मध्यप्रदेश पुलिस को पिछले तीन माह से जिस गांजा तस्कर की तलाश थी, उसे आखिरकार जबलपुर क्राइम ब्रांच ने गिरफ्तार कर लिया। क्राइम ब्रांच और बरेला थाना पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में मोस्ट वांटेड तस्कर बुलराजू राव, निवासी आंध्र प्रदेश, को पकड़ा गया। उसके कब्जे से 33 किलो 300 ग्राम गांजा बरामद हुआ है, जिसकी कीमत करीब 16 लाख 65 हजार रुपए बताई जा रही है। पुलिस ने आरोपी के पास से एक लग्जरी कार भी जब्त की है। पुलिस के अनुसार, बुलराजू राव पहले भी कई बार मध्यप्रदेश, उत्तर प्रदेश और छत्तीसगढ़ पुलिस को चुनौती देते हुए कह चुका था कि उसे कोई भी राज्य की पुलिस नहीं पकड़ सकती। ओडिशा से गांजा लाकर करता था सप्लाई जबलपुर क्राइम ब्रांच के एएसपी जितेंद्र सिंह को लगातार सूचना मिल रही थी कि ओडिशा से गांजा लाकर जबलपुर के विभिन्न क्षेत्रों में खपाया जा रहा है। इस सूचना को गंभीरता से लेते हुए एसपी संपत उपाध्याय ने विशेष टीम गठित की। टीम ने तस्कर की गतिविधियों और उसके संभावित मार्गों पर लगातार नजर रखी। इससे पहले भी जबलपुर पुलिस ने उसकी घेराबंदी की थी, लेकिन वह हर बार बच निकलने में सफल रहा था। इसी दौरान एएसपी जितेंद्र सिंह को मुखबिर से सूचना मिली कि बुलराजू राव एक बार फिर ओडिशा से गांजा लेकर जबलपुर पहुंचने वाला है। मूल रूप से आंध्र प्रदेश के कलवापल्ली का रहने वाला बुलराजू हाल ही में तिलवारा थाना क्षेत्र के शास्त्री नगर में किराए का मकान लेकर रह रहा था। पुलिस को जानकारी मिली थी कि वह बड़ी खेप की सप्लाई की तैयारी में है, जिसके बाद टीम ने उसके मूवमेंट पर नजर रखते हुए कार्रवाई की योजना बनाई। पुलिस ने आरोपी की कार का करीब 30 किलोमीटर तक पीछा किया आरोपी कार से जबलपुर आ रहा है, इसकी सूचना मिलते ही एएसपी ने क्राइम ब्रांच की टीम को जबलपुर-मंडला बॉर्डर पर तैनात कर दिया। देर रात बुलराजू सफेद रंग की कार (एमपी 20 जेडडी 2740) में बड़ी मात्रा में गांजा लेकर जबलपुर की ओर बढ़ रहा था। पुलिस ने उसकी कार का करीब 30 किलोमीटर तक पीछा किया और बरेला के पास घेराबंदी कर उसे पकड़ लिया। प्रारंभिक तलाशी में कार के अंदर कुछ नहीं मिला। इसके बाद जब पुलिस ने सघन जांच की, तो बोनट खोलने पर इंजन के ऊपर छिपाकर रखा गया गांजा बरामद हुआ।
छोटे-छोटे पैकेट बनाकर छिपाया था गांजा एएसपी जितेंद्र सिंह ने बताया कि आरोपी बेहद शातिर था। उसने पुलिस की नजरों से बचने के लिए गांजा छोटे-छोटे पैकेटों में पैक कर कार के दरवाजों और इंजन के ऊपर छिपा रखा था। जांच के दौरान कार से आधा-आधा किलो के 10 पैकेट और एक-एक किलो के 27 पैकेट बरामद किए गए। कार को देखकर यह अंदाजा लगाना मुश्किल था कि उसमें लाखों रुपए का गांजा छिपाकर रखा गया है। पूछताछ में बुलराजू ने बताया कि उसने ओडिशा के टिटलागढ़ से मोबाइल पर संपर्क कर गांजा खरीदा था। यह खेप जबलपुर के भानतलैया निवासी शुभम सोनकर को सप्लाई की जानी थी। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट की धारा 8/20 के तहत मामला दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया है। उसके कब्जे से गांजा, लग्जरी कार, दो मोबाइल फोन और 2,740 रुपए नकद जब्त किए गए हैं। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, अवैध गांजा तस्करी के खिलाफ यह कार्रवाई इस वर्ष जबलपुर पुलिस की सबसे बड़ी सफलताओं में से एक मानी जा रही है।
