छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में पुलिस ने मंगलवार को ऑनलाइन सट्टा सिंडिकेट से जुड़े नमन जग्गी, आयुष जैन और मोहम्मद सरफराज को गिरफ्तार किया है। इनकी निशानदेही पर पुलिस 9 संदिग्धों को पकड़कर पूछताछ कर रही है। आरोपी नमन और आयुष ऑनलाइन सट्टे की तीन वेबसाइट चला रहे थे। इस नेटवर्क के तार शहर के कुछ बड़े कारोबारियों और सर्राफा व्यापारियों से जुड़े हो सकते हैं। मामला तेलीबांधा थाना क्षेत्र का है। पूरे मामले का पुलिस आज शाम तक खुलासा करेगी। संगठित तरीके से चला रहे थे सट्टा पुलिस जांच में सामने आया है कि, आरोपी संगठित तरीके से सट्टा नेटवर्क चला रहे थे। इसके लिए वे मास्टर आईडी और अलग-अलग पैनल के जरिए खिलाड़ियों को जोड़ते थे। इस कार्रवाई के दौरान आरोपियों के पास से सट्टा-पट्टी, मोबाइल फोन, लैपटॉप और अन्य इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स जब्त किए गए हैं। इसके अलावा करोड़ों रुपए के लेनदेन से जुड़े दस्तावेज भी पुलिस के हाथ लगे हैं, जिनकी जांच की जा रही है। सराफा-होटल कारोबारियों से संपर्क शुरुआती जांच में यह भी संकेत मिले हैं कि, इस नेटवर्क के तार शहर के कुछ बड़े कारोबारियों और सर्राफा व्यापारियों से जुड़े हो सकते हैं। पुलिस इन एंगल्स पर भी जांच कर रही है, ताकि पूरे सिंडिकेट का खुलासा किया जा सके। अधिकारियों का कहना है कि आने वाले दिनों में इस मामले में और गिरफ्तारियां हो सकती हैं। जानकारी के मुताबिक आरोपी “तीन पैनल 777” नाम से सट्टा संचालन कर रहे थे, जिसमें अलग-अलग आईडी के जरिए खिलाड़ियों को जोड़ा जाता था। यह नेटवर्क सोशल मीडिया और मैसेजिंग ऐप्स के जरिए तेजी से फैलाया जा रहा था। पुलिस को लंबे समय से इस गिरोह की गतिविधियों की सूचना मिल रही थी, जिसके बाद निगरानी कर कार्रवाई की गई। 2 कार और 5 मोबाइल जब्त इस पूरे मामले में तेलीबांधा पुलिस ने नमन जग्गी, आयुष जैन, मोहम्मद सरफराज समेत कई लोगों के खिलाफ दर्ज किया है। आरोपियों के पास से 2 कार, 5 मोबाइल और 6 हजार रुपए कैश जब्त किया गया है। फिलहाल, मामले की जांच जारी है। 17 अप्रैल को बाबू खेमानी की हुई थी गिरफ्तारी इससे पहले, 17 अप्रैल को रायपुर के इन्फ्लुएंसर और सट्टा सिंडिकेट का मास्टरमाइंड बाबू खेमानी को रायपुर पुलिस ने मुंबई से गिरफ्तार किया था। इसके साथ ही 6 और आरोपी भी पकड़े गए हैं। उनके कब्जे से BMW समेत 60 लाख का सामान जब्त हुआ था। जांच में खुलासा हुआ था कि, खेमानी के बहुत फॉलोअर थे, जिसका फायदा उठाकर हाई प्रोफाइल सट्टा खेलने वालों लोगों से संपर्क किया। उसने महादेव ऐप की तर्ज पर ‘3 STUMPS’ ऑनलाइन वेबसाइट शुरू किया था। जानकारी के मुताबिक, उसके रिश्तेदार इसे ऑपरेट कर रहे थे। खेमानी दबाव बनाकर सट्टे का पैसा वसूलता था। रायपुर पुलिस के दबाव के कारण उसने दूसरे राज्यों में ऑनलाइन सट्टा खिलाना शुरू कर दिया था। पुलिस इसके विदेशी कनेक्शन की भी जांच कर रही है। अब पढ़ें बाबू खेमानी किस तरह से करता था काम दुबई कनेक्शन और ललित मोदी से मुलाकात जांच के दौरान बाबू खेमानी के नेटवर्क का एक अहम पहलू उसका दुबई कनेक्शन भी सामने आया है, जिसने पूरे मामले को और गंभीर बना दिया है। पुलिस की पूछताछ और जुटाई गई जानकारी के मुताबिक, खेमानी की विदेश यात्राएं सिर्फ घूमने-फिरने तक सीमित नहीं थीं, बल्कि उसके संपर्कों का दायरा देश से बाहर तक फैला हुआ था। ऐसा माना जा रहा है कि दुबई प्रवास के दौरान बाबू खेमानी की मुलाकात आईपीएल के पूर्व कमिश्नर ललित से भी हुई थी। खेमानी सोशल मीडिया पर इसका वीडियो भी शेयर किया है। ललित मोदी वही शख्स हैं, जिन्होंने भारत में इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) की शुरुआत की और क्रिकेट के इस फॉर्मेट को एक बड़े व्यावसायिक मॉडल में बदला। हालांकि, इस मुलाकात का ऑनलाइन सट्टा नेटवर्क से कोई सीधा संबंध है या नहीं, यह फिलहाल स्पष्ट नहीं हो पाया है और जांच एजेंसियां इस पहलू की गहराई से पड़ताल कर रही हैं। लेकिन इस इनपुट के सामने आने के बाद पुलिस ने बाबू खेमानी के इंटरनेशनल कनेक्शन, विदेश यात्राओं और संभावित नेटवर्क को लेकर जांच का दायरा और बढ़ा दिया है। खुद को ‘सेलिब्रिटी’ समझता था खेमानी पूरे मामले में जांच के दौरान एक और दिलचस्प पहलू सामने आया है। बाबू खेमानी खुद को एक ‘सेलिब्रिटी’ की तरह प्रोजेक्ट करता था। बाबू का असली नाम गुलशन खेमानी है, लेकिन बाबू खेमानी के नाम से ही उसे पॉपुलैरिटी मिली। सोशल मीडिया पर उसकी मौजूदगी सिर्फ एक्टिव रहने तक सीमित नहीं थी, बल्कि एक सोची-समझी इमेज बिल्डिंग का हिस्सा थी। वह लगातार हाई-प्रोफाइल लाइफस्टाइल को दिखाने वाले पोस्ट करता था। जैसे महंगी कारें, विदेश यात्राएं, पार्टियां और नेटवर्किंग ताकि फॉलोअर्स के बीच उसकी एक सफल और प्रभावशाली व्यक्ति की छवि बन सके। इस दिखावे के जरिए वह खुद को एक ऐसे व्यक्ति के तौर पर पेश करता था, जिसने कम समय में बड़ी सफलता हासिल की है। जांच से जुड़े सूत्रों के मुताबिक, वह अपने फॉलोअर्स के बीच सिर्फ एक आम इंफ्लुएंसर नहीं, बल्कि एक ‘बड़ा नाम’ बनकर उभरना चाहता था। इसी इमेज को मजबूत करने के लिए उसने क्रिकेट, खासकर आईपीएल से जुड़ा एक अलग एंगल तैयार किया। बताया जा रहा है कि वह आईपीएल मैचों के दौरान “प्रिडिक्शन” के नाम पर लोगों को जोड़ता था और खुद को एक एक्सपर्ट के रूप में प्रेजेंट करता था। आसान भाषा में कहें तो वह खुद को ऐसा व्यक्ति दिखाता था, जिसे मैच की अंदरूनी समझ है और जो सटीक अनुमान लगाकर पैसा कमा सकता है। इसी के जरिए वह लोगों को आसान कमाई का लालच देता था। प्रिडिक्शन और टिप्स के नाम पर फॉलोअर्स को अपने टेलीग्राम लिंक से जोड़ता था, जहां से आगे उन्हें सट्टा नेटवर्क में एंट्री दी जाती थी। ………………………. इससे संबंधित यह खबर भी पढ़िए… सटोरी बाबू खेमानी के घर पुलिस की रेड:विदेशी नेटवर्क से कनेक्शन की जांच, दस्तावेज-डिजिटल रिकॉर्ड खंगाले; एसीसीयू-गंज पुलिस टीम ने मारा छापा रायपुर में ऑनलाइन सट्टा ऐप ‘3 Stumps’ से जुड़े बड़े नेटवर्क पर पुलिस ने शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। इस मामले के कथित मास्टरमाइंड बाबू खेमानी के टाटीबंध स्थित घर पर शुक्रवार को पुलिस ने रेड मारी। कार्रवाई एसीसीयू (एंटी क्राइम एंड साइबर यूनिट) और गंज थाना पुलिस की संयुक्त टीम ने की। छापेमारी के दौरान मौके पर डीएसपी, टीआई समेत कई अधिकारी मौजूद रहे और बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया। पढ़ें पूरी खबर…
