पांढुर्णा में 65 लाख की लागत से बन रही एक सड़क के डामरीकरण के काम पर सवाल खड़े हो गए हैं। धनुष लॉन से भंडारगोंदी बायपास तक चल रहे इस निर्माण कार्य का एक वीडियो सामने आया है, जिसमें मजदूर तेज बारिश के बीच भी सड़क बनाते हुए नजर आ रहे हैं। मंगलवार शाम को हुए इस काम का वीडियो सामने आने के बाद सड़क की मजबूती, गुणवत्ता और काम के तरीके पर सवाल उठने लगे हैं। स्थानीय लोगों और तकनीकी जानकारों का कहना है कि नियमों के मुताबिक, डामरीकरण का काम हमेशा सूखी सड़क और साफ मौसम में ही किया जाना चाहिए। बारिश के पानी के बीच डामर बिछाने से गिट्टी और डामर की पकड़ कमजोर हो जाती है, जिससे सड़क बहुत जल्दी उखड़ने लगती है और उसकी उम्र कम हो जाती है। लाखों रुपए की लागत से बन रही इस सड़क की ऐसी हालत देख लोगों ने नाराजगी जताई है। चश्मदीदों का दावा- काम नहीं रोका गया वहां मौजूद लोगों के अनुसार, पानी गिरने के बावजूद ठेकेदार के मजदूर लगातार काम में जुटे रहे। वीडियो में भी साफ तौर पर दिख रहा है कि बारिश के बीच ही सड़क बनाने का काम धड़ल्ले से जारी था। लोगों का आरोप है कि मौसम बिगड़ता देख ठेकेदार को तुरंत काम रुकवा देना चाहिए था, लेकिन लापरवाही बरतते हुए काम को जारी रखा गया। इंजीनियर बोले- हमने तो डंपर वापस भेज दिया था नगर पालिका के इंजीनियर विवेक बेलिया ने कहा कि जैसे ही बारिश शुरू हुई थी, ठेकेदार को तुरंत काम बंद करने के निर्देश दे दिए गए थे। अधिकारियों के मुताबिक, खराब मौसम को देखते हुए डामर (मटेरियल) लेकर आ रहे एक डंपर को भी मौके से वापस लौटा दिया गया था और काम रोक दिया गया था।
