नया शैक्षणिक सत्र शुरू हुए दो महीने बीत चुके हैं, लेकिन सरकारी कॉलेजों में आरक्षित वर्ग (एससी-एसटी) के छात्रों को अब तक मुफ्त किताबें (टेक्स्ट बुक) नहीं मिली हैं। इसमें यूजी और पीजी के करीब 2.50 लाख विद्यार्थी शामिल हैं। फर्स्ट ईयर के नए प्रवेशित छात्रों के साथ-साथ पुराने स्टूडेंट्स भी सिलेबस की किताबों का इंतजार कर रहे हैं। प्रदेश के सभी कॉलेजों में पीजी स्तर पर सेमेस्टर सिस्टम लागू है और 18 नवंबर से पीजी फर्स्ट और थर्ड सेमेस्टर की परीक्षाएं होनी हैं। इन सिलेबस आधारित किताबों का प्रकाशन मध्य प्रदेश हिंदी ग्रंथ अकादमी करती है और लगभग हर साल यही स्थिति रहती है। पिछले सत्र में भी करीब दो महीने की देरी से किताबें मिली थीं। इस लेटलतीफी का सबसे ज्यादा असर ग्रामीण क्षेत्रों के छात्रों पर पड़ रहा है, क्योंकि वहां लाइब्रेरी में रेफरेंस बुक आसानी से नहीं मिलतीं। ऐसे में टेक्स्ट बुक के बिना उनकी पढ़ाई लगभग ठप है। पीजी की एक भी किताब नहीं देरी इसलिए… प्रवेश से रिजल्ट तक लेट निर्देश ही देर से जारी, अफसर ने टिप्पणी से किया इनकार: उच्च शिक्षा विभाग ने कॉलेजों को किताबें लेने के निर्देश हाल ही में जारी किए। इससे कॉलेज समय पर ऑर्डर नहीं दे सके। क्षेत्रीय अतिरिक्त संचालक डॉ. मथुरा प्रसाद ने टिप्पणी करने से इनकार कर दिया।
