बढ़ई, वेल्डर, प्लम्बर और राजमिस्त्री समेत 49 प्रकार के निर्माण श्रमिकों को इलेक्ट्रिक स्कूटी (ई-स्कूटर) खरीदने के लिए सरकार की तरफ से 40 हजार रुपए की आर्थिक मदद दी जा रही है। मध्य प्रदेश श्रम विभाग के अंतर्गत आने वाले ‘भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मण्डल’ द्वारा यह योजना शुरू की गई है। एमपी में 17 लाख निर्माण श्रमिक पंजीकृत हैं। इस साल के लिए एक हजार श्रमिकों को ई-स्कूटी का कोटा तय हुआ है। इसमें पहले आओ पहले पाओ की तर्ज पर लाभ मिलेगा। योजना का आधिकारिक नाम कितनी सहायता मिलेगी? पात्र श्रमिक को ई-स्कूटर की कुल कीमत का 50% या अधिकतम ₹40 हजार, जो भी कम हो, अनुदान के रूप में मिलेगा। यह राशि सीधे श्रमिक के बैंक खाते में ट्रांसफर की जाएगी। क्या लाभार्थियों की संख्या तय है? क्या अनुदान से खरीदा ई-स्कूटर बेच सकते हैं?
