रायसेन जिले के सांचेत गांव में काल भैरव धाम के पीठाधीश्वर सुनील सराठे और ग्रामीणों के बीच हुए विवाद ने तूल पकड़ लिया है। गुरुवार देर शाम घायल पक्ष के परिजनों ने विश्वकर्मा समाज के लोगों के साथ जिला अस्पताल के सामने हंगामा किया। उन्होंने बाबा के खिलाफ नारेबाजी करते हुए पुलिस प्रशासन से सख्त कार्रवाई की मांग की। हंगामे की सूचना मिलते ही अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कमलेश कुमार खरपुसे, एसडीओपी प्रतिभा शर्मा और देहगांव थाना प्रभारी नरेंद्र गोयल मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों को समझा-बुझाकर सड़क से हटाया और स्थिति को शांत कराया। घायल पक्ष की ओर से दुर्जन सिंह विश्वकर्मा निवासी ग्राम सांचेत ने पुलिस को दिए आवेदन में आरोप लगाया है कि 24 मई को उनके घर विदिशा से रिश्तेदार आए थे, जिनमें सोनू पंडा की पत्नी आरती भी शामिल थीं। इसी बात को लेकर विवाद शुरू हुआ। आरोप- गाली-गलौज करते हुए धमकियां दीं
आवेदन में कहा गया है कि सुनील सराठे अपने साथियों राहुल लोधी, अभिषेक लोधी, हीरेन्द्र और अन्य लोगों के साथ उनके घर पहुंचे। उन्होंने गाली-गलौज करते हुए धमकियां दीं। इसके बाद, 27 मई को जब दुर्जन सिंह भोपाल में इलाज के लिए गए हुए थे, तब सुनील सराठे, उनके भाई अनिल, ड्राइवर और अन्य साथियों ने घर पहुंचकर रामप्रसाद विश्वकर्मा, मुन्नालाल विश्वकर्मा, ममतेश, पूनेश, विशाल सहित घर की महिलाओं के साथ लाठी-डंडों से मारपीट की। इस हमले में 78 वर्षीय रामप्रसाद विश्वकर्मा गंभीर रूप से घायल हो गए। उनके सिर में गंभीर चोट आई और जिला अस्पताल में 8 से 9 टांके लगाए गए हैं। अन्य घायलों के हाथ और शरीर में भी चोटें आई हैं। विश्वकर्मा समाज ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। पुलिस फिलहाल मामले की जांच में जुटी हुई है।
