दिल्ली पुलिस की एक टीम शुक्रवार को 2 करोड़ रुपए की फिरौती मांगने के मामले की जांच करने के लिए सिवनी पहुंची है। यह मोटी रकम कुख्यात लॉरेंस बिश्नोई गैंग के नाम पर मांगी गई थी। शुरुआती जांच में पता चला है कि जिस मोबाइल नंबर से धमकी दी गई थी, वह सिवनी के ही एक युवक के नाम पर रजिस्टर है। जानकारी के मुताबिक, दिल्ली के एक व्यापारी को व्हाट्सएप कॉल करके 2 करोड़ रुपए की फिरौती मांगी गई थी। फोन करने वाले बदमाशों ने खुद को लॉरेंस बिश्नोई गैंग का आदमी बताया था। जब दिल्ली पुलिस ने इस मामले की तकनीकी जांच शुरू की, तो पता चला कि इस्तेमाल किए गए मोबाइल नंबर का रजिस्ट्रेशन और लोकेशन सिवनी जिले से जुड़ी है। सुनील सतनामी के नाम पर दर्ज है मोबाइल नंबर जांच के लिए दिल्ली पुलिस की टीम सिवनी पहुंची और स्थानीय पुलिस की मदद से उस युवक को ढूंढकर पूछताछ की। पुलिस अधीक्षक कृष्ण लालचंदानी ने बताया कि वह मोबाइल नंबर सुनील सतनामी नाम के युवक के नाम पर दर्ज है। हालांकि, अब तक की जांच में इस युवक का किसी भी आपराधिक गतिविधि या फिरौती की घटना में सीधे तौर पर शामिल होने का कोई सबूत नहीं मिला है। युवक का फोन जब्त, जांच में जुटे साइबर एक्सपर्ट पुलिस अधीक्षक के अनुसार, तकनीकी जांच को आगे बढ़ाने के लिए युवक का मोबाइल फोन जब्त कर लिया गया है। शुरुआती तौर पर यह आशंका जताई जा रही है कि लॉरेंस बिश्नोई गैंग या उससे जुड़े अपराधियों ने किसी गलत तरीके से इस युवक के नंबर का इस्तेमाल किया होगा। फिलहाल साइबर एक्सपर्ट कॉल डिटेल्स और डिजिटल सबूतों की जांच कर रहे हैं। मामले की और जानकारी के लिए जब बंडोल थाना प्रभारी को फोन किया गया, तो उन्होंने कॉल रिसीव नहीं किया। फर्जी सिम और इंटरनेट कॉलिंग बन रही चुनौती देखा गया है कि पिछले कुछ सालों में देश के अलग-अलग राज्यों में व्यापारियों से व्हाट्सएप कॉल और इंटरनेट के जरिए धमकी देकर फिरौती मांगने के मामले बढ़े हैं। ऐसे मामलों में अपराधी अक्सर फर्जी सिम, क्लोन नंबर या इंटरनेट कॉलिंग का इस्तेमाल करते हैं, जिससे जांच एजेंसियों के लिए उन्हें पकड़ना काफी चुनौतीपूर्ण हो जाता है। दिल्ली पुलिस का कहना है कि तकनीकी सबूतों के आधार पर जल्द ही असली आरोपियों को पकड़ लिया जाएगा।
