधानमंत्री आवास योजना की सड़क है। पांच किमी क्षेत्र में करीब 10 से ज्यादा छोटे–छोटे गांव पड़ते हैं। यहां एक होटल वाले से गांव का पता पूछा। होटल वाले ने तपाक से कहा कि वही लड़का, जिसका कत्ल हो गया। चूंकि वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया था, इसलिए गांवभर में लोग घटना के बारे में जान गए थे। उन्होंने आसानी से गांव के बारे में बता दिया। यहां के लोगों में भी आक्रोश है। चलते हुए रास्ते भर राहगीरों से पूछते–पूछते आगे बढ़ रहे थे। करीब पांच किमी चलने के बाद सड़क किनारे स्थित एक घर के सामने लोगों की भीड़ लगी देखी। यहां पूछा, तो मौजूद लोगों ने बताया कि यही भरत का घर है। छोटी सी ऑटो पार्ट्स की दुकान है। विश्वकर्मा ऑटो पार्ट्स नाम का बोर्ड भी लगा है। इसी से लगा कच्चा मकान भी है। इसी मकान में भरत अपने माता–पिता और भाई के साथ रहता था। बड़ा भाई रोहित हरियाणा में मजदूरी करता है। बहन की शादी हो चुकी है। बहन रोए जा रही, मां की आवाज नहीं निकली गांव में भी मातम है। घर के बाहर गांव वाले और रिश्तेदार बैठे थे। कुर्सियां भी लगी थीं। माता–पिता के आंसू थमने का नाम नहीं ले रहे। परिजन उन्हें ढांढस बनाने में लगे हैं। यहां अपना परिचय दिया। उन्होंने कहा कि जैसे बेटे को मारा है, उसे भी मारना चाहिए। बहन लगातार रोए जा रही थी। मां सदमे में है। वह बेहोश हो रही थी। दांत बंधने के कारण आवाज नहीं निकल रही थी। मौजूद लोगों ने उन्हें पानी पिलाया, तब कहीं जाकर हालत कुछ ठीक हुई। बड़ा बेटा रोहित भी शुक्रवार को हरियाणा से आ गया था। इसके बाद पिता से बातचीत शुरू हुई। गांव वालों में भी आक्रोश है। उन्होंने आरोपी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। गांव वालों का कहना है कि परिजन को मुआवजा दिया जाए। पिता बोले– सामान लेकर आना था, वापस नहीं लौटा पिता रामगोपाल विश्वकर्मा ने बताया कि छोटा बेटा भरत समन्ना गांव में अपनी बहन दीक्षा के घर गुरुवार को तिलक करवाने गया था। वह घर पहुंच भी नहीं पाया, उसके पहले ही गुड्डा पटेल ने हत्या कर दी। वह 11वीं तक पढ़ा था। फिर पढ़ाई छोड़ दी। वह घर पर ऑटो पार्ट्स की दुकान संभालने लगा था। कई लोग साइकिल सुधारने भी आ जाते थे, इसलिए इसका सामान भी लाने वाला था। जाते वक्त भरत ने कहा था कि पापा मुझे तीन हजार रुपए दे दो, एक पर्चा भी बना दो, ताकि लौटते वक्त दमोह से सामान लेकर आ जाऊंगा। सामान तो दूर, अब बेटा कभी लौटकर नहीं आएगा। मां बोली– इंसाफ नहीं मिला तो दूंगी जान मां लक्ष्मी विश्वकर्मा ने रोते हुए बताया कि मैंने मजदूरी करके बच्चों को पाला है। घर की आर्थिक स्थिति खराब है। भरत दुकान संभालता था, जिससे घर का गुजारा चलता था। जिस तरह आरोपी ने बेटे की हथौड़े से हत्या की है, इस तरह आरोपी को सजा दी जाए। बेटा बहुत सीधा–सादा था। वह सबसे हंसकर बोलता था। जब से बेटे की मौत हुई है, तब से खाना नहीं खाया। हमें इंसाफ चाहिए। इंसाफ नहीं मिला, तो मैं भी अपनी जान दे दूंगी। बड़े बेटे रोहित ने फोन लगाकर कहा था कि वह दूज पर नहीं आ पाएगा, नवरात्रि पर आएगा, इसलिए भरत को बहन के घर तिलक करवाने भेज देना। बहन ने कहा– भाई के लिए दही बड़े बनाए थे बहन दीक्षा विश्वकर्मा ने बताया कि गुरुवार सुबह भरत ने फोन लगा कर कहा था कि मेरे लिए दही बड़े बनाकर रख लेना, घर आकर खाऊंगा। दरअसल, भाई को दहीबड़े बहुत पसंद थे। उसके लिए दहीबड़े समेत खीर–पूड़ी और सब्जी भी बना कर रखे थे। सिर्फ उसके आने का इंतजार कर रही थी कि कब भाई घर आए, वह उसकी पसंद का खाना खिलाए, लेकिन वह खाना बना ही रखा रह गया। घर पहुंचने के पहले ही भाई की हत्या कर दी। आरोपी को भी इसी तरह की सख्त सजा दी जााना चाहिए। जीजा बोले– 15 साल पहले कहासुनी हुई थी वहीं, मृतक के जीजा लोकमन विश्वकर्मा ने बताया कि घर पर भरत के आने का इंतजार कर रहे थे। दोपहर में मैं खेती किसानी के काम से फ्री होकर घर पहुंचे, तभी आरोपी गुड्डा पटेल ने उसकी बेरहमी से हत्या कर दी। उसे बचाने के लिए पहुंचा, लेकिन आरोपी मुझ पर भी हमला करने लगा। लोकमन बताते हैं कि 15 साल पहले आरोपी गुड्डा से मामूली कहासुनी हुई थी, लेकिन अंदाजा नहीं था कि वह इतने साल के बाद घर के सदस्य को मार डालेगा। उसे फांसी की सजा दी जाना चाहिए। उसके बेटे ताराचंद को भी आरोपी बनाया जाना चाहिए। मामले से जुड़ी ये खबरें भी पढ़ें… नाबालिग का सिर कुचला…खून पीकर भेजा खाया मध्य प्रदेश के दमोह जिले में एक शख्स ने हथौड़े से सिर कुचलकर नाबालिग को मार डाला। उसके सिर से भेजा निकालकर खाया, फिर खून पिया। खून अपने चेहरे पर भी लगाया। खून पीने और मांस खाने का वीडियो भी सामने आया है। वारदात देहात थाना क्षेत्र की है। पढ़ें पूरी खबर… गांव में लोहे की रॉड लेकर घूमता था ‘नरभक्षी’ दमोह के समन्ना गांव में गुरुवार को बुजुर्ग ने 16 साल के लड़के की हत्या कर दी। पहले लोहे की रॉड सिर पर मारकर लड़के को जमीन पर गिराया। फिर हथौड़े से करीब 15 वार कर सिर कुचल दिया। लड़के का मांस खाया। खून पीया। पढ़ें पूरी खबर…
