टीएमसी सांसद महुआ मोइत्रा ने शुक्रवार को आरोप लगाया कि बंगाल के नदिया जिला प्रशासन ने उन्हें देर रात कृष्णानगर के सर्किट हाउस का कमरा खाली करने को कहा। मोइत्रा के मुताबिक, संसद सत्र खत्म होने के बाद वह रात रुकने के लिए यहां पहुंची थीं, जहां उन्हें एक कमरा दिया गया था। कमरा खाली करने से इनकार करने के बाद सर्किट हाउस के बाहर बड़ी संख्या में लोग जमा हो गए। उन्होंने आरोप लगाया कि भीड़ ने जय श्री राम के नारे लगा रही थी और उन्हें डराने की कोशिश की जा रही थी। मोइत्रा ने यह बात X पर पोस्ट कर कही। मोइत्रा बोली- मैं 2029 तक निर्वाचित सांसद हूं मोइत्रा ने X पर आगे कहा कि वह 2029 तक निर्वाचित सांसद हैं। लोकसभा का सत्र शुक्रवार को खत्म हुआ और वह कृष्णानगर सर्किट हाउस में रात रुक रही थीं, जो सांसदों के लिए आधिकारिक आवास है। उन्होंने कहा कि मौजूदा महिला सांसद होने और अपने ही लोकसभा क्षेत्र के सर्किट हाउस में ठहरने के बावजूद प्रशासन उन्हें कमरा खाली करने के लिए कहा। मोइत्रा ने कमरा खाली करने से इनकार कर दिया। उनके मुताबिक, जिला प्रशासन की ओर से उन्हें बार-बार फोन और मैसेज कर कमरा खाली करने के लिए कहा जा रहा था। मोइत्रा ने 2016 में विधानसभा जीता था मोइत्रा बेसिक एजुकेशन के बाद हायर एजुकेशन के लिए अमेरिका गईं। बाद में उनकी नौकरी लंदन के एक प्रतिष्ठित बैंक में लगी। कुछ सालों में उनका नौकरी से मोह भंग हुआ और वे राजनीति में आ गई। उन्होंने 2016 में पहला चुनाव पश्चिम बंगाल के करीम नगर विधानसभा से जीता था। 2019 में वे TMC के टिकट पर कृष्णानगर से लोकसभा चुनाव लड़ी और जीतीं। ये खबर भी पढ़ें… सुप्रीम कोर्ट बोला- सांसद अंडे फेंके जाने से डरते हैं:स्वतंत्रता सेनानियों ने गोलियां झेलीं, महुआ मोइत्रा की हेट स्पीच से जुड़ी याचिका खारिज की सुप्रीम कोर्ट ने टीएमसी सांसद महुआ मोइत्रा की याचिका पर सुनवाई के दौरान कहा, ‘राजनीति में आने के बाद अंडे फेंके जाने से क्यों डरती हैं, जबकि हमारे स्वतंत्रता सेनानियों ने गोलियां तक झेली थीं।’ पूरी खबर पढ़ें…
