शैक्षणिक सत्र 2026-27 का आधे से ज्यादा समय बीत चुका है, लेकिन जिले के सरकारी स्कूलों के 2 लाख 14 हजार 261 विद्यार्थी अब भी यूनिफॉर्म से वंचित हैं। कक्षा एक से 8वीं तक के बच्चों को न सिली-सिलाई यूनिफॉर्म मिली और न ही सिलवाने के लिए उनके बैंक खातों में राशि ट्रांसफर हुई। राशि अभिभावकों के खातों में जमा कराने के लिए सभी बीआरसी (ब्लॉक संसाधन केंद्र) को खाता नंबर अपडेट करना है। डीबीटी (डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर) के लिए बैंक खातों को अपडेट करने में विभाग के अधिकारी देरी कर रहे हैं। सरकार ने इस सत्र में विद्यार्थियों को यूनिफॉर्म उपलब्ध कराने की योजना बनाई थी। इसके लिए मध्यप्रदेश पाठ्यपुस्तक निगम ने करीब 350 करोड़ रुपए का केंद्रीकृत टेंडर जारी किया था। टेंडर की शर्तों को लेकर स्थानीय एमएसएमई इकाइयों, वस्त्र संघों, बुनकरों ने हाई कोर्ट में याचिका दायर कर दी। याचिकाकर्ताओं का कहना था कि टेंडर की शर्तों के कारण स्थानीय इकाइयों को प्रक्रिया से बाहर होना पड़ रहा है।
