मध्य प्रदेश के राजगढ़ जिले में मां और सौतेले पिता ने 12 साल की बेटी को 12 लाख रुपए में बेच दिया। आरोपियों ने 8 लाख रुपए कैश और 4 लाख रुपए के जेवर लिए थे। बच्ची की शादी भी करा दी गई थी। 3 आरोपियों ने कई बार रेप किया। पुलिस ने 5 आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जबकि मास्टरमाइंड फरार है। कोतवाली पुलिस के मुताबिक, पीड़िता के पिता की जनवरी 2025 में अत्यधिक शराब सेवन से मौत हो गई थी। पिता की मौत के बाद परिवार टूट गया। इसी दौरान युवती की मां ने गुना जिले के पवन उर्फ परमाल गुर्जर से दूसरी शादी कर ली। 12 साल की बच्ची की 26 वर्षीय युवक से शादी शादी के बाद पवन उर्फ परमाल बच्ची और उसकी मां को राजगढ़ लेकर आया। जांच में सामने आया कि 3 फरवरी 2025 को लड़की की शादी 26 वर्षीय भोला उर्फ भोलाराम गुर्जर से कराई गई थी। पुलिस के अनुसार यह खरीद-फरोख्त का मामला था। पुलिस के मुताबिक, बच्ची की शादी के बदले आरोपियों ने करीब 8 लाख रुपए नकद और 4 लाख रुपए के जेवर लिए थे। पति भोला उर्फ भोलाराम ने शादी की पहली रात दुष्कर्म किया। इसके बाद सौतेले पिता पवन उर्फ परमाल गुर्जर ने भी कई बार नाबालिग से रेप किया। छोड़कर भागा सौतेला पिता, मां ने तीसरी शादी की नाबालिग बच्ची के मुताबिक, वह लंबे समय तक डर और दबाव में सब कुछ सहती रही। उसे धमकाया जाता था, इसलिए वह किसी को कुछ नहीं बता पाई। कुछ समय बाद आरोपी पवन गुर्जर उसकी मां को छोड़कर फरार हो गया। इसके बाद पीड़िता की मां ने राजस्थान में तीसरी शादी कर ली। इस दौरान बच्ची की मां ने नाबालिग को राजगढ़ में शैतानबाई के घर छोड़ दिया। वहां उससे घर का सारा काम कराया जाता था। इसी दौरान आरोपी देवराज गुर्जर ने मौका पाकर बच्ची से दुष्कर्म किया। काउंसलिंग में सामने आई पूरी कहानी मामले का खुलासा तब हुआ, जब जानकारी कोतवाली थाना प्रभारी निरीक्षक मंजू मखेनिया तक पहुंची। पुलिस ने युवती को सुरक्षित संरक्षण में लेकर काउंसलिंग कराई। भरोसा मिलने पर पीड़िता ने पूरी आपबीती पुलिस को बताई। पुलिस ने अलग-अलग स्थानों पर दबिश देकर आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस जांच में सामने आया कि युवती लंबे समय तक शारीरिक, मानसिक और यौन प्रताड़ना झेलती रही। डर, धमकी और दबाव के कारण वह अपनी पीड़ा किसी को नहीं बता पा रही थी। 5 आरोपी गिरफ्तार, मुख्य आरोपी फरार राजगढ़ कोतवाली थाना प्रभारी मंजू मखेनिया ने बताया- 6 आरोपियों के खिलाफ FIR दर्ज की गई है। पांच आरोपियों को पकड़ लिया गया है। इनमें भोला उर्फ भोलाराम, देवराज गुर्जर, सागर गुर्जर, शैतानबाई और पीड़िता की मां शामिल हैं। पुलिस ने बताया- गुना के लहरचा चक निवासी मुख्य आरोपी पवन उर्फ परमाल गुर्जर अभी फरार है। उसकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस लगातार दबिश दे रही है। आरोपी पर 10 हजार रुपए का इनाम घोषित किया गया है। पॉक्सो, जेजे एक्ट और बाल विवाह कानून के तहत केस दर्ज राजगढ़ कोतवाली थाने में अपराध क्रमांक 350/2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता (BNS), पॉक्सो एक्ट, जेजे एक्ट और बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम की गंभीर धाराओं में मामला दर्ज किया गया है। न मंडप, न डेकोरेशन, चोरी छिपे खेतों में होता बाल विवाह देश की आजादी के तुरंत बाद लड़कियों की शादी की कानूनी उम्र 15 साल थी। 1978 में चाइल्ड मैरिज रिस्ट्रेंट एक्ट (CMRA) बना जिसमें लड़कियों की शादी की उम्र 18 वर्ष कर दी गई। 2006 में ‘द प्रिवेंशन ऑफ चाइल्ड मैरिज एक्ट (PCMA)’ लागू किया गया जिसमें कई नए प्रावधान जुड़े ताकि बाल विवाह को पूरी तरह खत्म किया जा सके। बाल विवाह रोकने के लिए कानून बने 47 वर्ष से अधिक समय गुजर चुका है, लेकिन इसके बावजूद देश के अलग-अलग हिस्सों में बाल विवाह आज भी हो रहे हैं। काूनन है तो खुले में न करके चोरी-छुपी बाल विवाह होने आज भी जारी हैं। इसके लिए कोई धूम-धड़ाका नहीं होता, न बारात, न आतिशबाजी, न मंडप, न सजावट बल्कि खेतों में, फसलों के बीच चोरी छिपे नाबालिग लड़के-लड़कियों की शादी कर दी जाती है। UN में रिपोर्ट- भारत में 2 साल में 4 लाख बाल विवाह रोके
