इंदौर में 19 सितंबर को प्रस्तावित राहुल गांधी के ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम को लेकर कांग्रेस और प्रशासन आमने-सामने हैं। 11 दिन से प्रयासरत कांग्रेस को अब तक कार्यक्रम की अनुमति नहीं मिली है। अनुमति का लेटर कलेक्टर, नगर निगम, पुलिस और इंदौर डबलपमेंट अथॉरिटी (IDA) के बीच घूम रहा है। उधर, कांग्रेस ने साफ कर दिया है कि अनुमति मिले या न मिले, कार्यक्रम होकर रहेगा। वहीं प्रशासन वैधानिक प्रक्रिया के तहत निर्णय लेने की बात कह रहा है। पार्टी ने दावा किया है कि बुधवार को 24 घंटे में 50 हजार के साथ 1.50 लाख से ज्यादा रजिस्ट्रेशन हो चुके हैं। नेहरू स्टेडियम के पुराने आयोजनों का हवाला कांग्रेस ने नेहरू स्टेडियम में पहले हुए बड़े आयोजनों का हवाला देते हुए अनुमति नहीं देने पर सवाल उठाए हैं। पार्टी ने 8 फरवरी 2026 को भाजपा विधायक गोलू शुक्ला के बेटे रुद्राक्ष शुक्ला के यूथ वॉक कार्यक्रम और 10 नवंबर 2024 को 5 हजार महिलाओं के सामूहिक तलवारबाजी प्रदर्शन का उदाहरण दिया है। कांग्रेस का तर्क है कि जब स्टेडियम में पहले बड़े आयोजन हो चुके हैं तो राहुल गांधी के कार्यक्रम के लिए अनुमति में दिक्कत क्यों आ रही है। दूसरी ओर प्रशासन आयोजन की अनुमति को निर्धारित नियमों और सुरक्षा व्यवस्था के आधार पर देखने की बात कह रहा है। एक दिन में 50 हजार रजिस्ट्रेशन से बढ़ी हलचल बुधवार को 24 घंटे में 50 हजार से ज्यादा रजिस्ट्रेशन होने के बाद कांग्रेस में उत्साह बढ़ा है। पार्टी का दावा है कि 19 सितंबर तक यह आंकड़ा और बढ़ेगा। बड़ी संख्या में संभावित भीड़ को देखते हुए पुलिस भी सुरक्षा और व्यवस्थाओं से जुड़े पहलुओं पर जानकारी जुटा रही है। आयोजन स्थल तय होना अभी बाकी है। कांग्रेस ने रीजनल पार्क के सामने की जमीन के विकल्प पर भी अनुमति मांगी है, जबकि नेहरू स्टेडियम को लेकर नगर निगम पहले ही अनुमति खारिज कर चुका है। अनुमति पर कलेक्टर बोले- वैधानिक प्रक्रिया का पालन होगा कलेक्टर शिवम वर्मा ने कहा कि कार्यक्रम की अनुमति के लिए वैधानिक प्रक्रिया निर्धारित है। उनके मुताबिक अनुमति के लिए पुलिस विभाग के पास आवेदन लगाया जाता है। आवेदन मिलने के बाद पुलिस उसका नियमानुसार परीक्षण करेगी और प्रक्रिया के अनुसार ही अनुमति जारी की जाएगी। अनुमति का मुद्दा अब राजनीतिक प्रतिष्ठा का सवाल 19 सितंबर की तारीख नजदीक आने के साथ अनुमति का मामला प्रशासनिक प्रक्रिया से आगे बढ़कर कांग्रेस और भाजपा के बीच राजनीतिक बहस का मुद्दा बन गया है। कांग्रेस इसे बड़े युवा कार्यक्रम की अनुमति से जोड़कर देख रही है, जबकि भाजपा की ओर से भी कार्यक्रम को लेकर बयानबाजी तेज है। अब निगाहें आयोजन स्थल और पुलिस की अनुमति पर टिकी हैं।
