राजधानी के बाबड़िया कलां स्थित विकास कुंज हाउसिंग सोसायटी में डबल नक्शों के सहारे प्लॉटिंग का मामला सामने आया है। टाउन एंड कंट्री प्लानिंग (टीएं सीपी) ने जिस नक्शे को अप्रूव नहीं किया, उसी को अप्रूव्ड बताकर प्लॉट बेचे गए। गड़बड़ी सामने आने के बाद सोसायटी के कार्यकारी अध्यक्ष संतमणि शर्मा ने प्लॉट की खरीद- बिक्री और निर्माण पर रोक लगा दी है और टीएं सीपी से मूल अप्रूव्ड नक्शे की प्रति मांगी है।
रिकॉर्ड के अनुसार 6.40 एकड़ जमीन पर दिसंबर 1994 में 131 प्लॉट का नक्शा अप्रूव हुआ था। इसमें 0.96 एकड़ जमीन कमजोर आय वर्ग (EWS) के लिए आरक्षित थी। वर्ष 2002 में इस जमीन पर तीन मंजिला भवन की सशर्त अनुमति दी गई थी और 24 फ्लैट बनने के बाद शेष जमीन पर प्लॉट बेचने की अनुमति थी, लेकिन फ्लैट अब तक नहीं बने। हाई कोर्ट में याचिका नगर निगम ने 2014 में तत्कालीन अध्यक्ष पीएन तोलानी के नक्शे के आधार पर कॉलोनी को अवैध घोषित किया। प्लॉट मालिकों की आपत्ति के बाद 2015 में 131 प्लॉट वैध कर दिए गए, लेकिन 2022 में उसी आधार पर कॉलोनी फिर अवैध घोषित कर दी गई। सोसायटी के अनुसार पूर्व पदाधिकारियों ने ईडब्ल्यूएस की जमीन पर भी प्लॉट काटकर बेच दिए। 1995 में तोलानी के हस्ताक्षर वाले नक्शे को टीएंडसीपी अप्रूव्ड बताकर प्लॉट बेचे गए, जबकि ऐसा नक्शा सोसायटी के पास उपलब्ध नहीं है। सोसायटी ने 131 प्लॉट को वैध कराने और अवैध प्लॉटिंग पर रोक के लिए हाईकोर्ट में याचिका दायर की है।
