भोपाल में इलेक्ट्रिक थेरेपी मैट में शॉर्ट-सर्किट होने से 90 वर्षीय बुजुर्ग की मौत हो गई। हादसा 27 मई की दोपहर हुआ, जब थेरेपी बेड के इलेक्ट्रिक सिस्टम में अचानक स्पार्किंग हुई और आग भड़क गई। चलने-फिरने में असमर्थ बुजुर्ग गंभीर रूप से झुलस गए। अस्पताल में इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। ईंटखेड़ी थाना प्रभारी आशीष स्प्रे ने बताया कि मृतक ग्लैडविन सहाय पीठ दर्द की समस्या से परेशान थे। इसके चलते वे घर में इलेक्ट्रिक थेरेपी मैट वाले बेड का उपयोग करते थे। यह सिस्टम बैटरी और मोटर से संचालित था। परिजन तुरंत अस्पताल लेकर पहुंचे प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि बेड के इलेक्ट्रिक सिस्टम में शॉर्ट-सर्किट होने से स्पार्किंग हुई और आग लग गई। घटना के समय परिवार के सदस्य घर पर मौजूद थे। परिजन तुरंत उन्हें अस्पताल लेकर पहुंचे, लेकिन उन्हें बचाया नहीं जा सका। मामले की तकनीकी जांच कराई जा रही पुलिस के मुताबिक, यह कोई विस्फोट नहीं था। शुरुआती जांच में बैटरी और इलेक्ट्रिक सिस्टम में खराबी के कारण आग लगने की बात सामने आई है। मामले की तकनीकी जांच कराई जा रही है। बेटे ने कहा- दिन में दो बार करते थे उपयोग मृतक के बेटे अराध्य सहाय ने बताया कि पिता की थेरेपी के लिए इलेक्ट्रिक मैट और अन्य सहायक उपकरण लगाए गए थे। सुबह और दोपहर में अलग-अलग समय पर उनका उपयोग किया जाता था। इसी दौरान हादसा हो गया। क्या है इलेक्ट्रिक थेरेपी मैट एक मेडिकल हेल्थ डिवाइस होता है, जिसे शरीर के दर्द, जकड़न और बेड सोल (घाव) जैसी समस्याओं में राहत देने के लिए इस्तेमाल किया जाता है। यह सामान्य गद्दे या चटाई जैसा दिखता है, लेकिन इसके अंदर इलेक्ट्रॉनिक सिस्टम लगा होता है। कैसे काम करती है इस्तेमाल क्यों किया जाता है जोखिम भी होते हैं
