Homeदेशरिजिजू बोले- जंतर-मंतर पर गोली नहीं चली:तो किसने चलाई का सवाल ही...

रिजिजू बोले- जंतर-मंतर पर गोली नहीं चली:तो किसने चलाई का सवाल ही नहीं उठता, हजारों की भीड़ में पैलेट्स गन से दो ही घायल क्यों हुए

संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने शुक्रवार को कहा कि जंतर-मंतर पर पुलिस ने प्रदर्शन को रोकने के लिए ज्यादा बल का प्रयोग नहीं किया। इंडिया टुडे को दिए एक इंटरव्यू में रिजिजू ने कहा कि, जब हजारों की भीड़ संसद की तरफ बढ़ेगी तो सुरक्षाबल रोकने का प्रयास तो करेंगे। रिजिजू ने आगे कहा कि, विपक्ष प्रदर्शन के दौरान गोली चलने का झूठा दावा कर रहा है। जब जंतर-मंतर पर गोली चली ही नहीं तो किसने चलाई का सवाल नहीं उठता। विपक्ष ने आरोप लगाया था कि 20 जुलाई के संसद मार्च के दौरान पुलिस ने पैलेट गन समेत अत्यधिक बल का इस्तेमाल किया। रिजिजू ने कहा कि अगर हजारों लोगों के प्रदर्शन में पैलेट गन चलाई गई होती तो बड़ी संख्या में लोग घायल होते। सिर्फ एक-दो लोगों को चोट नहीं लगती। दरअसल राहुल गांधी ने दावा किया था पैलेट्स गन से दो छात्र घायल हुए थे। एक प्रदर्शनकारी के शरीर पर करीब 20 पैलेट के घाव मिले थे। मेडिकल रिकॉर्ड में उसकी पीठ और कोहनी पर चोटों का जिक्र था। एक अन्य प्रदर्शनकारी की आंख में गंभीर चोट की भी रिपोर्ट सामने आई थी। राहुल के पैलेट गन चलने के 2 दावे…. 24 जुलाई: घायल छात्र की टी-शर्ट उठाकर घाव दिखाए राहुल गांधी ने 24 जुलाई को अपने आवास 10 जनपथ पर छात्रों के प्रदर्शन में घायल एक स्टूडेंट के साथ प्रेस कॉन्फ्रेंस की थी। राहुल ने कहा, ‘मैं यह बताना चाहता हूं कि यहां खड़ा मेरा भाई उस समय पैलेट गन से घायल हो गया था, जब वह तिरंगा लेकर शांतिपूर्ण तरीके से विरोध-प्रदर्शन कर रहा था।’ 29 जुलाई: छात्रों पर दिल्ली में पैलेट गन चली, नुकीली लाठियां मारी गईं राहुल ने 29 जुलाई को फिर एक प्रेस कॉन्फ्रेंस की। एक छात्र का चेहरा दिखाते हुए कहा कि उस पर पैलेट गन चलाई गई, जिससे उसकी आंख में चोट लगी। राहुल ने कहा कि प्रदर्शन के दौरान शॉक बैटन इस्तेमाल किया गया। लाठी में कील लगाकर स्टूडेंट्स को मारा गया। महिलाओं को पुलिसकर्मियों ने थप्पड़ मारा। सादे कपड़े में RSS के गुंडे पहुंचे और छात्रों की पिटाई की। 20 जुलाई को कॉकरोच पार्टी ने संसद मार्च निकाला, पुलिस का लाठीचार्ज, आंसू गैस के गोले छोडे कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने 20 जुलाई को जंतर-मंतर से संसद तक मार्च निकाला था। सुबह 8 बजे शुरू हुए प्रदर्शन में 10 बजे बैरिकेड तोड़कर प्रदर्शनकारी संसद की ओर बढ़े। पुलिस ने उन्हें रोकने के लिए आंसू गैस के गोले छोड़े, जबकि देर शाम पथराव की तस्वीरें भी सामने आईं। प्रदर्शन में 50 से ज्यादा पुलिसकर्मी और इतने ही प्रदर्शनकारी घायल हुए। CJP ने आरोप लगाया कि पुलिस ने निहत्थे प्रदर्शनकारियों पर लाठीचार्ज, पैलेट्स गन और आंसू गैस का इस्तेमाल किया।

Stay Connected
16,985FansLike
2,458FollowersFollow
61,453SubscribersSubscribe
Must Read
Related News

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here