मौसम में बदलाव के बीच भोपाल में वायरल और रेस्पिरेटरी संक्रमण (श्वसन संक्रमण) बढ़ रहा है। शहर में स्वाइन फ्लू के 6 मरीजों की पुष्टि हो चुकी है। जेपी, हमीदिया, एम्स की ओपीडी में रोज 10 हजार मरीज पहुंच रहे हैं। इनमें 60% मरीज गले में खराश, खांसी, बुखार, नाक बहना और थकान की शिकायत वाले हैं। चिंता यह है कि जीएमसी में एच1एन1 जांच किट नहीं है और एम्स में जांच नहीं हो रही। कोविड की नियमित जांच बंद है। गंभीर मरीजों का ही निजी अस्पतालों में वायरल पैनल कराया जा रहा है। दूसरी ओर, इंदौर में 16 दिन इलाज के बाद उज्जैन की 60 वर्षीय महिला की स्वाइन फ्लू से मौत हो गई। इसमें एच1एन1 संक्रमण की पुष्टि हुई। एक घर में वायरल, 2-3 दिन में दूसरे सदस्य भी बीमार : डॉक्टरों के अनुसार कई परिवारों में एक सदस्य के बीमार होने के दो-तीन दिन बाद दूसरे सदस्यों में भी गले में खराश, खांसी, बुखार और बदन दर्द जैसे लक्षण दिखाई दे रहे हैं। फिलहाल इंफ्लूएंजा ए (एच1एन1), इंफ्लूएंजा बी के साथ एडिनोवायरस और रेस्पिरेटरी सिंसिशियल वायरस जैसे संक्रमण सक्रिय हो सकते हैं। शुरुआती लक्षण एक जैसे होने से केवल लक्षणों के आधार पर सामान्य वायरल, फ्लू, एच1एन1 और कोविड में अंतर करना संभव नहीं है। गंभीर संक्रमण कम बारिश के मौसम में इंफ्लूएंजा के साथ एडिनोवायरस और रेस्पिरेटरी सिंसिशियल वायरस भी सक्रिय हो सकते हैं। फिलहाल ज्यादातर मरीज श्वसन संक्रमण के हैं। गंभीर संक्रमण के मामले कम हैं।
-डॉ. अंकित तोमर, पल्मोनरिस्ट, जेपी अस्पताल स्वास्थ्य विभाग कर रहा निगरानी
भोपाल में अब तक एच1एन1 के छह मरीजों की पुष्टि हुई है। स्वास्थ्य विभाग इनकी निगरानी कर रहा है। बुखार या फ्लू जैसे लक्षण होने पर डॉक्टर से संपर्क करें। शासन के निर्देशों के अनुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।
-डॉ. मनीष शर्मा, सीएमएचओ, भोपाल दिल्ली में 1344, बेंगलुरू में 500 मरीज मप्र में अभी कोई अलर्ट जारी नहीं किया गया है। वहीं, दिल्ली, कर्नाटक और उप्र में भी मामले बढ़े हैं। दिल्ली में 2026 में अब तक 1,344 मामले और बेंगलुरु में 500 छात्र और 21 कर्मचारी फ्लू जैसे लक्षणों से बीमार हुए। डॉक्टर बोले-घबराएं नहीं, सावधानी रखें बीमार व्यक्ति घर के दूसरे सदस्यों से यथासंभव दूरी रखे। भीड़ वाली जगहों पर मास्क पहनें। हाथों की सफाई रखें। खांसते-छींकते समय मुंह ढंकें। घबराने की जरूरत नहीं है। -डॉ. योगेंद्र श्रीवास्तव, एमडी मेडिसिन
