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इंदौर में जल संकट पर निगम कमिश्नर सख्त:फालतू पानी फेंकने वालों को पहले समझाएंगे, नहीं मानने पर होगी चालानी कार्रवाई

इंदौर में जल संकट गहराता ही जा रहा है। जल संकट को देखते हुए नगर निगम कमिश्नर क्षितिज सिंघल सख्त रवैया अपना रहे हैं। अब फालतू पानी बहाने पर ऐसे लोगों को पहले समझाइश दी जाएगी, नहीं मानने पर उन पर चालानी कार्रवाई की जाएगी। इसे लेकर निगम कमिश्नर ने अधिकारियों को भी दिशा-निर्देश दे दिए हैं। निगम कमिश्नर ने सभी जोनों के स्वास्थ्य अधिकारियों, प्रभारी मुख्य स्वच्छता निरीक्षकों और सहायक मुख्य स्वच्छता निरीक्षकों को विशेष निर्देश जारी किए हैं। निगम कमिश्नर ने वॉटर सप्लाई के दौरान अपने-अपने क्षेत्रों में नियमित रूप से निरीक्षण करने के लिए कहा है, जिन जल संयोजनों के नलों में टोटियां नहीं लगी और जहां पानी अनाश्वयक रूप से ढोला जा रहा है। वहां तत्काल आवश्यक कार्रवाई करें। निगम कमिश्नर ने निर्देशित किया है कि फालतू पानी ढोलने वाले लोगों को पहले समझाइश देकर पानी की बर्बादी रोकने और नलों में टोटियां लगाने के लिए मोटिवेट करें। यदि समझाइश के बाद भी वह पानी ढोलते है तो उनके खिलाफ नियमानुसार चालानी कार्रवाई की जाए। साथ ही रोजाना की जाने वाले चालानी कार्र‌वाई की जानकारी भी अपर आयुक्त को दी जाए। बता दें कि गर्मी के दौरान शहर में पानी की उपलब्धता और मैनेजमेंट को लेकर विशेष सतर्कता बरती जा रही है। ऐसे सामने आई ये बात दरअसल, नगर निगम के अधिकारी रोजाना सुबह दौरा करने निकलते हैं। इस दौरान ये बात सामने आई कि शहर की विभिन्न बस्तियों और रहवासी इलाकों में कई जगहों पर नलों में टोटियां नहीं होने के कारण पानी की सप्लाई के समय बड़ी मात्रा में पानी फालतू बहता रहता है। इससे न केवल पानी वेस्ट होता है, बल्कि आसपास के इलाके में जलभराव और गंदगी की स्थिति बन जाती है। जनता से की अपील कई लोग पानी का इस्तेमाल गाड़ियां धोने, घरों के आंगन, परिसर और ओटलों की सफाई जैसे कामों में कर रहे है। नगर निगम ने इस प्रकार के उपयोग को अनुचित बताते हुए लोगों से पीने के पानी का इस्तेमाल केवल आवश्यक घरेलू कामों और पीने में इस्तेमाल करने की अपील की है। निगम कमिश्नर ने कहा कि जल संरक्षण वर्तमान समय की सबसे बड़ी जरूरत है। हर व्यक्ति का दायित्व है कि वह पानी की हर बुंद का महत्व समझे और उसके संरक्षण में अपना योगदान दे। लोग कर चुके हैं चक्काजाम, प्रदर्शन पानी की किल्लत के चलते कई लोग परेशान है। नगर निगम ने भी पिछले साल की तुलना में करीब 125 टैंकर ज्यादा चला रहा है, ताकि लोगों तक पानी पहुंच सके। पानी की किल्लत के चलते शहर में कई जगह चक्काजाम और प्रदर्शन लोगों द्वारा किए जा चुके हैं। हाल ही में कांग्रेस ने भी राजबाड़ा पर धरना प्रदर्शन किया था और पैदल रैली निकालकर नगर निगम मुख्यालय के बाहर मटके फोड़े थे। इसके पहले पालदा चौराहे पर पार्षद कुणाल सोलंकी ने भी जनता के साथ मिलकर कई घंटों तक चक्काजाम किया था। उनका एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था, जिसमें वह एसीपी के पैरों में दंडवत करते हुए पानी की गुहार लगा रहे हैं। ज्यादा टैंकर चला रहा निगम नगर निगम द्वारा जल संकट तो देखते हुए करीब 720 टैंकर चलाए जा रहे हैं। जो पिछले साल की तुलना में 125 टैंकर ज्यादा हैं। जिन टैंकरों से अनुबंध किया गया है। उन्हें 2100 से 2200 रुपए प्रतिदिन के हिसाब से रेट दिया जा रहा है। कई इलाकों में पानी की किल्लत, टैंकरों की मनमानी और पानी बेचने की शिकायतें लगातार सामने आने के बाद अब निगम ने अपने स्तर पर ही सौ टैंकर खरीदने की तैयारी शुरू की हैं। हर साल करोड़ों का किराया, फिर भी राहत नहीं नगर निगम अधिकारियों के अनुसार वर्तमान में 500 से अधिक टैंकर पानी वितरण के लिए अटैच किए गए हैं। टैंकरों को किराया देने के बाद भी कई क्षेत्रों से पानी नहीं पहुंचने, टैंकरों की कमी और पानी बेचने जैसी शिकायतें लगातार मिलती रहती हैं। इस बार गर्मियों में शहर के कई इलाकों में जल संकट को लेकर प्रदर्शन और चक्काजाम तक हुए। कई जगह टैंकर उपलब्ध थे, लेकिन बोरिंग और जलस्रोतों की स्थिति खराब होने से लोगों को पर्याप्त पानी नहीं मिल पाया।

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