सड़कों का चौड़ीकरण। यहां-वहां बिखरा बिल्डिंग मटेरियल। नालियों का पानी सड़क पर। बिजली पोल की शिफ्टिंग का बड़ा काम। मुख्य मार्गों, गलियों में सीवरेज के लिए खुदाई। सवारी के साथ नागपंचमी का त्योहार। इन सभी चुनौतियों के बीच छह सवारियों को लेकर भक्तों, मंदिर के पुजारियों के माथे पर चिंता की लकीरें उभरना स्वभाविक थी। भास्कर ने तमाम चुनौतियों के बीच छह सवारियों के सफल संचालन के पीछे के चार हीरो से चर्चा की। उनसे जाना आखिर उनके सामने क्या चुनौतियां थीं। चुनौती थी पहली सवारी, हमने प्लान बी भी बनाया
स ड़कों के चौड़ीकरण के बीच सवारियों का संयोग बना। तय हुआ फील्ड वर्क को रात में भी करवाना होगा। हमने प्लान ए के साथ बी भी बनाया था। बड़ी चुनौती थी पहली सवारी निकालना, क्योंकि उस समय तक ढाबा रोड, रामानुज कोट के सामने रामघाट तक की सड़क का चौड़ीकरण किया जा रहा था। -रौशन कुमार सिंह, कलेक्टर
तय था सवारी के बाद 10 जवानों को पुरस्कार देंगे
स वारी में भीड़ नियंत्रण, बैरिकेड्स के आसपास की ड्यूटी, दर्शन में लगे अमले में अच्छा काम करने वाले 10 जवानों को हर सवारी के बाद पुरस्कार देंगे, यह पहले ही तय कर लिया था। हुआ भी यही। शहर के बाहर से आने वाले 800 जवानों को सवारी के एक सप्ताह पहले मौके दिखाए। उन्हें समझाया कि अच्छा व्यवहार करें। -प्रदीप शर्मा, एसपी
48 घंटों तक बिना सोए, अमले के साथ जुटे रहे
ना गपंचमी और तीसरी सवारी एक साथ थी। पहली, दूसरी सवारी के फीडबैक के आधार पर जो कमियां महसूस की थी, उन्हें सुधारा। नागपंचमी के साथ सवारी में जुटे अमले के साथ 48 घंटे तक बिना सोए काम किया। पांचवीं सवारी में रोबोट से भजन गवाए, मंत्रोच्चार करवाया, जो लोगों को पंसद आया। प्रथम कौशिक, प्रशासक मंदिर
कमरी मार्ग, कंठाल, सती गेट को बनाया मॉडल
ए क तरफ सवारी की तैयारी दूसरी ओर खुदी सड़कें। समय कम था। क्या करें। लंबे विमर्श के बाद तय हुआ कमरी मार्ग पर कोबल पत्थर लगवाएंगे। जिससे चौराहा आकर्षक बन गया। इसके बाद कंठाल पर पैवर ब्लॉक। सती गेट के सामने वाली सड़क भी कमरी मार्ग वाला पैटर्न अपनाया। दोनों स्थान मॉडल बनकर उभरे।-अभिलाष मिश्रा, निगमायुक्त
