मऊगंज जिले के नईगढ़ी क्षेत्र में मंगलवार रात को सातवीं मोहर्रम के मौके पर अकीदतमंदों ने पारंपरिक ‘निशान जुलूस’ निकाला। हजरत इमाम हुसैन और कर्बला के शहीदों की याद में मनाए जा रहे इस 10 दिनों के मोहर्रम पर्व के दौरान अलग-अलग मोहल्लों से ये जुलूस निकले और इमामबाड़ा पहुंचे। यहां सभी ने मिलकर देश में सुख-शांति, खुशहाली और आपसी भाईचारे के लिए दुआएं मांगीं। जानकारी के मुताबिक, मंगलवार शाम करीब 8:30 बजे से लोग अपने घरों से निशान (धार्मिक झंडे) लेकर जुलूस की शक्ल में जुटना शुरू हुए। मजहबी नारों के साथ यह जुलूस नईगढ़ी के विभिन्न रास्तों से होता हुआ कर्बला शरीफ पहुंचा, जहां सबने मिलकर फातिहा पढ़ी। इसके बाद जुलूस कस्बा के मुख्य मार्गों से गुजरता हुआ किला परिसर के पास ‘बड़ी चौक’ पहुंचा, जहां दोबारा सामूहिक फातिहा का आयोजन किया गया। रात करीब 10 बजे कार्यक्रम पूरा होने के बाद सभी लोग अपने घरों को लौटे। घरों में कुरानखानी और लंगर, सातवीं मोहर्रम का रहा विशेष महत्व मोहर्रम का चांद नजर आने के बाद से ही पूरे इलाके में इबादत और धार्मिक कार्यक्रम शुरू हो गए थे। मुस्लिम समुदाय के लोग अपने घरों में कुरानखानी करा रहे हैं और लंगर-फातिहा का दौर चल रहा है। मोहर्रम की सातवीं तारीख का खास महत्व होने के कारण इस दिन निशान चढ़ाने के लिए कर्बला शरीफ में बड़ी संख्या में लोग पहुंचे। दसवीं मोहर्रम को जुटेगी भीड़, आसपास के गांवों से आएंगे ताजिए नईगढ़ी में मोहर्रम की दसवीं तारीख को मुख्य और आयोजन किया जाएगा। इस दिन भलुहा, बर्रोहा, लालगंज और चकरहन टोला जैसे आसपास के इलाकों से ताजियों के जुलूस नईगढ़ी पहुंचेंगे। इस दौरान हजारों की तादाद में लोग ताजियों के दर्शन (जियारत) के लिए जुटेंगे और कर्बला के शहीदों को अपनी श्रद्धांजलि देंगे।
