भाजपा ने केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी को मध्य प्रदेश से राज्यसभा उपचुनाव के लिए उम्मीदवार बनाया है। पार्टी की केंद्रीय चुनाव समिति ने 28 अक्टूबर को उनके नाम की घोषणा की। पुरी केंद्र सरकार में पेट्रोलियम मंत्री हैं। यह सीट केंद्रीय मंत्री एल. मुरुगन के इस्तीफे के बाद खाली हुई है। इस सीट पर 12 नवंबर को मतदान होगा। इसी दिन शाम 5 बजे काउंटिंग होगी। मुरुगन ने 14 अक्टूबर को दिया था इस्तीफा डॉ. एल. मुरुगन ने 14 अक्टूबर 2026 को अपने केंद्रीय मंत्रिपरिषद और राज्यसभा की सदस्यता से इस्तीफा दे दिया था। इसके बाद से सीट खाली है। भारत निर्वाचन आयोग ने 22 अक्टूबर को चुनाव कार्यक्रम जारी किया था। इस सीट पर 12 नवंबर को मतदान होगा। इसी दिन शाम 5 बजे मतगणना की जाएगी। चुनाव जीतने के लिए कितने विधायकों का समर्थन चाहिए? मध्य प्रदेश की 230 सदस्यीय विधानसभा में राज्यसभा की एक सीट जीतने के लिए सामान्य स्थिति में 116 मतों का कोटा है। हालांकि, कांग्रेस विधायक मुकेश मल्होत्रा मतदान में हिस्सा नहीं ले सकेंगे। ऐसे में 229 विधायकों के आधार पर चुनावी गणित तय होगा और जीत का कोटा निर्धारित नियमों के अनुसार तय किया जाएगा। बीना विधायक निर्मला सप्रे की स्थिति भी अहम है। वे खुद को कांग्रेस में बताती हैं, लेकिन भाजपा के कार्यक्रमों में भी नजर आती रही हैं। दलबदल से जुड़े मामले के कारण उनकी स्थिति स्पष्ट नहीं है। उनके वोट को लेकर तस्वीर साफ होने के बाद ही दोनों दलों की प्रभावी संख्या का सटीक आकलन हो सकेगा। हरदीप सिंह पुरी का राजनीतिक और प्रशासनिक करियर हरदीप सिंह पुरी ने भारतीय विदेश सेवा (IFS) में रहकर कई महत्वपूर्ण पदों पर कार्य किया। संयुक्त राष्ट्र (UN) में भारत के स्थायी प्रतिनिधि भी रहे। जनवरी 2014 में वे भारतीय जनता पार्टी (BJP) में शामिल हुए। उन्होंने पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय, आवास और शहरी मामलों के मंत्रालय, नागरिक उड्डयन (स्वतंत्र प्रभार) और वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय में जिम्मेदारियां संभाली हैं। खबर लगातार अपडेट कर रहे हैं…
