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एमपी पुलिस के अफसरों पर राजस्थान में FIR:दो टीआई समेत 100 पुलिसकर्मियों ने डाली थी दबिश, एसपी ने दी गलत जानकारी, राजस्थान कोर्ट ने बताया फर्जी

राजस्थान के झालावाड़ जिले के डग थाना क्षेत्र के घाटाखेड़ी गांव में जनवरी 2026 में हुई NDPS कार्रवाई अब मध्य प्रदेश पुलिस के लिए कानूनी चुनौती बन गई है। राजस्थान के चौमहला न्यायालय के आदेश पर डग थाने में सोमवार को आगर कोतवाली की थाना प्रभारी शशि उपाध्याय, बड़ौद थाना प्रभारी रूप सिंह, एसआई राखी गुर्जर, एएसआई अजय जाट समेत करीब 100 ज्ञात और अज्ञात लोगों के खिलाफ विभिन्न धाराओं में एफआईआर दर्ज की गई है। पुलिस का कहना है कि जांच के दौरान अन्य आरोपियों की पहचान भी की जाएगी। छह महीने पहले हुई थी कार्रवाई मामला 28 जनवरी 2026 का है। उस दिन आगर कोतवाली पुलिस ने राजस्थान के घाटाखेड़ी गांव में दबिश देकर बड़ी मात्रा में मादक पदार्थ और ड्रग्स बनाने में प्रयुक्त सामग्री बरामद करने का दावा किया था। इस दौरान में दो भाई शाहिर खान और मुनव्वर उर्फ राजा को गिरफ्तार किया गया था। इसे पुलिस की बड़ी सफलता बताया गया था। पांच पॉइंट्स, जिनसे कार्रवाई पर उठे सवाल ASP ने जांच के दौरान लिए बयान हमीद खान ने 21 फरवरी 2026 को चौमहला कोर्ट में परिवाद दायर किया। कोर्ट ने उसी दिन जिला पुलिस अधीक्षक झालावाड़ अमित को मामले की जांच करने के लिए आदेश दिया। एसपी ने अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (ASP) भागचंद्र मीणा को सौंपी। एएसपी मीणा ने आगर आकर दबिश में शामिल थाना प्रभारी शशि उपाध्याय समेत कई पुलिसकर्मियों के बयान लिए। जांच रिपोर्ट के अनुसार, पुलिस ने जिस तलाशी, गिरफ्तारी और जब्ती का दावा किया था, उससे संबंधित कई रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं मिले। परिवार ने कार्रवाई को बताया फर्जी, कोर्ट में लगाया परिवार गिरफ्तार आरोपियों के पिता हमीद खान ने शुरुआत से ही कार्रवाई को फर्जी बताते हुए चौमहला न्यायालय में परिवाद दायर किया। परिवाद में आरोप लगाया गया कि मध्य प्रदेश पुलिस ने स्थानीय राजस्थान पुलिस को सूचना दिए बिना घर में प्रवेश किया, परिजनों के साथ अभद्र व्यवहार किया और उनके बेटों को झूठे NDPS प्रकरण में फंसाया। राजस्थान में एमपी पुलिस ने क्यों की कार्रवाई दरअसल, 21 जनवरी 2026 को आगर पुलिस ने फैजान नाम के युवक को 330 ग्राम एमडी ड्रग्स के साथ गिरफ्तार किया था। पूछताछ में फैजान ने बताया था कि वह इस ड्रग्स को घाटाखेड़ी के शाहिर, मुनव्वर और ताहिर से लाना बताया था। एसपी विनोद सिंह के मुताबिक फैजान की निशानदेही पर 28 जनवरी को 80 से ज्यादा पुलिसकर्मियों के साथ दबिश दी थी। कोर्ट के आदेश पर दर्ज हुई FIR जांच रिपोर्ट और उपलब्ध साक्ष्यों पर विचार करने के बाद न्यायालय ने एफआईआर दर्ज करने के आदेश दिए। इसके बाद डग थाने में आगर कोतवाली की तत्कालीन थाना प्रभारी शशि उपाध्याय, बड़ौद थाना प्रभारी रूप सिंह राजपूत, एसआई राखी गुर्जर, एएसआई अजय जाट, राहुल विश्वकर्मा, पुलिसकर्मी शुभम सहित करीब 100 ज्ञात और अज्ञात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया। जांच आगे बढ़ेगी एफआईआर दर्ज होने के बाद अब पुलिस विवेचना के दौरान आरोपों की जांच करेगी। उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। जांच कोर्ट को सौंपी जाएगी। इसके बाद तथ्यों के आधार पर कार्रवाई की जाएगी। आशंका है कि जांच के बाद और लोगों का नाम भी सामने आ सकता है। साथ ही, धाराएं भी बढ़ सकती हैं।

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