एनके बगरोडिया पब्लिक स्कूल नई दिल्ली से स्कूली शिक्षा। मौलाना आजाद मेडिकल कॉलेज से उच्च शिक्षा लेने के बाद 2018 में आईएएस बनीं डॉ. नेहा जैन। कोप्पल कर्नाटक में बतौर प्रोबेशनरी अफसर जिला प्रशासन, आंगनवाड़ी को उन्नत करने का काम देखा। मांडिया कर्नाटक में एसडीएम के पद पर पहली पोस्टिंग। विवाह हुआ। कैडर स्थानांतरित होकर मप्र मिला। अशोकनगर में एसडीएम, जिला पंचायत सीईओ, सीहोर में जिला पंचायत सीईओ, नर्मदा घाटी विकास प्राधिकरण में एडिशनल डायरेक्टर और वर्तमान में उज्जैन स्मार्ट सिटी की सीईओ और अपर आयुक्त नगर पालिक निगम डॉ. जैन। कार्यशैली, व्यक्तित्व, विचारधारा के साथ भविष्य की प्लानिंग को लेकर दैनिक भास्कर के सवाल पर डॉ. जैन के जवाब… Q. आपकी अब तक की जीवन यात्रा का
सबसे बड़ा टर्निंग पाइंट किसे मानती हैं?
A. जब मैं मेडिकल कॉलेज के बाद जॉब में थी, तब महसूस हुआ कि हमें भी पॉलिसी मेकर की भूमिका में होना चाहिए। यही मेरे लिए टर्निंग पाइंट रहा।
Q. अब तक बतौर आईएएस अफसर कौन से कामों को उपलब्धियां मानती हैं?
A. अशोकनगर में स्वच्छता मित्रों को स्वच्छता ही सेवा अभियान में डिग्निटी कार्ड बनवाए। लखनऊ में नेशनल कैंप में उसका प्रतिनिधित्व भी किया। यूनिसेफ ने भी उसे सराहा, प्रकाशित किया।
Q. वीर भारत संग्रहालय, रेप्टाइल पार्क जैसे प्राेजेक्ट कब तक पूरे हो पाएंगे?
A. वीर भारत संग्रहालय, रेप्टाइल पार्क अहम प्रोजेक्ट्स हैं, इन्हें लेकर लगातार निरीक्षण, बैठक और निर्देश दे रहे हैं। कोशिश कर रहे हैं कि गुणवत्ता के साथ ये काम 2027 तक हर हाल में मूर्तरूप तक पहुंच जाएं।
Q. सिंहस्थ में बड़ी संख्या में श्रद्धालु आएंगे?
उनके लिए स्मार्ट सिटी की क्या प्लानिंग है?
A. कई प्रोजेक्ट्स हैं, जो सीधे सिंहस्थ से जुड़े हैं। प्रयास कर रहे हैं कि सभी कामों को मई-जून 2027 तक पूरा करवा लिया जाए।
Q. सिंहस्थ के लिए आईसीसीसी एकीकृत कमांड एवं नियंत्रण केंद्र बनाया जाना है, कहां तक पहुंचा?
A. यह सिंहस्थ के आंख, नाक, कान होंगे। इसके लिए टेंडर प्रक्रिया जारी है। इसके माध्यम से शहर में आने वाले श्रद्धालुओं को सुविधा मुहैया करवाएंगे।
Q. आपकी लीडरशिप को एक लाइन में परिभाषित करना हो तो कैसे करेंगे?
A. सुनने की क्षमता होना चाहिए। हर जगह की तासीर समझना चाहिए। ऐसे काम जिनकी यूटिलिटी लंबे समय तक हो, उन्हें करने में जुटे हैं। टीम वर्क से काम कर रहे हैं।
Q. भारत माता मंदिर से चौबीस खंभा माता मंदिर मार्ग तक का मार्ग कब तक बनाएंगे?
A. महाकाल मंदिर आने वाले श्रद्धालुओं के लिए भी यह मार्ग महत्वपूर्ण है। साथ ही यह श्रद्धालुओं के लिए आस्था से भी जुड़ा है। इस काम के लिए टीम को निर्देश दिए हैं कि वे कहीं कोई कमी न रखें।
Q. शी-लाउंज बनाए गए थे, जो अब बंद हो गए हैं, क्या कोई अन्य योजना है?
A. महिलाओं की सुविधा के लिए इसके अपडेट वर्जन पर विचार किया जा रहा है। जल्द ही इसमें बदलाव दिखाई देगा। शहर में इनकी संख्या भी बढ़ाएंगे। पूर्व में जो बनाई थी उनमें क्या कमियां है यह भी देख रहे हैं।
