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वर्ल्ड अपडेट्स:ट्रम्प समर्थक विवेक रामास्वामी ओहायो से गवर्नर चुनाव लड़ेंगे, नवंबर में वोटिंग

अमेरिकी कारोबारी और ट्रम्प समर्थक विवेक रामास्वामी ने ओहायो गवर्नर चुनाव के लिए रिपब्लिकन पार्टी का टिकट जीत लिया है। वे अब नवंबर में होने वाले आम चुनाव में उतरेंगे, जहां उनका मुकाबला डेमोक्रेट उम्मीदवार एमी एक्टन से होगा। रामास्वामी 2024 में राष्ट्रपति चुनाव की दौड़ में भी थे, लेकिन बाद में उन्होंने डोनाल्ड ट्रम्प को समर्थन दिया। ट्रम्प ने भी उनके टिकट जीतने पर खुलकर तारीफ की और उन्हें मजबूत उम्मीदवार बताया। रामास्वामी ने टिकट जीतने के लिए चुनाव प्रचार के दौरान अपनी ही पार्टी के बजाय सीधे डेमोक्रेट उम्मीदवार एक्टन को निशाने पर रखा। एक्टन कोविड दौर में ओहायो की पब्लिक हेल्थ डायरेक्टर रहीं और अब वे राज्य को सस्ता और आम लोगों के लिए आसान बनाने के वादे के साथ चुनाव लड़ेंगी। रामास्वामी को पार्टी के बड़े नेताओं का भी साथ मिला है। उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने खुद आकर उनके समर्थन में वोट डाला। हाल के सालों में ओहायो में रिपब्लिकन पार्टी की पकड़ मजबूत हुई है, जिसका फायदा भी उन्हें मिल रहा है। अंतरराष्ट्रीय मामलों से जुड़ी ये खबर भी पढ़ें… ब्रिटेन में एक शख्स ने एक्स गर्लफ्रेंड के नाम से फेक डेटिंग प्रोफाइल बनाई, 18 लोगों को महिला के घर भेजा ब्रिटेन में 36 साल के एक शख्स ने अपनी एक्स गर्लफ्रेंड के नाम से फेक डेटिंग प्रोफाइल बनाई। इसके बाद उसने लोगों को उसके घर भेजा, जिससे महिला और उसके परिवार की जान खतरे में पड़ गई। आरोपी की पहचान असद हुसैन के रूप मे हुई है, जिसे कोर्ट ने दोषी ठहराया है। आरोपी ने डेटिंग ऐप टिंडर पर कई नकली अकाउंट बनाकर खुद को महिला बताकर मैसेज भेजे। इन मैसेज में पुरुषों को महिला के घर आने के लिए उकसाया गया। पुलिस के मुताबिक, कम से कम 18 लोग अलग-अलग समय पर महिला के घर पहुंच गए। जांच में सामने आया कि आरोपी ने जुलाई 2024 में ब्रेकअप के तुरंत बाद यह साजिश शुरू की। कोर्ट में बताया गया कि एक ही रात में 4 लोग घर पहुंच गए थे। एक मामले में एक व्यक्ति ने दरवाजा तोड़ने की कोशिश की, जबकि दूसरी घटना में महिला की गैरमौजूदगी में एक शख्स घर में घुस गया जहां उसकी नाबालिग बेटी अकेली थी। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आरोपी का मकसद महिला और उसके बच्चों को अधिकतम नुकसान पहुंचाना था। फिलहाल आरोपी को सजा जून में सुनाई जाएगी। स्पेन ने हंतावायरस से प्रभावित क्रूज शिप को एंट्री दी, अब तक 3 लोगों की मौत हो चुकी स्पेन ने हंतावायरस (चूहों वाले वायरस) से जूझ रहे क्रूज शिप एमवी होंडियस को कैनरी आइलैंड्स में उतरने की अनुमति दे दी है। यह फैसला मानवीय आधार पर लिया गया है, ताकि जहाज पर मौजूद यात्रियों और क्रू मेंबर्स को तुरंत इलाज मिल सके। अप्रैल की शुरुआत में शुरू हुए इस संक्रमण में अब तक तीन लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि एक ब्रिटिश नागरिक की हालत गंभीर बनी हुई है और उसका इलाज साउथ अफ्रीका में चल रहा है। जहाज के दो क्रू मेंबर्स को भी तत्काल मेडिकल सहायता की जरूरत है। शिप पहले पश्चिम अफ्रीका की ओर जा रहा था, लेकिन वहां उतरने की अनुमति नहीं मिली। इसके बाद स्पेन ने आगे आकर जिम्मेदारी संभाली। यह कदम विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) और यूरोपीय संघ (EU) के अनुरोध पर उठाया गया। स्पेन के स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक, जहाज के पहुंचने पर सभी यात्रियों और स्टाफ की मेडिकल जांच की जाएगी। संक्रमित लोगों का इलाज किया जाएगा और बाकी लोगों को उनके देशों में सुरक्षित वापस भेजा जाएगा। साथ ही, WHO इस मामले की जांच कर रहा है कि क्या यह संक्रमण करीबी संपर्क से फैला है। अगर ऐसा साबित होता है, तो यह हंतावायरस के मामलों में एक नया और गंभीर संकेत माना जाएगा। हंतावायरस से जुड़ी यह खबर पढ़ें… ट्रम्प से टकराव के बाद फ्लोरिडा के गवर्नर की वापसी की तैयारी: 2028 राष्ट्रपति चुनाव पर नजर फ्लोरिडा के गवर्नर रॉन डीसेंटिस 2024 में डोनाल्ड ट्रम्प से मिली हार के बाद अब 2028 के अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव की तैयारी में जुट गए हैं। वे राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पकड़ मजबूत करने के लिए डोनर्स और रिपब्लिकन पार्टी नेताओं से संपर्क बढ़ा रहे हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, डीसेंटिस खुद को ट्रम्प के बाद एक मजबूत दावेदार के रूप में पेश करना चाहते हैं, लेकिन वे MAGA समर्थकों को भी नाराज नहीं करना चाहते। हाल ही में उन्होंने संकेत दिया कि उनकी उम्र और अनुभव उन्हें भविष्य में बड़े मौके दे सकते हैं। चुनाव के दौरान ट्रम्प और डीसेंटिस के बीच तीखी बयानबाजी हुई थी, लेकिन अब दोनों के रिश्तों में नरमी दिख रही है। हाल के महीनों में दोनों साथ नजर आए हैं और ट्रम्प ने भी डीसेंटिस के काम की तारीफ की है। इसके बावजूद, ट्रम्प समर्थकों के बीच डीसेंटिस को लेकर संदेह बना हुआ है। कई लोग मानते हैं कि 2024 में ट्रम्प को चुनौती देने का असर उनकी छवि पर पड़ा है। इसी बीच रिपब्लिकन पार्टी में अन्य दावेदार भी उभर रहे हैं। जेडी वेंस को मजबूत उम्मीदवार माना जा रहा है, जबकि मार्को रुबियो को भी पार्टी के अंदर समर्थन मिल रहा है। सुरक्षा कारणों से पाकिस्तान के पेशावर में अमेरिकी कॉन्सुलेट बंद होगा अमेरिका ने पाकिस्तान के पेशावर में स्थित अपना कॉन्सुलेट बंद करने का फैसला किया है। अमेरिकी विदेश विभाग ने मंगलवार को कहा कि यह कदम राजनयिक कर्मचारियों की सुरक्षा और संसाधनों के बेहतर प्रबंधन को ध्यान में रखकर उठाया गया है। अब खैबर पख्तूनख्वा प्रांत से जुड़े सभी राजनयिक काम इस्लामाबाद स्थित अमेरिकी दूतावास से संचालित किए जाएंगे। खैबर पख्तूनख्वा अफगानिस्तान से सटा संवेदनशील क्षेत्र है, जहां अक्सर आतंकी हमले और सुरक्षा बलों के साथ झड़पें होती रहती हैं। पाकिस्तान का कहना है कि इन हमलों में अफगानिस्तान समर्थित आतंकी शामिल होते हैं। हाल ही में मार्च में कराची स्थित अमेरिकी कॉन्सुलेट के बाहर प्रदर्शन के दौरान हिंसा हुई थी, जिसमें 10 लोगों की मौत हो गई थी। यह विरोध ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत के बाद भड़का था। PM मोदी ने वियतनाम के राष्ट्रपति तो लाम से की मुलाकात प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को नई दिल्ली के हैदराबाद हाउस में वियतनाम के राष्ट्रपति तो लाम से मुलाकात की। यह मुलाकात उनके पहले भारत दौरे के दौरान हुई, जिसमें दोनों देशों के बीच रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करने पर चर्चा होनी है। इससे पहले राष्ट्रपति भवन में तो लाम का औपचारिक स्वागत किया गया, जहां राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और PM मोदी ने उनका स्वागत किया। समारोह में सांस्कृतिक कार्यक्रम भी आयोजित किया गया। तो लाम मंगलवार को भारत पहुंचे थे और उन्होंने सबसे पहले बोधगया में महाबोधि मंदिर में पूजा की। इसके बाद वे दिल्ली पहुंचे। प्रधानमंत्री मोदी के साथ उनकी बैठक में द्विपक्षीय सहयोग, क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर चर्चा होगी। राष्ट्रपति मुर्मू भी उनसे अलग से मुलाकात करेंगी। राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल ने भी राष्ट्रपति से मुलाकात कर रणनीतिक साझेदारी को मजबूत करने पर विचार-विमर्श किया। तो लाम 7 मई तक भारत में रहेंगे और इस दौरान मुंबई में एक बिजनेस फोरम में भाग लेकर आर्थिक संबंधों को बढ़ावा देने पर भी चर्चा करेंगे। कराची यूनिवर्सिटी में शिक्षकों का परीक्षा बहिष्कार: बकाया भुगतान न मिलने से ठप हुई पढ़ाई पाकिस्तान की कराची यूनिवर्सिटी में शिक्षकों ने बकाया भुगतान न मिलने के विरोध में सेमेस्टर परीक्षाओं का बहिष्कार कर दिया है, जिससे शैक्षणिक गतिविधियां ठप हो गई हैं। मंगलवार को कराची यूनिवर्सिटी टीचर्स सोसाइटी (KUTS) के आह्वान पर अधिकांश शिक्षकों ने परीक्षा का बहिष्कार किया। उनका कहना है कि उन्हें लंबे समय से शाम की कक्षाओं, परीक्षा ड्यूटी और हाउसिंग अलाउंस का भुगतान नहीं मिला है। शिक्षकों के मुताबिक बढ़ती महंगाई, खासकर ईंधन और जरूरी वस्तुओं की कीमतों में इजाफा, उनकी आर्थिक स्थिति को और खराब कर रहा है। रिपोर्ट के अनुसार यूनिवर्सिटी इस समय करीब 1.3 अरब पाकिस्तानी रुपए के घाटे में है। शिक्षकों ने इस मामले में सिंध के मुख्यमंत्री मुराद अली शाह से हस्तक्षेप और जांच की मांग की है। फिलहाल शिक्षक अपने रुख पर कायम हैं और उन्होंने चेतावनी दी है कि मांगें पूरी होने तक उनका विरोध जारी रहेगा, जिससे हजारों छात्रों का भविष्य प्रभावित हो सकता है।

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