जबलपुर के बरगी बांध में हुए क्रूज हादसे की न्यायिक जांच तेज हो गई है। जांच आयोग ने पर्यटन विभाग के अधिकारियों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। इसी बीच हादसे के प्रत्यक्षदर्शी और बचाव कार्य में शामिल रहे बरगी निवासी नीरज मिश्रा ने आयोग के सामने गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका दावा है कि हादसे के बाद मौके पर पहुंची 108 एम्बुलेंस में चालक के अलावा कोई मेडिकल स्टाफ नहीं था। इससे घायलों को समय पर प्राथमिक उपचार नहीं मिल सका। इसका वीडियो भी सामने आया है। 14 बिंदुओं की शिकायत और पेनड्राइव सौंपी नीरज मिश्रा ने न्यायिक जांच आयोग के अध्यक्ष जस्टिस संजय द्विवेदी को 14 बिंदुओं पर आधारित शिकायत और एक पेन ड्राइव सौंपी है। उन्होंने बताया कि क्रूज डूबने के बाद कई लोगों को पानी से बाहर निकाला गया था और उनमें से कुछ की सांसें चल रही थीं। उन्हें तत्काल चिकित्सकीय सहायता की जरूरत थी, लेकिन मौके पर पहुंची एम्बुलेंस में न कोई अटेंडर था और न ही प्राथमिक उपचार देने वाला मेडिकल स्टाफ। वीडियो भी जांच समिति को सौंपा गया शिकायतकर्ता के अनुसार एम्बुलेंस चालक ने स्वीकार किया था कि वह अकेले मौके पर पहुंचा था। उनका कहना है कि यदि घायलों को समय रहते सीपीआर, ऑक्सीजन और अन्य जरूरी चिकित्सा सहायता मिल जाती, तो कुछ लोगों की जान बच सकती थी। इस संबंध में एक वीडियो भी जांच समिति को सौंपा गया है। इस हादसे में 13 लोगों की मौत हुई थी 30 अप्रैल की शाम करीब 5:30 बजे बरगी बांध के बैकवॉटर क्षेत्र में 41 लोगों को लेकर निकला क्रूज मैकल रिसॉर्ट से लगभग चार किलोमीटर दूर पानी में डूब गया था। इस हादसे में 13 लोगों की मौत हो गई थी, जबकि 28 लोगों को सुरक्षित बचा लिया गया था। आयोग को 60 दिन में सौंपना है रिपोर्ट राज्य सरकार द्वारा गठित न्यायिक जांच समिति के समक्ष पर्यटन विभाग के तत्कालीन महाप्रबंधक, रिसॉर्ट प्रबंधक और क्रूज चालक के बयान दर्ज किए जा चुके हैं। समिति को 60 दिनों के भीतर अपनी रिपोर्ट सरकार को सौंपनी है। हादसे के कारणों को लेकर कई सवाल उठ रहे हैं। क्रूज की तकनीकी स्थिति, मौसम की परिस्थितियां, चालक दल के प्रशिक्षण और सुरक्षा मानकों के पालन को लेकर जांच जारी है। इस बीच हादसे में शामिल क्रूज को डिस्मेंटल किए जाने पर भी सवाल खड़े हुए हैं। क्रूज और पर्यटकों का बीमा नहीं था नीरज मिश्रा ने शिकायत में यह मुद्दा भी उठाया है कि राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण की गाइडलाइन के अनुसार नौका या क्रूज में सवार यात्रियों के लिए बीमा व्यवस्था होना चाहिए। उनका आरोप है कि जिस क्रूज में हादसा हुआ, उसका और उसमें सवार पर्यटकों का कोई बीमा नहीं था, जबकि प्रत्येक यात्री से 200 रुपए टिकट शुल्क लिया गया था। बीमा नहीं देने पर SC जाने की चेतावनी उन्होंने मांग की है कि मृतकों के परिजनों को बीमा नियमों के अनुसार मुआवजा दिया जाए। यदि ऐसा नहीं होता तो वे मामले को लेकर उच्च न्यायालय और सर्वोच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाने की बात कह रहे हैं। वहीं जांच आयोग प्रस्तुत साक्ष्यों और शिकायतों के आधार पर पूरे घटनाक्रम की पड़ताल कर रहा है। इन बिंदुओं में जांच की मांग यह खबरें भी पढ़ें… 1. न्यायिक आयोग करेगा जबलपुर क्रूज हादसे की जांच मध्य प्रदेश सरकार ने जबलपुर क्रूज हादसे की न्यायिक जांच के आदेश जारी कर दिए हैं। इसके लिए हाई कोर्ट के रिटायर्ड जज संजय द्विवेदी की अध्यक्षता में एक सदस्यीय जांच आयोग बनाया है। आयोग को 3 महीने के भीतर 5 बिंदुओं पर जांच करके अपनी रिपोर्ट देनी होगी। पढ़ें पूरी खबर… 2. जबलपुर क्रूज हादसे का एक और VIDEO जबलपुर में 30 अप्रैल को हुए बरगी क्रूज हादसे का एक और वीडियो बुधवार को सामने आया। इसमें क्रूज से गिरने के बाद लोग पानी में जान बचाने के लिए तैरते दिखे। महिलाएं और बच्चे भी जद्दोजहद करते नजर आए। पढ़ें पूरी खबर… 3. डूबते क्रूज में लाइफ जैकेट ढूंढते रहे यात्री जबलपुर में नर्मदा नदी पर बने बरगी डैम में मौसम विभाग के ऑरेंज अलर्ट के बाद भी यात्रियों को बिना लाइफ जैकेट चढ़ाया गया। हादसे में बचे रोशन आनंद ने बताया कि क्रूज पर सवार होने के दौरान किसी यात्री को लाइफ जैकेट नहीं दी गई। पढ़ें पूरी खबर…
