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कांग्रेस लाइन से हटे कमलनाथ, बोले- गैस की कमी नहीं:सीएम ने ममता बनर्जी को दिया नया नाम; भाजपा विधायक की अजीब ‘शिक्षा नीति’

मध्य प्रदेश की राजनीति, नौकरशाही और अन्य घटनाओं पर चुटीली और खरी बात का वीडियो (VIDEO) देखने के लिए ऊपर क्लिक करें। इन खबरों को आप पढ़ भी सकते हैं। ‘बात खरी है’ मंगलवार से रविवार तक हर सुबह 6 बजे से दैनिक भास्कर एप पर मिलेगा। कमलनाथ ने कांग्रेस के आंदोलन की निकाली हवा मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता कमलनाथ ने पार्टी लाइन से हटकर बयान दिया है। छिंदवाड़ा पहुंचे कमलनाथ से जब मीडिया ने एलपीजी की किल्लत को लेकर सवाल किया, तो उन्होंने कहा कि किसी तरह की कमी नहीं है। कमलनाथ ने कहा, ‘यह अव्यवस्था है। ऐसी कोई कमी नहीं है, लेकिन माहौल बना दिया गया है कि कमी है।’ उनका यह बयान ऐसे समय में आया है, जब कांग्रेस पार्टी संसद से लेकर सड़कों तक गैस की किल्लत को लेकर मोदी सरकार को घेर रही है। पार्टी की ओर से ‘नरेंदर भी गायब, सिलेंडर भी गायब’ जैसे नारे भी लगाए जा रहे हैं। अब कमलनाथ के इस बयान से कांग्रेस के आंदोलन की हवा निकलती नजर आ रही है। भाजपा का कहना है कि कमलनाथ ने एलपीजी को लेकर राहुल गांधी और कांग्रेस के आरोपों की पोल खोल दी है। वहीं, केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने सोशल मीडिया पर लिखा कि झूठ और भ्रम के सहारे जनता को गुमराह करने वाली कांग्रेस को अब शर्म आनी चाहिए। सिंधिया ने आगे लिखा कि कांग्रेस को जनता में डर और अविश्वास फैलाकर अपनी राजनीतिक रोटियां सेंकना बंद करना चाहिए। सीएम मोहन यादव ने ममता बनर्जी को दिया नया नाम मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने पश्चिम बंगाल की सीएम ममता बनर्जी को नया नाम दिया है। उन्होंने कहा, ‘ममता दीदी के राज में लोग परेशान हैं। ये दीदी नहीं हैं, अब ममता ‘अप्पी’ हो गई हैं। ये बात पूरे देश में सुनाई दे रही है।’ सीएम पश्चिम बंगाल के बांकुरा में भाजपा के पक्ष में चुनावी सभा को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने आरोप लगाया कि ममता दीदी बंगाली मानुष के अधिकारों को बांग्लादेश को देने पर तुली हुई हैं। उन्होंने कहा, ‘यह चुनाव नहीं, धर्मयुद्ध है, जिसमें श्रीराम का मंत्र हम सभी को ताकत दे रहा है।’ उन्होंने मंच से जय श्रीराम का नारा भी लगवाया। सीएम ने ममता सरकार पर घोटालों के आरोप भी लगाए। उन्होंने कहा कि यहां का युवा कंगाल होता जा रहा है, जबकि बांग्लादेशी मालामाल हो रहे हैं। सीएम यादव ने पश्चिम बंगाल में भाजपा की जीत का दावा भी किया। भाजपा विधायक ने बताई अपनी अजीब ‘शिक्षा नीति’ डिंडौरी जिले के शहपुरा से भाजपा विधायक ओमप्रकाश धुर्वे ने एक कार्यक्रम में बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि अगर मैं मंत्री बन गया तो नियम बना दूंगा कि सभी अधिकारी-कर्मचारी अपने बच्चों को सरकारी स्कूलों में पढ़ाएंगे, नहीं तो उनका प्रमोशन रोक दिया जाएगा। विधायक यहीं नहीं रुके। उन्होंने आगे कहा कि यह नियम नेताओं पर भी लागू होगा। नेताओं को भी अपने बच्चों को सरकारी स्कूल में पढ़ाना पड़ेगा, नहीं तो उनका टिकट भी बंद कर दिया जाएगा। ओमप्रकाश धुर्वे शाला प्रवेश उत्सव कार्यक्रम में बोल रहे थे। उस समय मंच पर कलेक्टर और एसडीएम समेत कई अधिकारी मौजूद थे, जो उनकी बातें सुनकर हैरान भी दिखे और मुस्कुराते नजर आए। अब इस बयान को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। लोग कह रहे हैं कि भले ही मध्य प्रदेश में नई शिक्षा नीति लागू हो चुकी हो, लेकिन विधायक एक अलग ही “नीति” की बात कर रहे हैं। कुछ लोग इसे मजाकिया अंदाज में कही गई गंभीर बात मान रहे हैं। वहीं, कुछ का कहना है कि मंत्री बनने के बाद ही ऐसे नियम बन सकते हैं, और मंत्री बनना इतना आसान नहीं, क्योंकि पहले से ही कड़ा मुकाबला है। आईएएस अफसर बनना चाहते थे विधायक शाक्य गुना से भाजपा विधायक पन्नालाल शाक्य ने एक बार बयान दिया था कि सिलेक्टेड लोग, इलेक्टेड लोगों पर हावी रहते हैं। अब उन्होंने खुलासा किया है कि वे खुद भी सिलेक्टेड बनना चाहते थे। मतलब आईएएस अधिकारी। एक स्कूल में शाला प्रवेश उत्सव कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उन्होंने अपने मन की बात साझा की। उन्होंने कहा- मैं भी आईएएस बनना चाहता था, लेकिन परिवार की स्थिति ऐसी नहीं थी। सबसे बड़ा दुर्भाग्य यह था कि मेरे पिता मजदूर थे। हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि उन्होंने ठान लिया था कि या तो आईएएस अधिकारी बनेंगे या फिर चुनाव लड़ेंगे। उन्होंने बताया कि इसके बाद मुझे टिकट मिला और मैंने चुनाव लड़ा। जब पन्नालाल शाक्य यह बातें कह रहे थे, उस समय मंच पर कलेक्टर किशोर कुमार कन्याल सहित अन्य अधिकारी और जनप्रतिनिधि मौजूद थे। इनपुट सहयोग – देवेंद्र ठाकुर (छिंदवाड़ा), अभिमन्यु सिंह (डिंडौरी), आशीष रघुवंशी (गुना)। ये भी पढ़ें… रियलिटी चेक में जीतू पटवारी फेल, भरी सभा में फजीहत: छींक आई और कट गई पंडोखर सरकार की चोटी मध्य प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने खुद का रियलिटी चेक किया, लेकिन उसमें वे फेल हो गए। हुआ यूं कि युवा कांग्रेस की बैठक में उन्होंने पूछा कि मेरे नेतृत्व में संगठन कैसा चल रहा है, मेरा कामकाज कैसा है? इस पर एक कार्यकर्ता ने कहा कि आप कार्यकर्ताओं से नहीं मिलते। आपको गंभीरता से उनकी बात सुननी चाहिए। पढ़ें पूरी खबर…

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