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बांग्लादेश में क्रिकेटर शाकिब अल-हसन के घर पर हमला:पत्थर-पेट्रोल बम फेंके; शेख हसीना के इवेंट में शामिल होने से कट्टरपंथी नाराज थे

बांग्लादेश के पूर्व क्रिकेटर और अवामी लीग के पूर्व सांसद शाकिब अल हसन के मगुरा शहर में बने घर पर हमला हुआ है। यह घटना पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना की वर्चुअल प्रेस कॉन्फ्रेंस में शाकिब के शामिल होने के कुछ घंटों बाद हुई। शाकिब के घर पर हमला रात 8.45 से 9 बजे के बीच हुआ। मगुरा सदर पुलिस के अफसर मोहम्मद अब्दुल्ला अल मामून ने बताया कि कुछ उपद्रवियों ने पत्थर फेंके और खिड़कियां तोड़ दीं। हमलावरों ने घर में आग लगाने की कोशिश की। दावा किया जा रहा है कि इसके लिए हमलावर कोल्डड्रिंक की बोतलों में पेट्रोल भरकर लाए थे। हमले के वक्त घर खाली था, इसलिए किसी के घायल होने की खबर नहीं है। शाकिब इस वक्त श्रीलंका में हैं। घटना के बाद पुलिस फोर्स को तैनात कर दिया गया है। शाकिब के घर हमले के बाद के हालात, 4 तस्वीरें… हसीना की वर्चुअल मीटिंग में शामिल हुए थे शाकिब बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना ने दो साल बाद बुधवार शाम करीब 6.45 बजे को लोगों को वर्चुअली संबोधित किया। जब हसीना बोल रही थीं, उस दौरान उनका कैमरा बंद था। हसीना ने 25 मिनट भाषण दिया। इस दौरान शाकिब अल हसन, शेख हसीना के बेटे सजीब वाजेद जॉय, पूर्व शिक्षा मंत्री मोहिबुल हसन चौधरी भी मौजूद थे। हालांकि इस शाकिब ने इस दौरान भाषण नहीं दिया। शाकिब जनवरी 2024 में अवामी लीग के टिकट पर सांसद चुने गए थे। लेकिन छात्र आंदोलन के बाद शेख हसीना सरकार के सत्ता से हटने के बाद से वह बांग्लादेश से बाहर हैं। फिलहाल वह अपने परिवार के साथ अमेरिका में रह रहे हैं और दुनिया की अलग-अलग फ्रेंचाइजी लीग में क्रिकेट खेल रहे हैं। सांसद बनने के बाद भी क्रिकेट खेलते रहे शाकिब शाकिब ने सांसद बनने के बाद भी क्रिकेट खेलना नहीं छोड़ा है। अगस्त 2024 में जब बांग्लादेश में बगावत शुरू हुई, तब भी शाकिब की आलोचना हुई थी। सरकारी नौकरियों में आरक्षण के खिलाफ शुरू हुए छात्र आंदोलन के दौरान शाकिब पर आरोप लगे कि उन्होंने अवामी लीग के सांसद होने के कारण चुप्पी साधे रखी। हसीना सरकार गिरने के बाद बांग्लादेश में अवामी लीग नेताओं और सांसदों के घरों पर कई जगह हमले हुए। इनमें शाकिब का मगुरा वाला घर भी शामिल था। तब भी वे घर पर मौजूद नहीं थे। शेख हसीना की तरह ही शाकिब पर भी हत्या का केस दर्ज शाकिब अल हसन के खिलाफ हत्या, गबन, धोखाधड़ी और मनी लॉन्ड्रिंग समेत कई मामलों की जांच चल रही है। अगस्त 2024 में शेख हसीना सरकार के तख्तापलट के बाद उनके खिलाफ कई आपराधिक मामले दर्ज किए गए। इनमें सबसे चर्चित मामला छात्र आंदोलन के दौरान एक व्यक्ति की मौत से जुड़ा है। 5 अगस्त को मोहम्मद रुबेल नाम के एक गारमेंट फैक्ट्री कर्मचारी की अडाबोर इलाके में मौत हो गई थी। इसके बाद रुबेल के पिता रफीकुल इस्लाम ने शेख हसीना और शाकिब अल-हसन समेत 156 लोगों पर हत्या का मामला दर्ज कराया था। शिकायत में कहा गया है कि नामजद नेताओं और सांसदों के प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष आदेश और उकसावे पर प्रदर्शनकारियों पर गोलीबारी हुई, जिसमें रुबेल की मौत हुई। शाकिब उस समय बांग्लादेश में नहीं थे और सरकार गिरने के बाद से लगातार विदेश में रह रहे हैं। इसी वजह से बांग्लादेश पुलिस अब तक उन्हें गिरफ्तार नहीं कर सकी है। देश लौटने वाले थे, फोन आने के बाद यात्रा रद्द की शाकिब अक्टूबर 2024 में वे बांग्लादेश लौटने वाले थे, लेकिन दुबई पहुंचने के बाद उन्हें फोन कर कहा गया कि फिलहाल देश न आएं। इसके बाद उन्होंने यात्रा रद्द कर दी। उन्होंने कुछ महीने पहले एक इंटरव्यू में कहा था कि अब उनकी घर वापसी को लेकर कोई बात नहीं चल रही है। पहले बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड (BCB) उनसे संपर्क करता था, लेकिन अब मामला ठंडा पड़ गया है। हत्या को लेकर किए गए केस को लेकर उन्होंने कहा कि अडाबोर में हुई एक घटना को लेकर उनके खिलाफ हत्या का मुकदमा चल रहा है। लेकिन वह कभी अपनी जिंदगी में कभी अडाबोर नहीं गए। उस हत्या से उनका कोई लेना-देना नहीं है। शाकिब ने यह भी कहा था कि जांच के नाम पर उनका बैंक खाता करीब 2 साल से फ्रीज है। अधिकारियों ने जांच के लिए खाता फ्रीज किया था, लेकिन इतने लंबे समय में भी उनके खिलाफ कोई ठोस सबूत नहीं मिला। अवामी लीग नेताओं के खिलाफ लगातार हिंसा अगस्त 2024 में शेख हसीना सरकार के सत्ता से हटने के बाद से बांग्लादेश में अवामी लीग के नेताओं, पूर्व सांसदों और उनके समर्थकों के खिलाफ हिंसा की कई घटनाएं सामने आई हैं। देश के अलग-अलग हिस्सों में उनके घरों, पार्टी कार्यालयों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को निशाना बनाया गया। कई जगहों पर भीड़ ने तोड़फोड़ की, आगजनी की और लूटपाट की घटनाओं को अंजाम दिया। सिर्फ संपत्तियों पर ही नहीं, बल्कि कई नेताओं के खिलाफ हत्या, भ्रष्टाचार और अन्य आपराधिक मामलों में जांच भी शुरू की गई। बड़ी संख्या में अवामी लीग के नेता देश छोड़कर चले गए, जबकि कई को गिरफ्तार किया गया या वे भूमिगत हो गए। पूर्व सांसदों और पार्टी से जुड़े प्रमुख चेहरों की सुरक्षा भी गंभीर चिंता का विषय बनी रही। ———————————————— बांग्लादेश से जुड़ी ये खबर भी पढ़ें… शेख हसीना बोलीं- दिसंबर में बांग्लादेश लौटूंगी:2 साल बाद वर्चुअल भाषण दिया, कैमरा ऑफ था बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना ने दो साल बाद बुधवार को लोगों को वर्चुअली संबोधित किया। जब हसीना बोल रही थीं, उस दौरान उनका कैमरा बंद था। भाषण में उन्होंने कहा- “मुझे पता है कि वे मुझे जेल में डाल सकते हैं या मार भी सकते हैं, फिर भी मैं दिसंबर में बांग्लादेश वापस जाउंगी।” पढ़ें पूरी खबर…

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