ओंकारेश्वर की टर्बाइन से 1896 क्यूमेक्स पानी छोड़ा; 138.68 मीटर पार होते ही निसरपुर के घरों तक पहुंचा सरदार सरोवर के गेट बंद हैं, लेकिन ओंकारेश्वर परियोजना की टर्बाइन चलाकर करीब 1896 क्यूमेक्स प्रति सेकंड पानी छोड़े जाने के बाद निसरपुर में बैक-वाटर फिर घरों तक पहुंच गया। जलस्तर 138.68 मीटर पार होते ही पुराने निसरपुर की कई बसाहटों में पानी चौखट और आंगन तक आ गया। शुक्रवार को भी जलस्तर 138.64 मीटर दर्ज किया गया। यह वही निसरपुर है, जहां 2017 में सरदार सरोवर के बैक-वाटर से बड़ी संख्या में परिवार प्रभावित हुए थे। नौ साल बाद भी सैकड़ों परिवार मुआवजे, पात्रता और पुनर्वास के मामलों में उलझे हैं। भास्कर ने यहां की स्थिति देखी तो कई परिवार अब भी पुराने घरों में मिले। 3,200 में से 2 हजार को ही पूरा पुनर्वास लाभ… डूब क्षेत्र के कुल 3,200 परिवारों में से केवल 2 हजार से अधिक को ही पुनर्वास का पूरा लाभ मिल पाया। 88 किसानों की खेती की जमीन जलमग्न हुई थी, इनमें 33 किसान पूरी तरह भूमिहीन हो चुके हैं। 400 परिवार हक से वंचित
नर्मदा बचाओ आंदोलन के कार्यकर्ता सुरेश प्रधान के अनुसार डाक बंगला, गांधी नगर और पुरानी बसाहटों के 400 से अधिक परिवार अपने मकान और हक के लिए भटक रहे हैं। कई पात्र परिवार आज भी सहायता राशि के लिए चक्कर काट रहे हैं। 282 प्रकरण भोपाल भेजे
एनवीडीए-पीडब्ल्यूडी के एसडीओ वीके सिंह ने बताया कि इन्हें अभी 5.80 लाख रु. का लाभ नहीं मिला है। निसरपुर के 282 लोगों के प्रकरण तैयार कर आयुक्त के माध्यम से भोपाल भेजे हैं। स्वीकृति मिलते ही सभी को लाभ दे देंगे।
