मध्य प्रदेश क्राइम फाइल्स में आज कहानी उस सनसनीखेज मामले की, जिसने रिश्तों, भरोसे और परिवार की परिभाषा पर कई सवाल खड़े कर दिए। पिता की मौत के बाद तेरहवीं में शामिल होने मायके आईं छह बहनें अचानक हत्या के मामले में आरोपी बन गईं। शादी के बाद अपना घर-परिवार बसा चुकी इन महिलाओं की जिंदगी एक दिन में बदल गई और मामला उन्हें अदालत के कटघरे तक ले आया। पूरे प्रदेश की नजर इस केस पर थी। आखिर ऐसा क्या हुआ था कि एक ही परिवार की छह बहनों पर हत्या का संगीन आरोप लगा? घर के भीतर किसकी मौत हुई थी? पढ़िए क्राइम फाइल्स पार्ट-1… कटघरे में 6 महिलाएं, कोर्ट रूम में सन्नाटा 31 मार्च 2022 का दिन। सीहोर जिले की आष्टा कोर्ट। कोर्ट रूम नंबर-2 में असामान्य सन्नाटा था। कटघरे में छह महिलाएं खड़ी थीं। वे न तो पेशेवर अपराधी थीं और न ही किसी आपराधिक गिरोह से उनका कोई संबंध था। वे छह सगी बहनें थीं, जिनकी शादी हो चुकी थी और जो वर्षों से अपनी गृहस्थी में जिंदगी बिता रही थीं। कुछ ही देर में अदालत में जज कंचन सक्सेना की एंट्री होती है। कोर्ट में मौजूद हर व्यक्ति की नजर उनकी ओर उठ जाती है। सामने रखी फाइल खुलती है और फैसला सुनाने की प्रक्रिया शुरू होती है। कटघरे में ललता, सुमित्रा, सजनबाई, बिंदा, लक्ष्मी और कांता खड़ी थीं। तेरहवीं का दिन: सदमे में था परिवार 25 मार्च 2021 को सुबह करीब आठ बजे का समय था। आष्टा (सीहोर) में इंदिरा कॉलोनी में रोज की तरह चहल-पहल थी, लेकिन रैकवार परिवार के घर में माहौल गमगीन था। परिवार के बुजुर्ग सदस्य का निधन हो चुका था और उसी दिन तेरहवीं का कार्यक्रम रखा गया था। घर के बाहर टेंट लगा था। कुर्सियां सजी थीं। रिश्तेदारों का आना-जाना लगातार जारी था। घर की बहू सुनीता व्यवस्थाओं में व्यस्त थी। पति शांतिलाल की मौत के बाद वह अपने बच्चों और सास-ससुर के साथ इसी मकान में रह रही थी। अब ससुर के निधन ने परिवार को एक और सदमा दे दिया था।
बच्चों को घर से बाहर भेजा गया दोपहर से पहले घर में रिश्तेदार मौजूद थे। सुनीता के बच्चे अंजली और सचिन बाहर खेल रहे थे। तभी घर के भीतर से अचानक तेज आवाजें आने लगीं। आवाज सुनकर सचिन अंदर जाने के लिए बढ़ा, लेकिन गेट के पास खड़ी उसकी बुआ बिंदा और लक्ष्मी ने उसे रोक लिया। दोनों बच्चों को कुछ पैसे दिए गए और सामान लाने के बहाने दुकान भेज दिया गया। अंजलि और सचिन घर से बाहर निकल गए। उन्हें नहीं पता था कि उनके जाने के बाद घर के भीतर क्या होने वाला है। घर के अंदर विवाद बढ़ने लगा बच्चों के बाहर जाते ही घर का माहौल बदलने लगा। पहले धीमी आवाज में बातचीत हुई। फिर बहस शुरू हुई। कुछ ही मिनटों में बहस तेज झगड़े में बदल गई। घर के भीतर से लगातार शोर बाहर आने लगा। अचानक घर में सन्नाटा छा गया
घर के बाहर भीड़ बढ़ती जा रही थी। फिर अचानक…अंदर से आ रही आवाजें बंद हो गईं। एकदम सन्नाटा। ऐसा सन्नाटा, जिसने बाहर खड़े लोगों की बेचैनी और बढ़ा दी। कुछ देर बाद किसी ने एम्बुलेंस को सूचना दी। पुलिस को भी खबर कर दी गई। देखते ही देखते मौके पर पुलिस पहुंच गई। घर के भीतर मौजूद लोग तनाव में थे। कोई कुछ साफ-साफ नहीं बता रहा था। हर व्यक्ति के चेहरे पर घबराहट दिखाई दे रही थी। फिर कुछ देर बाद घर के अंदर से एक शव बाहर लाया गया। आखिर घर के भीतर क्या हुआ था? शव को एम्बुलेंस से अस्पताल भेज दिया गया। डॉक्टरों ने पोस्टमार्टम कराने का फैसला किया। दूसरी तरफ पुलिस ने मौके पर जांच शुरू कर दी। अब ये सवाल भी खड़े थे-
तेरहवीं वाले घर में अचानक एक और मौत कैसे हो गई?
घर से बाहर लाई गई लाश किसकी थी?
मायके आईं छह बहनें हत्या के आरोप तक कैसे पहुंच गईं?
हत्या के पीछे कोई साजिश थी या तात्कालिक आवेश?
इन सभी सवालों के जवाब कल क्राइम फाइल्स के पार्ट-2 में… ये भी पढ़ें… रेप कर सेप्टिक टैंक में डाला था शव:सहायक जेलर की बेटी से पुलिस कॉलोनी में वारदात, पार्ट-1 मध्य प्रदेश की एक सुरक्षित मानी जाने वाली सेंट्रल जेल कॉलोनी, एक जिम्मेदार जेल अधिकारी का घर और उनकी 16 साल की मासूम बेटी। किसी ने सोचा भी नहीं था कि जिस जगह पर कानून के रखवाले रहते हैं, वहीं एक ऐसा जघन्य अपराध होगा जो पूरे प्रदेश की रूह कंपा देगा। पढ़ें पूरी खबर… गार्ड और नौकर ने किया जेलर की बेटी से रेप:अंडरवियर से गला घोंटा, पार्ट-2 मध्य प्रदेश क्राइम फाइल्स के पार्ट-1 में आपने पढ़ा कि कैसे एक सुरक्षित जेल कॉलोनी में सहायक जेलर की बेटी का शव सेप्टिक टैंक में मिला था। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट से पता चला था कि रेप के बाद उसकी हत्या की गई थी। सबसे बड़ा सवाल था कि टीना के साथ यह वारदात किसने की। पढ़ें पूरी खबर…
