Homeमध्यप्रदेशMP के 3.17 लाख टीचरों को ई अटेंडेंस में राहत:टेक्निकल एरर से...

MP के 3.17 लाख टीचरों को ई अटेंडेंस में राहत:टेक्निकल एरर से हाजिरी नहीं लगी तो नहीं रुकेगा वेतन; अतिथि शिक्षकों को भी छूट

मध्यप्रदेश में ई-अटेंडेंस नहीं लग पाने पर अब शिक्षकों और अतिथि शिक्षकों का वेतन नहीं रोका जाएगा। तकनीकी समस्या के कारण ऑनलाइन उपस्थिति दर्ज नहीं होने को अनुपस्थिति का आधार नहीं माना जाएगा। हालांकि ई-अटेंडेंस लगाना अनिवार्य रहेगा। प्रदेश में फिलहाल 99% शिक्षक और अतिथि शिक्षक ई-अटेंडेंस लगा रहे हैं। लोक शिक्षण आयुक्त अभिषेक सिंह ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में जिला शिक्षा अधिकारियों को इस संबंध में निर्देश दिए हैं। इसके बाद सभी डीईओ ने अपने जिलों में संकुल प्राचार्यों को निर्देशों पर अमल करने के लिए कहा है। आयुक्त ने स्पष्ट किया है कि केवल ई-अटेंडेंस नहीं लग पाने के कारण किसी भी शासकीय सेवक का वेतन नहीं रोका जाएगा। यह व्यवस्था नियमित शिक्षकों और अन्य शासकीय सेवकों के साथ-साथ अतिथि शिक्षकों पर भी लागू होगी। तकनीकी समस्या से ऑनलाइन हाजिरी नहीं लगने पर राहत ई-अटेंडेंस के दौरान कई जगह नेटवर्क की समस्या, एप में तकनीकी खामी, लॉगिन की परेशानी, लोकेशन संबंधी गड़बड़ी या अन्य तकनीकी कारणों से विद्यालय में मौजूद रहने के बावजूद ऑनलाइन उपस्थिति दर्ज नहीं हो पाती है। ऐसी स्थिति में कर्मचारी का वेतन रोकना उचित नहीं माना जाएगा। ई-अटेंडेंस की तकनीकी विफलता को कर्मचारी की अनुपस्थिति का आधार नहीं बनाया जा सकेगा। एक दो दिन अनुपस्थित रहने पर भी वेतन नहीं कटेगा आयुक्त लोक शिक्षण ने अफसरों से यह भी स्पष्ट किया है कि ई-अटेंडेंस नहीं लग पाने या एक-दो दिन अनुपस्थित रहने पर शिक्षक अथवा अतिथि शिक्षक का पूरे महीने का वेतन नहीं रोका जाएगा। ऐसे मामलों में संकुल प्राचार्य स्पीकिंग ऑर्डर जारी कर अनुपस्थिति का कारण पूछेंगे और नियमानुसार कार्रवाई करेंगे। यानी वेतन रोकने के बजाय अनुपस्थिति के मामले में नियमों के अनुसार प्रक्रिया अपनाई जाएगी। ई-अटेंडेंस लगाना फिर भी अनिवार्य विभाग ने स्पष्ट किया है कि इस फैसले का मतलब ई-अटेंडेंस से छूट नहीं है। शिक्षकों और अतिथि शिक्षकों को ऑनलाइन उपस्थिति दर्ज करना अनिवार्य रहेगा। शासकीय शिक्षक संगठन मध्यप्रदेश के कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष उपेन्द्र कौशल ने विभाग के निर्देश का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि तकनीकी समस्या के लिए शिक्षक या कर्मचारी को दंडित करना न्यायसंगत नहीं है। कौशल ने विभाग से ई-अटेंडेंस व्यवस्था को तकनीकी रूप से और सक्षम बनाने तथा ऐसी स्थिति में वैकल्पिक उपस्थिति दर्ज करने की स्पष्ट व्यवस्था करने की मांग की।

Stay Connected
16,985FansLike
2,458FollowersFollow
61,453SubscribersSubscribe
Must Read
Related News

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here