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सरकारी जमीन आपस में बेची, 13 पर FIR:इनमें 8 पति-पत्नी; ढाई करोड़ की जमीन की हेराफेरी में अफसर भी शामिल

रायसेन जिले के औबेदुल्लागंज नगर के वार्ड क्रमांक 4 में सरकारी जमीन से जुड़े मामले में पुलिस ने कार्रवाई की है। 7 पंजीकृत विक्रय पत्रों में कथित फर्जी दस्तावेजों के इस्तेमाल के मामले में पुलिस ने 13 नामजद लोगों के खिलाफ FIR दर्ज की है। सोमवार देर शाम भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 318(4) और 61(2) के तहत मामला दर्ज किया गया। FIR दर्ज होने के बाद भाजपा नेता और सामाजिक कार्यकर्ता बच्चन सिंह लोधी ने 7 दिन से जारी अनिश्चितकालीन धरना खत्म किया। इस मामले की करीब 2 महीने जांच चली। शिकायत के बाद कार्रवाई नहीं होने पर बच्चन सिंह लोधी ने सरकारी जमीन के मामले में कार्रवाई की मांग को लेकर धरना शुरू किया था। आशंका जताई जा रही है कि जमीन के इस हेरफेर में सरकारी अफसर भी शामिल हैं। राजस्व रिकॉर्ड में मध्य प्रदेश शासन के नाम दर्ज है जमीन जांच दस्तावेजों के मुताबिक, औबेदुल्लागंज के वार्ड क्रमांक 4 में स्थित खसरा नंबर 196/2/1/1/2/2 की 4.407 हेक्टेयर जमीन राजस्व रिकॉर्ड में ‘मध्य प्रदेश शासन, तहसील कार्यालय एवं आवास हेतु मद’ के नाम दर्ज है। बाजार में इसकी अनुमानित कीमत ढाई करोड़ बताई जा रही है। आरोप है कि पिछले एक साल में इस जमीन के अलग-अलग हिस्सों के 7 पंजीकृत विक्रय पत्र कराए गए। जांच दस्तावेजों के मुताबिक, कुछ विक्रय पत्रों में पति-पत्नी ने ही एक-दूसरे को जमीन बेच दी। पुलिस इन दस्तावेजों के आधार पर कथित अवैध खरीद-फरोख्त की जांच कर रही है। नगर परिषद के NOC से जुड़े दस्तावेज में भी गड़बड़ी पुलिस के अनुसार, जांच में नगर परिषद औबेदुल्लागंज के मुख्य नगरपालिका अधिकारी (CMO) की जांच रिपोर्ट भी शामिल की गई है। इसके मुताबिक, संपत्ति कर संग्रहण और अनापत्ति प्रमाण पत्र (NOC) प्राप्त करने के नाम पर दिखाए गए दस्तावेज प्रथम दृष्टया के आधार पर फर्जी मालूम होते हैं। पुलिस के अनुसार, आम तौर पर राजस्व रिकॉर्ड में आबादी मद की जमीन के लिए इस तरह की खरिद-बेच में दस्तावेज तैयार किए जाते हैं, जबकि इस मामले में संबंधित जमीन मध्य प्रदेश शासन के नाम दर्ज है। सात विक्रय पत्रों का ब्योरा जांच में आया सामने जांच रिपोर्ट में सात पंजीकृत विक्रय पत्रों की जानाकरी लिखी गई है- 1 जुलाई 2025: विक्रेता हरिसिंह (पिता घनश्याम) ने क्रेता निखिल मालवीय (पिता सुनील मालवीय) के पक्ष में विक्रय पत्र कराया। क्रमांक: MP45IGR18132025A10058033 27 मार्च 2026: विक्रेता मुकेश रैकवार (पिता जगन्नाथ रैकवार) ने क्रेता भूरिया बाई (पति धर्मचंद) के पक्ष में विक्रय पत्र कराया। क्रमांक: MP45IGR18092026A100371651 1 अगस्त 2025: विक्रेता मुकेश राय (पिता दशरथ राय) ने क्रेता प्रभा राय (पति मुकेश राय) के पक्ष में विक्रय पत्र कराया। क्रमांक: MP45IGR18092025A100674044 10 सितंबर 2025: विक्रेता विशाल सेन (पिता प्रकाश नारायण) ने क्रेता कीर्ति सेन (पति विशाल सेन) के पक्ष में विक्रय पत्र कराया। क्रमांक: MP45IGR18132025A100814621 18 दिसंबर 2025: विक्रेता राजेंद्र राठौर (पिता सुंदरलाल) ने क्रेता क्षमा राठौर (पति राजेंद्र राठौर) के पक्ष में विक्रय पत्र कराया। क्रमांक: MP45IGR18132025A101164392 4 फरवरी 2026: विक्रेता दीपक नायक (पिता रामस्वरूप नायक) ने क्रेता रानी नायक (पति दीपक नायक) के पक्ष में विक्रय पत्र कराया। क्रमांक: MP45IGR18132026A100139785 13 अक्टूबर 2025: विक्रेता विशाल सेन ने क्रेता फूलचंद (पिता मिश्रीलाल) के पक्ष में विक्रय पत्र कराया। क्रमांक: MP45IGR18132025A100925032 SDOP बोले- जांच में अन्य लोगों के नाम सामने आने पर कार्रवाई औबेदुल्लागंज SDOP सलिल शर्मा ने बताया कि मामले में जांच जारी है। जांच के दौरान नए तथ्य सामने आ सकते हैं। उन्होंने कहा कि कथित फर्जीवाड़े में अन्य लोगों की भूमिका सामने आने पर उनके नाम भी FIR में शामिल किए जा सकते हैं। सात दिन के धरने के बाद धरना खत्म सरकारी जमीन से जुड़े मामले में कार्रवाई की मांग को लेकर भाजपा नेता और सामाजिक कार्यकर्ता बच्चन सिंह लोधी 7 दिन से अनिश्चितकालीन धरने पर बैठे थे। पुलिस ने 13 लोगों के खिलाफ FIR दर्ज की, जिसके बाद उन्होंने धरना समाप्त कर दिया।

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