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‘तू दो कौड़ी की कर्मचारी,मैं किसी मंत्री की नहीं सुनता’:मंत्री पर आरोप लगाने वाले IAS के खिलाफ महिला कर्मचारी ने एफिडेविट देकर की शिकायत

जबलपुर स्मार्ट सिटी के सीईओ अरविंद शाह (IAS) और कैबिनेट मंत्री राकेश सिंह के बीच चल रहा विवाद वैसे तो मुख्यमंत्री के हस्तक्षेप के बाद कहने को शांत हो गया है। लेकिन अब अधिकारी और कर्मचारी के बीच की जंग खुलकर सामने आ गई है। पहले आईएएस अफसर और जबलपुर स्मार्ट सिटी के सीईओ ने मंत्री राकेश सिंह द्वारा अपमानित किए जाने की शिकायत आईएएस एसोसिएशन से की थी, वहीं अब स्मार्ट सिटी की ही एक महिला प्रशासनिक कार्यकारी, दिलप्रीत भल्ला ने शपथ पत्र प्रस्तुत कर आईएएस अरविंद शाह पर बेहद गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि आईएएस अरविंद शाह ने उन्हें अपमानित किया और कहा कि तू दो कौड़ी की कर्मचारी है। मैं किसी मंत्री की नहीं सुनता हूं। ऐसे हुई विवाद की शुरुआत शिकायतकर्ता दिलप्रीत भल्ला के अनुसार, स्मार्ट सिटी जबलपुर में सभी कर्मचारियों का वेतन महीने के पहले सप्ताह में आ जाता है। हालांकि, उनका मार्च 2026 का वेतन 10 अप्रैल 2026 तक बैंक खाते में जमा नहीं हुआ। जब उन्होंने इस संबंध में प्रशासनिक अधिकारी रवि राव से पूछताछ की, तो उन्हें मौखिक रूप से बताया कि मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) अरविंद शाह के आदेश पर उनका वेतन रोका है। इसके बाद जब उन्होंने स्वयं CEO से वेतन भुगतान का निवेदन किया, तो शाह ने कथित तौर पर यह कहते हुए उन्हें अपमानित किया कि उन्होंने उन्हें कभी कार्यालय में काम करते नहीं देखा और उन्हें अभद्रतापूर्वक चैंबर से बाहर जाने का आदेश दिया। 22 अप्रैल की घटना, चैंबर में अपमान और मंत्री को चुनौती दी शपथ पत्र में 22 अप्रैल 2026 की घटना का सबसे गंभीर पहलू ये बताया गया है कि मंत्री राकेश सिंह के हस्तक्षेप के बाद जब CEO ने कर्मचारी को अपने चैंबर में बुलाया, तो वहां का माहौल और भी विवादित हो गया। आरोप है कि CEO ने महिला कर्मचारी से कहा कि ‘तू दो कौड़ी की कर्मचारी है और मैं एक IAS अधिकारी हूं।; उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि वे किसी मंत्री की बात नहीं सुनते और न ही किसी के दबाव में काम करते हैं।’ कर्मचारी का दावा है कि जब वह रोते हुए चैंबर से बाहर निकल रही थी, तब शाह ने मंत्री जी के लिए भी अपशब्दों (गाली) का प्रयोग किया और कहा कि मैं ‘मंत्री को भी देख लूंगा।’
मंत्री के आवास पर बैठक और बिना माफी के खत्म हुआ संवाद घटना के बाद जब सिख समाज के वरिष्ठों ने मंत्री राकेश सिंह को अवगत कराया, तो उन्होंने अपने सरकारी आवास पर एक बैठक बुलाई। इस बैठक में जबलपुर कलेक्टर (चेयरमैन, स्मार्ट सिटी) राघवेंद्र सिंह और नगर निगम आयुक्त रामप्रकाश अहिरवार भी उपस्थित थे। मंत्री ने CEO अरविंद शाह को समझाइश दी कि एक IAS अधिकारी के नाते उन्हें महिला सहकर्मी के साथ इस तरह का दुर्व्यवहार और गाली-गलौज नहीं करनी चाहिए थी। इस पर CEO ने स्वीकार किया कि उनकी भाषा गलत रही होगी, लेकिन उनका भाव गलत नहीं था। हालांकि, शपथ पत्र के अनुसार शाह ने न तो अपनी गलती के लिए माफी मांगी और न ही अपने व्यवहार पर कोई खेद प्रकट किया, जिससे पीड़ित कर्मचारी बेहद आहत और डरी हुई हैं। महिला कर्मचारी ने की कार्रवाई की मांग यह पूरा मामला 26 अप्रैल 2026 को नोटरी के समक्ष प्रस्तुत किए गए एक कानूनी शपथ पत्र के माध्यम से सामने आया है। 37 वर्षीय दिलप्रीत भल्ला ने शपथपूर्वक पुष्टि की है कि उनके द्वारा अरविंद शाह के विरुद्ध की गई यह शिकायत पूरी तरह सही है और यह किसी भी बाहरी प्रलोभन या दबाव में नहीं की गई है। उन्होंने मुख्यमंत्री से मांग की है कि इस मामले में निष्पक्ष और उचित कार्यवाही की जाए ताकि भविष्य में किसी भी कनिष्ठ महिला कर्मचारी या अन्य स्टाफ के साथ इस प्रकार का दुर्व्यवहार दोबारा न हो । इस शिकायत की आधिकारिक कॉपी जबलपुर कलेक्टर को भी भेजी गई है। यह खबर भी पढ़ें… PWD मंत्री राकेश सिंह पर IAS को धमकाने के आरोप मध्यप्रदेश में मंत्री और आईएएस अधिकारी के बीच विवाद ने प्रशासनिक हलकों में हलचल बढ़ा दी है। लोक निर्माण विभाग (PWD) मंत्री राकेश सिंह पर जबलपुर स्मार्ट सिटी के CEO और आईएएस अधिकारी अरविंद शाह को बंगले पर बुलाकर अपमानित कर धमकी दी। मामले को लेकर आईएएस एसोसिएशन ने मुख्यमंत्री से कड़ी आपत्ति जताई है। मंत्री और जबलपुर स्मार्ट सिटी के सीईओ अरविंद शाह के बीच विवाद सुलझ गया है। पूरी खबर यहां पढ़ें…

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