मध्य प्रदेश में राज्यसभा उपचुनाव के लिए मंगलवार को नामांकन पत्रों की स्क्रूटनी के दौरान तीन में से दो निर्दलीय प्रत्याशियों के नामांकन निरस्त कर दिए गए। कांग्रेस समर्थित निर्दलीय प्रत्याशी राजकुमार लोहानी का नामांकन फॉर्म-26 जमा नहीं होने के कारण निरस्त हुआ है। जबकि निर्दलीय उम्मीदवार कांते सायन्ना का नामांकन प्रस्तावक का नाम नहीं होने के चलते खारिज कर दिया गया। वहीं, भाजपा प्रत्याशी हरदीप सिंह पुरी के नामांकन पर कांग्रेस ने आपत्ति दर्ज कराई है। रिटर्निंग ऑफिसर उमेश शर्मा ने भाजपा को आपत्ति पर जवाब देने के लिए शाम 5 बजे तक का समय दिया है। इसके बाद पुरी के नामांकन पर फैसला होगा। दोपहर 2 बजे से शुरू हुई स्क्रूटनी के दौरान कांग्रेस नेता और वरिष्ठ अधिवक्ता जेपी धनोपिया, विधायक हेमंत कटारे और राजकुमार लोहानी ने हरदीप पुरी के नामांकन पर आपत्तियां दर्ज कराईं। कांग्रेस का दावा है कि पुरी के शपथपत्र में कई गंभीर त्रुटियां हैं और उनका नामांकन निरस्त किया जाना चाहिए। कांग्रेस का दावा- शपथपत्र में शपथ और सत्यापन नहीं कांग्रेस नेता जेपी धनोपिया ने आरोप लगाया कि हरदीप पुरी के नामांकन के साथ दिए गए शपथपत्र में 25 से 30 गंभीर त्रुटियां हैं। उन्होंने कहा कि शपथपत्र में विधिवत शपथ और सत्यापन नहीं है। नोटरी के सामने शपथ लेने की प्रक्रिया भी पूरी नहीं की गई है। इसके अलावा संपत्ति का ब्योरा अलग-अलग विदेशी मुद्राओं में दिया गया है और परिवार के सदस्यों की जानकारी भी पूरी नहीं है। धनोपिया ने कहा कि इन सभी आपत्तियों को लिखित में रिटर्निंग ऑफिसर के सामने रखा गया है। भाजपा को जवाब देने के लिए शाम 5 बजे तक का समय मिला है। इसके बाद आपत्तियों पर सुनवाई होगी और निर्णय लिया जाएगा। हेमंत कटारे बोले- शपथपत्र स्वॉर्न होना जरूरी कांग्रेस विधायक हेमंत कटारे ने भी हरदीप पुरी के नामांकन पर लिखित आपत्ति दी। उन्होंने कहा कि चुनाव के शपथपत्र को मजिस्ट्रेट या नोटरी के सामने शपथ लेकर प्रस्तुत करना जरूरी है। कटारे ने The Conduct of Elections Rules, 1961 का हवाला देते हुए दावा किया कि पुरी के शपथपत्र पर केवल अटेस्टेड लिखा है, जबकि उसे विधिवत स्वॉर्न यानी शपथपूर्वक होना चाहिए। कटारे ने शपथपत्र में पत्नी का नाम नहीं होने और संपत्ति का विवरण रुपये के बजाय अमेरिकी डॉलर और स्विस फ्रैंक में दिए जाने पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि नामांकन में 100 से अधिक त्रुटियां हैं और नियमों के मुताबिक इसे निरस्त किया जाना चाहिए। कटारे ने रिटर्निंग ऑफिसर की नियुक्ति और कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि अधिकारी का निर्णय निष्पक्ष और कानून के अनुरूप होना चाहिए। कांग्रेस ने चेतावनी दी कि नियमों के विपरीत फैसला होने पर हाईकोर्ट, सुप्रीम कोर्ट और चुनाव आयोग में चुनौती दी जाएगी। राजकुमार लोहानी बोले- भाजपा को समय, हमें नहीं नामांकन निरस्त होने के बाद राजकुमार लोहानी ने कहा कि उनका फॉर्म-26 जमा नहीं हो पाया था। उन्होंने दावा किया कि दस्तावेज ई-मेल से भेजा गया, लेकिन रिटर्निंग ऑफिसर ने उसे स्वीकार नहीं किया। लोहानी के मुताबिक, अधिकारियों ने कहा कि दस्तावेज निर्धारित समय पर व्यक्तिगत रूप से जमा होना चाहिए था। लोहानी ने आरोप लगाया कि उनके वकील ने समय मांगा, लेकिन उन्हें अतिरिक्त समय नहीं दिया गया। वहीं हरदीप पुरी के नामांकन पर आपत्ति के बाद भाजपा को शाम 5 बजे तक जवाब देने का अवसर दिया गया। उन्होंने कहा कि भाजपा ने समय नहीं मांगा था, इसके बावजूद उसे समय दिया गया। लोहानी ने इसे पक्षपात बताते हुए कहा कि उनके मामले में समान व्यवहार नहीं किया गया। कांते सायन्ना का नामांकन भी निरस्त राज्यसभा उपचुनाव के तीसरे निर्दलीय प्रत्याशी कांते सायन्ना का नामांकन भी निरस्त कर दिया गया। राजकुमार लोहानी के मुताबिक, सायन्ना के नामांकन में प्रस्तावक का नाम नहीं था। शाम 5 बजे के बाद होगा हरदीप पुरी के नामांकन पर फैसला हरदीप सिंह पुरी के नामांकन पर कांग्रेस की आपत्तियों के बाद रिटर्निंग ऑफिसर उमेश शर्मा ने भाजपा को शाम 5 बजे तक जवाब देने का समय दिया है। जवाब मिलने के बाद आपत्तियों पर सुनवाई और निर्णय की प्रक्रिया होगी। फिलहाल पुरी का नामांकन पेंडिंग है।
