सीधी के कन्या महाविद्यालय की छात्राओं के GDC सीधी UG बैच-2025 व्हाट्सएप ग्रुप में स्पोर्ट्स टीचर उमेश पाठक ने 6 अश्लील वीडियो भेजे। साथ में मैसेज लिखा- इस वीडियो को खोलकर देखें। भ्रष्ट नेता पकड़े गए। इसके बाद टीचर ने मोबाइल बंद कर लिया। जानकारी के मुताबिक, मामला 31 अक्टूबर को दोपहर करीब 1 बजे का है। वीडियो देखने के बाद छात्राओं ने महाविद्यालय के प्रोफेसर डॉ. देवेंद्र सोनी से शिकायत की। उन्होंने ग्रुप से वीडियो हटाने के लिए कहा, लेकिन करीब 4 घंटे तक वीडियो नहीं हटाए गए। बवाल के बाद मोबाइल बंद किया, फिर हैक होने की बात कही वीडियो शेयर होने के बाद ग्रुप में बवाल मच गया। छात्राएं बार-बार वीडियो डिलीट करने के लिए कहती रहीं, लेकिन वीडियो डिलीट नहीं किए गए। इसके बाद छात्राएं प्राचार्य ओपी नामदेव के पास पहुंचीं और प्रोफेसर उमेश पाठक के खिलाफ शिकायत की। प्राचार्य ओपी नामदेव ने बताया- उन्होंने उमेश पाठक को बार-बार फोन किया, लेकिन कॉल नहीं लगा। उनका मोबाइल बंद था। करीब 4 घंटे बाद प्राचार्य ने ग्रुप एडमिन से कहकर वीडियो डिलीट कराए। बवाल खत्म होने के बाद उमेश पाठक शाम करीब 6 बजे कोतवाली थाने पहुंचे और मोबाइल हैक होने के संबंध में आवेदन दिया। उन्होंने कहा कि उनका मोबाइल हैक हुआ था, लेकिन करीब आधे घंटे में दोबारा चालू हो गया। छात्राओं का आरोप- प्राचार्य शिक्षक का बचाव कर रहे छात्राओं का आरोप है कि शिकायत के बावजूद उनकी बात गंभीरता से नहीं ली जा रही। उनका कहना है कि प्राचार्य शिक्षक का बचाव करते नजर आते हैं। छात्राओं के मुताबिक, प्राचार्य भी उस व्हाट्सएप ग्रुप में मौजूद थे, जिसमें अश्लील वीडियो भेजे गए थे। प्राचार्य बोले- छात्राओं की शिकायत पर जांच कर रहे प्राचार्य ओपी नामदेव ने कहा- छात्राओं की शिकायत पर मामले की जांच की जा रही है। उमेश पाठक ने मोबाइल हैक होने की बात कही है। हालांकि, पाठक ने यह नहीं बताया कि उनके नंबर से किसी अन्य नंबर या व्हाट्सएप ग्रुप में भी ऐसे वीडियो भेजे गए थे या नहीं। बताया जा रहा है कि- प्रिंसिपल ने शिक्षक से मोबाइल हैक होने की शिकायत थाने में दर्ज कराने के लिए कहा था। शिक्षक के खिलाफ अभी तक कोई कार्रवाई भी नहीं हुई है। प्राचार्य के अलावा दूसरे प्रोफेसर भी उस ग्रुप के एडमिन थे। उन्होंने ग्रुप से वीडियो डिलीट किए हैं। कॉलेज और छात्राओं से नहीं मिली शिकायत कोतवाली थाना प्रभारी दिव्य प्रकाश त्रिपाठी ने बताया- शिक्षक ने आवेदन दिया है, लेकिन मामला साइबर सेल से जुड़ा है। इसकी जांच साइबर एक्सपर्ट ही करेंगे। छात्राओं और कॉलेज प्रबंधन की तरफ से पुलिस को कोई शिकायत नहीं मिली है। क्या कहते हैं एक्सपर्ट साइबर सेल में पदस्थ अधिकारी कृष्ण मिश्रा ने बताया- अभी इस मामले में उनके पास कोई शिकायत नहीं आई है। आमतौर पर किसी का WhatsApp हैक होने पर सिर्फ एक ग्रुप में मैसेज नहीं भेजे जाते, बल्कि उससे जुड़े कई लोगों को मैसेज भेजे जाते हैं। उन्होंने बताया- ऐसे मामलों में अक्सर पैसों की मांग भी की जाती है। हालांकि, इस मामले में क्या हुआ है, यह जांच का विषय है। आवेदन मिलने पर इसकी जांच की जाएगी। ……………….. यह खबर भी पढ़ें डॉक्टर-साध्वी समेत 50+ महिलाओं के अश्लील VIDEO बनाए ग्वालियर पुलिस ने सोशल मीडिया के जरिए महिलाओं को जाल में फंसाने वाले युवक को पकड़ा है। उसके मोबाइल से 50 से ज्यादा आपत्तिजनक वीडियो मिले हैं। इनमें MP और UP के अलग-अलग शहरों की महिलाएं शामिल हैं। पढ़ें पूरी खबर…
