शहर की ट्रैफिक व्यवस्था को सुरक्षित और मजबूत बनाने के लिए पुलिस कई तकनीकों का सहारा ले रही है। पहले हाई रिजोल्यूशन ड्रोन कैमरे लाए गए जिससे चौराहों और शेडो एरिया में नजर रखी जा रही है। वहीं अब भारी गाड़ियों को रोकने के लिए मॉड्यूलर व्हीकल बैरियर (एमवीबी) लाया गया है। इंदौर में हुए ट्रक हादसे को ध्यान में रखते हुए ये कदम उठाया गया है। फिलहाल 16 मॉड्यूलर व्हीकल बैरियर बुलवाए गए है, जिन्हें आगामी दिनों में प्लान किया जाएगा कि इन्हें कहां-कहां लगाया जाएगा। पहले जान लेते है क्या है मॉड्यूलर व्हीकल बैरियर दरअसल, एमबी मॉड्यूलर व्हीकल बैरियर एक अत्याधुनिक, मजबूत एवं पोर्टेबल सुरक्षा उपकरण है, जिसे सड़कों पर अस्थायी या स्थायी रूप से लगाकर गाड़ियों की स्पीड को कंट्रोल और जरूरत पढ़ने पर उन्हें रोकने के लिए इस्तेमाल किया जाता है। मंगलवार को पुलिस के अधिकारियों ने टेक्निकल टीम से इसका काम का तरीका समझा। उन्होंने बताया कि ये बैरियर विशेष रूप से हैवी व्हीकलों को कंट्रोल और रोकने के लिए डिजाइन किया गया है। ये बैरियर मॉड्यूलर डिजाइन पर आधारित होता है, जिसे आवश्यकता के अनुसार इंटरलॉक कर इसकी लंबाई भी बढ़ाई जा सकती है। भारी मेटल संरचना होने से यह स्पीड में आने वाली गाड़ियों को प्रभावी रूप से रोक सकता है। ट्रक हादसे को देखते हुए लिया संज्ञान डीसीपी (ट्रैफिक प्रभार) राजेश कुमार त्रिपाठी ने बताया कि इंदौर के एरोड्रम इलाके में हुए ट्रक हादसे को देखते हुए संज्ञान लिया गया है। इसे मॉड्यूलर व्हीकल अरेस्टर कहते है। फिलहाल इंदौर ट्रैफिक पुलिस के पास 16 बैरियर आए है। आगामी एक-दो दिन में तय किया जाएगा कि इन्हें किन-किन जगह पर लगाया जाएगा। नो एंट्री के पहले या बाद में लगेंगे उन्होंने बताया कि चार-चार बैरियर को शहर के चार नो एंट्री पाइंट पर एक से डेढ़ किलोमीटर पहले या बाद में लगाया जाएगा। इसके लिए प्लानिंग की जा रही है कि ये बैरियर कहां-कहां लगाए जाएंगे। इनमें नीचे की तरफ का हिस्सा नुकीला होता है, जिसकी वजह से अगर गाड़ी तेज रफ्तार से भी इससे टकराती है तो ये आगे की स्पीड को कम देता है और वहीं रोक देता है।
