मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने नए प्रशिक्षु डीएसपी को सोशल मीडिया पर सक्रिय रहने के बजाय वास्तविक समस्याओं के समाधान पर ध्यान देने की नसीहत दी। मंगलवार को भौंरी पुलिस अकादमी में 48 प्रशिक्षु डीएसपी की पासिंग आउट परेड में उन्होंने कहा- रील बनाने से ज्यादा रियल प्रॉब्लम सुलझाने में आपकी हर क्षण की कीमत होनी चाहिए। पुलिस अधिकारी ऐसे बनें, जिनका सम्मान सभी वर्गों में समान रूप से हो। मुख्यमंत्री ने कहा कि सोशल मीडिया का दौर है, लेकिन पुलिस के सामने सोशल मीडिया से ज्यादा सोशल इश्यूज हैं। अधिकारियों को लोकप्रियता के बजाय समस्याओं के समाधान के लिए ठोस कदम उठाने चाहिए। खासकर महिलाओं, गरीबों, बच्चों और कमजोर वर्गों की मदद के लिए देवदूत की तरह काम करें। अब ड्रग्स के खिलाफ निर्णायक कार्रवाई की जरूरत उन्होंने कहा कि मध्य प्रदेश पुलिस ने डाकुओं और नक्सलवाद जैसी चुनौतियों का सामना किया है। अब ड्रग्स के खिलाफ निर्णायक कार्रवाई की जरूरत है। मुख्यमंत्री ने उम्मीद जताई कि 2029 तक पुलिस नशे के खिलाफ निर्णायक भूमिका निभाएगी। माफिया और जहरीली शराब के नेटवर्क पर भी सख्ती से कार्रवाई करने का आह्वान किया। 22,500 पदों पर भर्ती, अकादमी में सुविधाएं बढ़ेंगी मुख्यमंत्री ने बताया कि पिछले पौने तीन साल में पुलिस विभाग में 17,710 पदों पर भर्ती की गई है। आने वाले समय में करीब 4,000 और पदों पर भर्ती होगी। पुलिस अकादमी में 33 केवी सब स्टेशन, एक किलोमीटर सड़क और 12 करोड़ रुपए के ऑडिटोरियम की घोषणा भी की। पुलिस पर हमला बर्दाश्त नहीं, अपराधियों पर सख्ती मुख्यमंत्री ने देवास में ड्यूटी के दौरान जान गंवाने वाले टीआई दिलीप पुरी को शहीद का दर्जा देने की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि उनके परिवार को सेवा शर्तों के अनुसार नियुक्ति सहित जरूरी सहायता देने की प्रक्रिया शुरू की गई है। सीएम ने कहा कि पुलिस जवानों ने शहादत देकर कर्तव्य निभाया है। राजकीय कार्य में बाधा, हिंसा या ऐसी गतिविधियां बर्दाश्त नहीं की जाएंगी। अपराधियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई होगी। भोपाल में रिटायर्ड आईएएस अधिकारी की हत्या के मामले का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि संबंधित अपराधी के खिलाफ एनकाउंटर में सख्त कार्रवाई की गई है। भोपाल की पदयात्रा में राजनाथ सिंह होंगे शामिल मुख्यमंत्री ने भाजपा के ‘लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ’ अभियान के तहत आयोजित पदयात्रा का जिक्र करते हुए कहा कि जबलपुर और इंदौर में कार्यक्रम हो चुके हैं। भोपाल में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह पदयात्रा का नेतृत्व करने शामिल होंगे। मुख्यमंत्री ने प्रदेश की जनता की ओर से उनका स्वागत किया। कार्यक्रम में पुलिस महानिदेशक कैलाश मकवाना, एडीजी ट्रेनिंग रवि गुप्ता सहित वरिष्ठ पुलिस अधिकारी मौजूद रहे। DGP बोले- 2029 तक MP को नशामुक्त करने का संकल्प पुलिस महानिदेशक कैलाश मकवाना ने कहा कि प्रदेश में युवा पीढ़ी के बीच नशे का बढ़ता चलन सबसे बड़ी चुनौती है। मध्यप्रदेश पुलिस ने ‘नशे से दूरी है जरूरी’ अभियान चलाकर कठोर कार्रवाई की है। केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रदेश को 2029 तक नशामुक्त करने का संकल्प लिया है। इसमें नए पुलिस अधिकारियों की महत्वपूर्ण भूमिका होगी। उन्होंने कहा कि साइबर अपराध भी पुलिस के सामने बड़ी चुनौती है। इसके लिए पुलिस विभाग ने जनजागरूकता के उद्देश्य से ‘सेफ क्लिक’ अभियान शुरू किया है। प्रदेश में साइबर अपराध से निपटने की क्षमता बढ़ाने की जरूरत है। साइबर थाने, साइबर हेल्प डेस्क, साइबर फॉरेंसिक और साइबर हेल्पलाइन स्थापित होने से आम नागरिकों को राहत मिलेगी। पहली बार रेडियो संवर्ग के डीएसपी को भी प्रशिक्षण डीजीपी ने बताया कि वर्ष 2014 से डीएसपी स्तर के अधिकारियों का प्रशिक्षण भौंरी पुलिस अकादमी में हो रहा है। इस बार 48 अधिकारियों ने प्रशिक्षण पूरा किया है, इनमें 20 महिला अधिकारी हैं। पहली बार रेडियो संवर्ग के डीएसपी स्तर के अधिकारियों को भी प्रशिक्षण दिया गया है। ये अधिकारी पुलिस की तकनीकी क्षमताओं और साइबर अपराध से लड़ने की क्षमता को मजबूत करेंगे। इनमें 22 अधिकारी इंजीनियरिंग पृष्ठभूमि से हैं।
