भैया तो इस दुनिया से चले गए, लेकिन भाभी-भतीजे और बूढ़ी मां को छोड़कर गए। इनकी मानसिक स्थिति बच्चों जैसी है। भाई इन्हें भी अपने साथ लेकर चला जाता, अब इनका क्या होगा? इतना कहते ही शेयर मार्केट ट्रेडर राजेश अग्रवाल की बहनें रो पड़ती हैं। वहीं बेटे को पता नहीं कि पिता की मौत हो गई। वह कह रहा है कि पापा को नींद आ गई है। अभी उठ जाएंगे
ये झकझोर देने वाली खबर मध्य प्रदेश के छतरपुर जिले की है। शेयर मार्केट (MCX) ट्रेडिंग में भारी नुकसान और कर्ज के दबाव के चलते राजेश अग्रवाल ने सल्फास खाकर सुसाइड कर लिया। बंद कमरे में लाश मिली है। नाक से खून बह रहा था। मृतक की पत्नी और 15 साल के बेटे की मानसिक स्थिति ठीक नहीं है। उन्हें अब तक नहीं पता कि उनके घर का मुखिया अब इस दुनिया में नहीं है। घर में पति की लाश पड़ी थी और वह किचन में सामान्य रूप से रोटी बना रही थी। बेटा सोफे पर बैठा हुआ था। पत्नी और बेटे को लगता है राजेश अभी भी जिंदा है दैनिक भास्कर डिजिटल की टीम राजेश अग्रवाल के घर पहुंची। इस दौरान राजेश की पत्नी वर्षा अग्रवाल और 15 साल के बेटे रौनक अग्रवाल से बातचीत करने की कोशिश की। दोनों को राजेश की मौत के बारे में कोई जानकारी नहीं थी। उन्हें लग रहा है कि राजेश अभी जिंदा है। ये तस्वीरें देखिए… बेटा बोला- पापा उठेंगे तो बाहर आ जाएंगे… राजेश की पत्नी वर्षा ने बताया- उन्हें बुखार आ गया है… सो रहे थे। उन्हें अस्पताल ले गए हैं, वो जल्दी वापस आ जाएंगे। वहीं बेटे रौनक ने कहा- पापा ने 2 दिन से दरवाजा नहीं खोला था। उन्होंने खाना नहीं खाया था, इसलिए उन्हें नींद आ गई है। उठ जाएंगे तो बाहर आ जाएंगे। भाभी-भतीजे की बातें सुनकर रो पड़ीं राजेश की बहनें राजेश अग्रवाल की पत्नी और बेटे की बातें सुनकर घर में मौजूद हर शख्स का कलेजा कांप गया। उनकी बातों को सुनकर बहन रुबी सिंघल, बड़ी बहन प्रभा अग्रवाल रो पड़ीं। उनकी साली वंदना अग्रवाल की आंखों में भी आंसू थे। बहनों का आरोप- बड़े कारोबारियों के दबाव में आकर दी जान राजेश की बहन रूबी सिंघल ने बताया- भाई को MCX के धंधे में धकेलने वाले और कर्ज का दबाव बनाने वाले लोग ही इस मौत के जिम्मेदार हैं। राजेश को बुरी तरह टॉर्चर किया जा रहा था, जिसके कारण उन्हें मजबूरन यह आत्मघाती कदम उठाना पड़ा। बहन ने कहा- भाई को सुसाइड के लिए मजबूर करने वालों पर पुलिस-प्रशासन सख्त एक्शन ले। दोषियों को कड़ी सजा दे। बेसहारा बची बूढ़ी मां, पत्नी और बच्चे की मदद करने की भी गुहार लगाई है। वर्षों से घर में कैद था परिवार, कोरोना काल के बाद बिगड़े हालात राजेश की साली वंदना ने बताया कि- जीजाजी रिजर्व नेचर (कम बात करने वाले) के थे। वह अपनी बहनों या मां से भी ज्यादा बात नहीं करते थे। राजेश के अलावा परिवार का कोई भी सदस्य कभी घर से बाहर नहीं निकलता था। शादी के समय वर्षा नॉर्मल थी और ग्रेजुएशन के बाद ट्यूशन पढ़ाती थी। उन्होंने बताया- छतरपुर आने और खासकर कोरोना काल के बाद स्थितियां बिगड़ गईं। बेटे रौनक की पढ़ाई भी छूट चुकी थी। उसके पैरों का इलाज दिल्ली में चल रहा था। परिवार पूरी तरह घर की चारदीवारी में कैद होकर रह गया था। पुश्तैनी मकान के बाद छतरपुर का घर भी बिका, 70 लाख का कर्ज था वंदना ने बताया- मूल रूप से उत्तर प्रदेश के बरुआ सागर के रहने वाले राजेश अग्रवाल चार बहनों में इकलौते भाई और सबसे छोटे थे। काम की तलाश में वह 12 साल पहले छतरपुर शिफ्ट हुए थे। शुरुआत में उन्होंने बरुआ सागर का पुश्तैनी मकान बेचा। इसके बाद छतरपुर में एक मकान खरीदा, लेकिन शेयर बाजार के घाटे और कर्ज के दलदल में फंसने के कारण उन्हें वह मकान भी करीब 70 लाख रुपए में बेचना पड़ा। फिलहाल, वह किराए के मकान में रह रहे थे। देखिए घटना स्थल की तस्वीरें बंद कमरे का खुला दरवाजा तो नीचे मिली लाश ओरछा रोड थाना पुलिस के मुताबिक, राजेश अग्रवाल दो दिन से घर के एक कमरे में बंद थे। कॉलोनी वालों को जब कुछ संदिग्ध लगा तो उन्होंने पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने दरवाजा धक्का देकर खोला तो राजेश जमीन पर बिछे बिस्तर पर मृत मिले। कमरे में एसी और लाइट चालू थी। शव के पास ही मोबाइल, लैपटॉप और सल्फास की डिब्बी पड़ी थी। लैपटॉप पर MCX (मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज) की वेबसाइट खुली थी और नोटपैड पर ट्रेडिंग से जुड़ी अंकगणनाएं लिखी थीं। …………………………………. यह खबर भी पढ़ें पत्नी रोटियां बनाती रही…कमरे में पड़ी थी पति की लाश मध्य प्रदेश के छतरपुर जिले में स्टॉक मार्केट ट्रेडर की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। घर के बंद कमरे में शव मिला। शव जमीन पर बिछे बिस्तर पर पड़ा था। नाक से खून बह रहा था। कमरे में लैपटॉप चालू हालत में था, जिसमें MCX और शेयर बाजार से जुड़ी वेबसाइट खुली हुई थी। पढ़ें पूरी खबर
