निमाड़ अंचल में शुक्रवार को कड़ाके की गर्मी के बीच नर्मदा किनारे एक बहुत ही सुंदर धार्मिक नजारा देखने को मिला। यहां श्रद्धालुओं ने अपने लाड़ले ठाकुर जी (श्री कृष्ण) को मां नर्मदा के ठंडे जल में स्नान कराया और नाव में बैठाकर सैर करवाई। शुक्रवार की शाम 7 बजे भारी संख्या में भक्त ठाकुर जी की मूर्ति लेकर नर्मदा तट पर जमा हुए। वहां पंडितों ने मंत्र पढ़े और भगवान को नर्मदा जी के पवित्र जल से नहलाया गया। इसके बाद ठाकुर जी को एक सजी-धजी नाव में बैठाया गया और उन्हें नदी की लहरों पर नौका विहार कराया गया। जयकारों से गूंज उठा तट जब भगवान नाव में बैठकर निकले, तो पूरा घाट ‘जय श्री कृष्णा’ और ‘नर्मदे हर’ के नारों से गूंज उठा। वहां मौजूद दूसरे लोगों ने भी पानी में खड़े होकर भगवान के दर्शन किए और इस खास पल का आनंद लिया। क्यों हुआ यह आयोजन? कार्यक्रम की देखरेख कर रहे पंडित भोजराज अत्रे ने बताया कि सनातन धर्म में अधिक मास यानी पुरुषोत्तम मास का बड़ा महत्व होता है। इस पवित्र महीने में ठाकुर जी की खास पूजा-आरती की जाती है। उन्होंने आगे बताया कि इस दौरान साल भर के सभी मुख्य त्योहार भगवान के साथ मनाए जाते हैं। चूंकि गर्मी बहुत तेज है, इसलिए ठाकुर जी को शीतलता देने और जलक्रीड़ा कराने के लिए यह ‘नर्मदा विहार’ कराया गया। इस भक्तिभाव भरे कार्यक्रम में पंडित लोकेंद्र अत्रे, विनय तिवारी और अत्रे परिवार के साथ-साथ बड़ी संख्या में स्थानीय लोग और महिलाएं शामिल हुईं।
