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LPG संकट- एजेंसियों पर सुबह 4 बजे से लगीं लाइनें:सरकार की अपील- PNG पर शिफ्ट हों, होर्मुज में फंसे 20 टैंकरों से बढ़ी उम्मीद

अमेरिका-इजराइल की ईरान से जंग की वजह से देशभर में LPG की किल्लत बढ़ती ही जा रही है। बिहार और एमपी में हालत ये है कि लोग सुबह 4 बजे से गैस एजेंसियों के बाहर लम्बी लाइनों में लग रहे हैं। गैस सिलेंडर की कालाबाजारी और जमाखोरी भी हो रही है। कई जगहों पर ₹2 हजार का कॉमर्शियल सिलेंडर ₹4 हजार में बिक रहा है। इसके साथ ही सिलेंडर जब्त करने की कार्रवाई भी हो रही है। हालांकि, सरकार का दावा है कि देश में ईंधन की कोई कमी नहीं है और लोगों को घबराने की जरूरत नहीं है। केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने भी संसद में कहा है कि सब कुछ नियंत्रण में है। मध्य प्रदेश: बुजुर्ग से बच्चे तक सिलेंडर के लिए भाग-दौड़ कर रहे
मध्य प्रदेश में LPG संकट गहरा रहा है। 5 दिन से 50 हजार से ज्यादा होटल-रेस्टॉरेंट को कॉमर्शियल सिलेंडर नहीं मिले हैं। कई होटलों में तो 24 से 48 घंटे की गैस ही बची है। ऐसे में ये बंद होने के कगार पर हैं। हालांकि, वैकल्पिक इंतजाम के तौर पर इंडक्शन, डीजल भट्‌ठी का उपयोग हो रहा है। इसके साथ घरेलू सिलेंडर ने भी मुश्किलें बढ़ा रखी हैं। भोपाल, इंदौर सहित कई शहरों में बुजुर्ग से बच्चे तक सिलेंडर के लिए भाग-दौड़ कर रहे हैं। कहीं सिलेंडर लेकर घंटों कतार में लगे हैं तो कहीं पुलिस के साये में सिलेंडर बंट रहे हैं। पूरी खबर पढ़ें… बिहार: गैस एजेंसियों के बाहर लोगों की लंबी लाइनें लगीं
गैस एजेंसियों के बाहर लोगों की लंबी लाइन लग रही है। लोगों को घंटों इंतजार करना पड़ रहा है। सिलेंडर की कमी का असर अब बाजार पर भी दिखने लगा है। गैस उपलब्ध नहीं होने की वजह से लकड़ी और कोयले की मांग बढ़ गई है, जिससे इनके दाम भी तेजी से बढ़े हैं। साथ ही इंडक्शन के दाम भी करीब पांच गुना तक बढ़ गए हैं। पूरी खबर पढ़ें… हिमाचल प्रदेश: होटल और ढाबा संचालक कमर्शियल LPG गैस के विकल्प के लिए इंडक्शन खरीद रहे हिमाचल प्रदेश में कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की भारी किल्लत के बीच खाना पकाने के लिए बिजली से चलने वाले इंडक्शन हीटर की मांग अचानक कई गुना बढ़ी है। हालात ऐसे बन गए हैं कि जो दुकानदार पहले हफ्ते में मुश्किल से एक-दो इंडक्शन बेच पाते थे, अब उनके यहां रोजाना 8 से 15 तक इंडक्शन बिक रहे हैं। खासकर होटल और ढाबा संचालक कमर्शियल LPG गैस के विकल्प के लिए इंडक्शन खरीद रहे हैं। पूरी खबर पढ़ें… सरकार की अपील- LPG छोड़कर PNG पर शिफ्ट हों पेट्रोलियम मंत्रालय की जॉइंट सेक्रेटरी सुजाता शर्मा ने कहा कि हमारी रिफाइनरीज और एलपीजी का स्टॉक पर्याप्त है। उन्होंने जनता से अपील की है कि जो लोग पाइप वाली गैस (PNG) पर शिफ्ट हो सकते हैं, वे तुरंत कनेक्शन ले लें। सरकार के मुताबिक, देश में लगभग 60 लाख ऐसे परिवार हैं, जिनके घर के पास PNG की सुविधा है। PNG की देश में कोई शॉर्टेज नहीं है और इसका कनेक्शन भी जल्दी मिल जाता है। कालाबाजारी जोरों पर, मनमाने दाम वसूल रहे जमाखोर एक तरफ सरकार सप्लाई को दुरुस्त बता रही है, वहीं दूसरी तरफ जमीन पर हालात अलग हैं। इस संकट का फायदा उठाकर जमाखोरों ने सिलेंडरों की कालाबाजारी शुरू कर दी है।
कई इलाकों में घरेलू सिलेंडर ₹4,000 तक में बेचे जा रहे हैं। जॉइंट सेक्रेटरी ने बताया कि एलपीजी का प्रोडक्शन 40% बढ़ाया गया है, फिर भी एजेंसियों के बाहर कतारें कम नहीं हो रही हैं। मैसेज आया, लेकिन सिलेंडर नहीं मिला गाजियाबाद और खोड़ा जैसे इलाकों में लोग बेहद परेशान हैं। कई लोगों की शिकायत है कि उनके मोबाइल पर ‘सिलेंडर डिलीवर’ होने का मैसेज तो आ गया, लेकिन घर पर सिलेंडर नहीं पहुंचा। कुछ लोग 25 दिन पहले बुकिंग करने के बावजूद OTP और अन्य तकनीकी दिक्कतों के कारण खाली हाथ लौट रहे हैं। लोग सुबह 4 बजे से रात 10 बजे तक अपनी बारी का इंतजार कर रहे हैं। चूल्हों और लकड़ी पर लौटे रेस्टोरेंट-ढाबे घरेलू के साथ कमर्शियल सिलेंडरों की किल्लत ने छोटे कारोबारियों की कमर तोड़ दी है। कई रेस्टोरेंट और ढाबे वाले अब बिजली की भट्टियों, कोयले या लकड़ी के चूल्हों पर खाना बनाने को मजबूर हैं। जो दुकानदार इनका इंतजाम नहीं कर पा रहे, वे अपनी दुकानें बंद कर रहे हैं। इससे डिलीवरी पार्टनर्स की नौकरी पर भी संकट आ गया है। ₹70 किलो मिलने वाली गैस अब ₹300-400 में मिल रही है। पुलिस का एक्शन: मदुरई में 398 सिलेंडर जब्त सिलेंडरों की कालाबाजारी और अवैध भंडारण रोकने के लिए जमाखोरों के खिलाफ राज्यों में कार्रवाई की गई। LPG सिलेंडर बुकिंग के नियम 6 दिन में तीन बार बदले हॉर्मुज में फंसे 20 टैंकरों से बढ़ी उम्मीद ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के मुताबिक, स्टेट ऑफ हॉर्मुज में फंसे 2 टैंकर भारत पहुंच चुके हैं। अभी 20 और टैंकर वहां से निकलने की कोशिश में हैं। इन जहाजों में कच्चा तेल, एलपीजी और एलएनजी लदी है। भारत और ईरान के बीच बातचीत जारी है ताकि ये टैंकर जल्द भारत पहुंच सकें और सप्लाई की तंगी दूर हो सके। सरकार ने अब तक 5 जरूरी कदम उठाए 1. हाई-लेवल कमेटी बनाई: संकट को देखते हुए पेट्रोलियम मंत्रालय ने तीन तेल कंपनियों के कार्यकारी निदेशकों की एक हाई-लेवल कमेटी बनाई है, जो सप्लाई की समीक्षा करेगी। 2. एसेंशियल कमोडिटी एक्ट लागू: गैस की सप्लाई को कंट्रोल करने के लिए केंद्र सरकार ने देशभर में ‘एसेंशियल कमोडिटी एक्ट 1955’ लागू कर दिया है। 3. 25 दिन बाद होगी LPG बुकिंग: घरेलू सिलेंडर की बुकिंग के नियमों में बदलाव किया है। उपभोक्ता एक सिलेंडर डिलीवर होने के बाद दूसरा सिलेंडर 25 दिन बाद ही बुक कर सकेंगे। 4. OTP और बायोमेट्रिक अनिवार्य: गैस की जमाखोरी रोकने के लिए डिलीवरी एजेंट OTP या बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन का सख्ती से इस्तेमाल कर रहे हैं। 5. LPG उत्पादन बढ़ाने का आदेश: सरकार ने सभी ऑयल रिफाइनरीज को LPG उत्पादन बढ़ाने का आदेश दिया था। अब उत्पादन 28% बढ़ गया है। सप्लाई संकट की 2 वजह 1. होर्मुज स्ट्रेट का लगभग बंद होना भारत के लिए सबसे बड़ी चुनौती स्ट्रेट ऑफ होर्मुज का बंद होना है। ये करीब 167 किमी लंबा जलमार्ग है, जो फारस की खाड़ी को अरब सागर से जोड़ता है। ईरान जंग के कारण यह रूट अब सुरक्षित नहीं रहा है। खतरे को देखते हुए कोई भी तेल टैंकर वहां से नहीं गुजर रहा। दुनिया के कुल पेट्रोलियम का 20% हिस्सा यहीं से गुजरता है। सऊदी अरब, इराक और कुवैत जैसे देश भी अपने निर्यात के लिए इसी पर निर्भर हैं। भारत अपनी जरूरत का 50% कच्चा तेल और 54% एलएनजी इसी रास्ते से मंगाता है। ईरान खुद इसी रूट से एक्सपोर्ट करता है। 2. प्लांट पर ड्रोन हमले से LNG का प्रोडक्शन रुका पिछले हफ्ते अमेरिका-इजराइल ने ईरान पर स्ट्राइक की थी। इसके जवाब में ईरान ने UAE, कतर, कुवैत और सऊदी जैसे देशों में मौजूद अमेरिकी ठिकानों को निशाना बनाया है। ईरान के ड्रोन हमले के बाद भारत को गैस सप्लाई करने वाले सबसे बड़े देश कतर ने अपने LNG प्लांट का प्रोडक्शन रोक दिया है। इससे भारत में गैस की सप्लाई घट गई है। भारत अपनी जरूरत की 40% LNG (करीब 2.7 करोड़ टन सालाना) कतर से ही आयात करता है। सरकार ने घरेलू गैस सिलेंडर के दाम ₹60 बढ़ाए ————————- ये खबर भी पढ़ें… देश में LPG की किल्लत, इंडक्शन की मांग बढ़ी: अमेजन में प्रोडक्ट की 30 गुना तक बिक्री, कई ई-कॉमर्स वेबसाइटों पर आउट ऑफ स्टॉक देश में एलपीजी की उपलब्धता की बढ़ती चिंता के बीच की ऑनलाइन शॉपिग प्लेटफॉर्म पर इंडक्शन की मांग अचानक बढ़ गई है। कई ई-कॉमर्स साइट्स पर ये प्रोडक्ट आउट ऑफ स्टॉक हो गया है। अमेजन, फ्लिपकार्ट और ब्लिंकिट जैसे प्लेटफॉर्म पर इंडक्शन के स्टॉक में खासी कमी देखने को मिल रही है। ब्लिंकिट पर तो लगभग सभी मॉडल आउट ऑफ स्टॉक दिख रहे हैं, जबकि अमेजन और फ्लिपकार्ट पर भी कुछ ही ब्रांड मिल रहे हैं। मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव और गैस सप्लाई पर असर के कारण कई शहरों में लोग एलपीजी सिलेंडर न मिलने से परेशान हैं। इसी वजह से बैकअप के तौर पर इंडक्शन कुकटॉप खरीद रहे हैं। पूरी खबर पढ़ें…

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