सरकार को समर्थन मूल्य पर 18 हजार क्विंटल से ज्यादा गेहूं बेचने वाले फर्जी किसानों के मामले में प्रशासन ने गुरुवार को पहली बड़ी कार्रवाई की। मुरैना में फर्जी किसानों के पंजीयन का सत्यापन करने वाले 15 पटवारियों को सस्पेंड कर दिया गया है। दो तहसीलदारों (जौरा और बानमोर) को कारण बताओ नोटिस जारी हुए हैं। वहीं, भिंड में चार फर्जी किसानों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। फर्जी किसानों ने मुरैना, भिंड व राजगढ़ में बाजार से खरीदा गेहूं समर्थन मूल्य पर बेचकर 4.82 करोड़ रुपए का भुगतान लिया था। मुरैना में फर्जी किसानों से गेहूं खरीदी में शामिल 10 समिति प्रबंधकों को भी नोटिस जारी किए गए हैं। जवाब मिलने के बाद फर्जीवाड़े में शामिल अन्य लोगों पर भी एफआईआर की तैयारी है। भास्कर ने मुरैना में 32, भिंड में 23 व राजगढ़ में 4 फर्जी किसानों का खुलासा किया था। भास्कर में खुलासे के बाद ईओडब्ल्यू (आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ) ने जांच शुरू की है। अब एजेंसी की ग्वालियर की टीम नई तेजी के साथ पड़ताल करेगी। ग्वालियर की यह टीम संभवत: सोमवार से इन जिलों में जाकर खरीदी से जुड़े रिकॉर्ड को खंगालेगी। भास्कर लगातार : जिनकी जमीन का पंजीयन उन्हें पता नहीं 5 बिंदुओं में समझिए पूरा घोटाला… बंटाई का अनुबंध नहीं, फर्जी किसानों के पास जमीन नहीं, फिर भी सत्यापन हो गया 1. आखिरी दिनों में रात में हुए फर्जी पंजीयन
पंजीयन की अंतिम तारीख 10 मार्च थी। ज्यादातर फर्जी पंजीयन 5 से 10 मार्च के बीच रात 11 बजे से सुबह 7 बजे के बीच किए गए। 2. एससी किसानों की जमीन का भी पंजीयन
जालसाजों ने अनुसूचित जाति और अन्य किसानों के खसरा नंबरों पर अपना पंजीयन करा लिया। नाम नहीं मिलने पर पटवारी और तहसीलदार को इन्हें निरस्त करना था, लेकिन सत्यापन हो गया। कई मामलों में बंटाई पर खेती का कोई अनुबंध नहीं था, फिर भी तहसील स्तर पर सत्यापन कर दिया गया। बाद में पटवारी जांच में ये पंजीयन फर्जी पाए गए। 3. पंजीयन एक जगह, गेहूं दूसरी जगह बेचा
पकड़े जाने से बचने के लिए पंजीयन एक ब्लॉक या समिति में कराया गया, जबकि गेहूं की तुलाई दूसरे दूरस्थ खरीदी केंद्रों पर कराई गई। 4. दूसरे की जमीन, पैसा अपने खाते में
दूसरे किसानों की जमीन पर गेहूं बेचने का पंजीयन हुआ, लेकिन समर्थन मूल्य का भुगतान जालसाजों के बैंक खातों में चला गया। 5. जांच शुरू हुई, फिर भी भुगतान नहीं रुका
संदिग्ध पंजीयनों की जांच शुरू हुई, लेकिन विभागों में तालमेल की कमी से जांच के दौरान भी फर्जी किसानों के खातों में करोड़ों का भुगतान हो गया। दो तहसीलदारों को नोटिस, जांच के बाद कार्रवाई का दायरा बढ़ेगा 15 पटवारियों को सस्पेंड कर दिया है। दो तहसीलदारों को नोटिस दिए हैं। समिति प्रबंधकों का पक्ष जानने के बाद आगे कार्रवाई की जाएगी।’
लोकेश जांगिड़, कलेक्टर, मुरैना फर्जी तरीके से समर्थन मूल्य पर गेहूं बेचने वाले 4 लोगों पर एफआईआर हुई है। तहसीलदार को भी नोटिस दिया है। जांच जारी है।’
-केएल मीणा, कलेक्टर, भिंड
