दतिया शहर की जिस ठंडी सड़क पर लोग सुकून की सांस लेने आते थे, आज वह प्रशासनिक अदूरदर्शिता और लापरवाही का शिकार होकर आफत की सड़क बन गई है। अमृत 2.0 योजना के तहत पाइप लाइन बिछाने के नाम पर हो रही बेतरतीब खुदाई ने शनिवार को उस वक्त ट्रैफिक की रफ्तार रोक दी, क्योंकि खुदाई के गड्ढे में एक लोडिंग वाहन का पहिया जा धंसा। नगर का यह सबसे व्यस्त मार्ग कलेक्ट्रेट, जिला अस्पताल और ग्वालियर-झांसी हाईवे को जोड़ने वाला मुख्य सिरा है। नियम और तर्क कहते हैं कि ऐसी सड़कों पर भारी काम रात के समय होना चाहिए, लेकिन यहां अंधेर नगरी वाला हाल है। पिछले तीन दिनों से रात की बजाय दिन के उजाले में, जब ट्रैफिक का दबाव चरम पर होता है, तब जेसीबी मशीनें सड़क का सीना छलनी कर रही हैं। वाहन का पहिया गड्ढे में फंस गया
उत्कृष्ट विद्यालय के पास जेसीबी से खुदाई चल रही थी। सड़क के दोनों ओर मिट्टी के ढेर और बेरीकेड्स ने रास्ता पहले ही संकरा कर दिया था। इसी बीच वहां से गुजर रहे एक लोडिंग वाहन का पहिया ताजे खोदे गए गड्ढे में फंस गया। वाहन के बीच सड़क पर अटकते ही दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। करीब आधे घंटे तक लोग भीषण गर्मी और धूल के बीच फंसे रहे। हैरानी की बात यह है कि काम कर रहे कर्मचारी पहले स्थिति को अनदेखा करते रहे, लेकिन जब जागरूक राहगीरों ने मोबाइल निकालकर वीडियो और फोटो बनाना शुरू किया, तब कहीं जाकर ठेकेदार की नींद टूटी और जेसीबी के जरिए वाहन को निकालने की कवायद शुरू की गई। मुख्य समस्याएं जो जनता झेल रही है
